Baloda Bazar. बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के पवित्र धार्मिक स्थल और गुरु घासीदास की जन्मस्थली गिरौदपुरी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को पहुंचकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया और प्रदेशवासियों के लिए खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने होली पर्व के संदर्भ में ड्राई डे को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि होली में ड्राई डे निरस्त नहीं किया जाएगा और अपने निर्धारित नियमों के अनुसार लागू रहेगा। गिरौदपुरी में मुख्यमंत्री के आगमन से मेले का माहौल भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बन गया। मुख्यमंत्री ने गुरुगद्दी पर मत्था टेककर आशीर्वाद लिया और श्रद्धालुओं से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अपने हाथों से प्रसाद वितरित किया, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। मेले के पहले ही दिन बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंचे और धार्मिक आयोजन में भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रदेश में धर्म, संस्कृति और परंपराओं का सम्मान हमेशा बनाए रखा जाएगा। उन्होंने होली के अवसर पर सामाजिक अनुशासन और नियमों का पालन करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्राई डे का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन सतर्क रहेगा और किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गिरौदपुरी मेला न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति और पर्यटन के लिए भी महत्वपूर्ण स्थल है। मुख्यमंत्री के दौरे ने मेले की गरिमा और आकर्षण को और बढ़ा दिया। इस अवसर पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने विशेष तैयारी की थी। पुलिस और नगर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था पर ध्यान रखा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेशवासियों को त्योहारों और धार्मिक आयोजनों में सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। उन्होंने सभी से मिलकर प्रदेश की खुशहाली और सामूहिक समृद्धि के लिए काम करने की अपील की। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद रहे। गिरौदपुरी मेले में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित सभी वर्ग के लोग शामिल हुए और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने श्रद्धालुओं को प्रेरित किया और मेले की भव्यता में चार चांद लगा दिए। मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में धार्मिक स्थलों और मेलों का सुरक्षित और व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक नियमों का पालन करें और उत्सव को अनुशासित रूप से मनाएं। गिरौदपुरी मेला प्रदेशवासियों के लिए आस्था, उत्साह और समृद्धि का प्रतीक बन गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश और संदेश से श्रद्धालुओं और प्रशासन दोनों ही उत्साहित दिखे। इस वर्ष भी मेला विशेष रूप से सफल और भक्तिमय रहा।
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