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    छत्तीसगढ़

    धान की रोपाई में आधुनिकता का समावेश, पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से किसानों को मिली बड़ी राहत….

    News DeskBy News DeskJuly 12, 2026No Comments2 Mins Read
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    धान की रोपाई में आधुनिकता का समावेश, पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से किसानों को मिली बड़ी राहत….
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    रायपुर: पैडी ट्रांसप्लांटर (धान रोपने वाली मशीन) का उपयोग खेतों में धान की रोपाई के लिए किया जाता है स यह मशीन पौधों को सही दूरी और समान गहराई पर मिट्टी में लगाती है, जिससे मजदूरों की भारी बचत होती है और पैदावार में 10-20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाती है।

    बालोद जिले में आधुनिक कृषि तकनीकों का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। पारंपरिक खेती के तरीकों में बदलाव की यह तस्वीर गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम पंचायत भरदाकला में साफ दिख रही है। यहां के सरपंच श्री क्रांति भूषण साहू ने अपने खेतों में पैडी ट्रांसप्लांटर यानी धान रोपने वाली मशीन का उपयोग शुरू कर क्षेत्र के किसानों के लिए नई राह दिखाई है।

    ’समय और मेहनत दोनों की बचत’  

    लगभग 35 से 40 एकड़ भूमि पर खेती करने वाले श्री साहू ने इस वर्ष 10 से 12 एकड़ रकबे में पैडी ट्रांसप्लांटर के माध्यम से धान की रोपाई की। उनका कहना है कि पहले मजदूरों से रोपाई कराने में 20 से 25 दिन लग जाते थे। मशीन से यह काम बेहद कम समय में और ज्यादा सटीकता से हो गया।

    ’पैडी ट्रांसप्लांटर किसानों के लिए वरदान’ 

    मशीन से पौधे एक निश्चित दूरी और सीधी कतारों में रोपे जाते हैं। इससे फसल की बढ़वार बेहतर होती है और बाद में निंदाई-गुड़ाई में भी आसानी होती है। कृषि सीजन में मजदूरों की किल्लत एक बड़ी समस्या है। ऐसे में यह तकनीक किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।

    ’लंबी अवधि में किफायती’  

    श्री साहू के अनुसार नर्सरी के लिए ट्रे और अन्य संसाधनों पर शुरुआत में थोड़ा अतिरिक्त खर्च आता है, लेकिन बड़े पैमाने पर खेती के लिए यह तकनीक लंबे समय में काफी किफायती है। उन्होंने कहा, आने वाले समय में मजदूरों की समस्या और समय की कमी को देखते हुए खेती में मशीनीकरण ही एकमात्र विकल्प है। धान रोपाई के लिए पैडी ट्रांसप्लांटर सबसे बेहतरीन और लाभकारी तरीका है।

    ’किसान दिखा रहे रुचि’  

    इस आधुनिक बदलाव से न सिर्फ किसानों की मेहनत कम हुई है, बल्कि समय पर रोपाई होने से पैदावार बढ़ने की भी उम्मीद है। कृषि विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में क्षेत्र के अन्य किसान भी अब इस तकनीक को समझकर अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।

    News Desk

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