टोक्यो: सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी जापान यात्रा के आखिरी दिन यामानाशी में हाई स्पीड मैग्लेव ट्रेन का सफर किया. हाइड्रोजन ग्रीन एनर्जी प्लांट के बाद 600 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हाई स्पीड मैगलेव ट्रेन का अनुभव योगी आदित्यनाथ के लिए रोमांच भरा रहा. लीनियर मैग्लेव ट्रेन 500 किमी की स्पीड से चलती है. अभी जापान की बुलेट ट्रेन 300 किमी की स्पीड से दौड़ती है.
लीनियर मोटर कार 500 की स्पीड से चलती है. अभी की जो जापान की बुलेट ट्रेन है, उसकी स्पीड 300 किलोमीटर प्रतिघंटा है. वहीं यह लीनियर मैग्लेव ट्रेन चुंबकीय बल से चलती है या कहें हवा में 500 की स्पीड में उड़ती है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जापान यात्रा के दूसरे दिन यामानाशी प्रांत में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का दौरा किया. इस दौरान योगी ने पानी से हाइड्रोजन और बिजली बनाने की तकनीक को समझा. टोक्यो से यामनाशी जाते हुए तुलसी नाम की एक साध्वी तुलसी अपने साथियों से योगी से मिलीं.
साध्वी तुलसी ने बताया कि वे जापान में हिंदू और जैन धर्म का प्रचार कर रही हैं. उनके साथ मौजूद एक छोटे बच्चे ने योगी आदित्यनाथ के चरण स्पर्श करके संस्कृत में मंत्र भी सुनाया. योगी को यह दृश्य देखकर प्रसन्नता हुई और उन्होंने जापानी भक्तों को प्रसाद रूप में चॉकलेट दी. सीएम योगी आदित्यनाथ यामानाशी प्रांत पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में स्कूल के बच्चों ने उनका स्वागत किया. हाथों में भारत-जापान का झंडा पकड़े बच्चों के साथ योगी ने कुछ समय बिताया.
इसके अलावा यामानाशी में रहने वाले स्थानीय लोगों ने योगी को एक खास पेंटिंग भी भेंट की. यामानाशी जापान में आधुनिक खेती और तकनीक के लिए जाना जाता है. यहां हाइड्रोजन एनर्जी, रोबोटिक सेंटर और हाई स्पीड ट्रेन का सेंटर है. इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध माउंट फ्यूजी पहाड़ भी आकर्षण का केंद्र है.
मैग्लेव ट्रेन का सफर न सिर्फ रोमांचक रहा, बल्कि भविष्य की परिवहन तकनीक की झलक भी लेकर आया. जापान की अत्याधुनिक मैग्लेव ट्रेन चुंबकीय शक्ति पर आधारित है, जो इसे पारंपरिक ट्रेनों से बिल्कुल अलग बनाती है. यह ट्रेन पटरियों से ऊपर उठकर चलती है, यानी घर्षण लगभग खत्म हो जाता है और यही वजह है कि इसकी रफ्तार 500 से 600 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाती है. यामानाशी टेस्ट ट्रैक पर इस ट्रेन ने अपनी उच्चतम क्षमता का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर मुख्यमंत्री भी प्रभावित नजर आए.
वर्तमान में जापान की बुलेट ट्रेन लगभग 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है, लेकिन मैग्लेव तकनीक इस गति को दोगुना करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. शिंकानसेन पहले ही दुनिया में तेज और सुरक्षित यात्रा का प्रतीक बन चुकी है, और अब मैग्लेव इसे और आगे ले जाने की तैयारी में है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने हाइड्रोजन आधारित ग्रीन एनर्जी प्लांट का भी अवलोकन किया.
मैग्लेव ट्रेन का सफर पूरी तरह से स्मूद और झटकों से मुक्त होता है. ट्रेन के अंदर बैठकर ऐसा महसूस होता है जैसे कोई विमान जमीन के बेहद करीब उड़ रहा हो. इस अनुभव को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे भविष्य की यात्रा बताया.
योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक तस्वीर शेयर कर लिखा- माउंट फूजी जापान की सबसे ऊंची चोटी और UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट है, जो लगन, अनुशासन और आध्यात्मिक संतुलन का एक प्रतीक है. जापान की हमेशा रहने वाली सुंदरता और सांस्कृतिक गर्व के प्रतीक, शानदार माउंट फूजी को धूप वाले दिन देखना मेरा सौभाग्य है. धन्यवाद, जापान!
जिस हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन में योगी आदित्यनाथ ने सफर किया, वह पारंपरिक ट्रेनों से बिल्कुल अलग है. यह ट्रेन पटरी को छूती नहीं, बल्कि चुंबकीय तकनीक के सहारे ट्रैक से ऊपर हवा में तैरते हुए तेज रफ्तार से दौड़ती है.
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के दौरे पर हैं, जो उनके नौ साल के कार्यकाल की दूसरी विदेश यात्रा है. इससे पहले 2017 में उन्होंने म्यांमार का सीमित दौरा किया था. लंबे अंतराल के बाद यह विदेश दौरा खास माना जा रहा है, क्योंकि इसका उद्देश्य प्रदेश में निवेश आकर्षित करना और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देना है.
Author Profile
Latest entries
NATIONALFebruary 26, 2026मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान में मैग्लेव ट्रेन से यात्रा की, 500 KM/H की रफ्तार से दौड़ी, फोटो भी खिंचवाई
विदेशFebruary 26, 2026PM Modi के डिजिटल प्रभाव और ग्लोबल यूथ कनेक्ट को NDA नेताओं का समर्थन
छत्तीसगढ़February 26, 2026बीजापुर में 2 वर्दीधारी नक्सली ढेर
RaipurFebruary 26, 2026विधानसभा के गर्भ गृह में नारेबाजी, सभी कांग्रेसी विधायक सस्पेंड



