Bijapur. बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान को लेकर सुरक्षा बलों को आज दोहरी बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले के तर्रेम क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में एक माओवादी कैडर को न्यूट्रलाइज किया गया है, जबकि पामेड़ क्षेत्र में 12 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा को अपनाया है।
नक्सल-मुक्त बस्तर, विकसित और सुरक्षित छत्तीसगढ़ – यही हमारा संकल्प है।
आज बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को दो महत्वपूर्ण सफलताएँ मिली हैं जिसमे तर्रेम क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में 1 माओवादी कैडर को न्यूट्रलाइज़ किया गया वही पामेड़ क्षेत्र में 12 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग…
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) February 5, 2026
हथियारों सहित सुरक्षा बलों के समक्ष समर्पण किया। इसे बस्तर अंचल में लौटते विश्वास और स्थायी शांति की दिशा में एक मजबूत संकेत माना जा रहा है। लंबे समय से नक्सल हिंसा से प्रभावित इस क्षेत्र में आत्मसमर्पण की बढ़ती घटनाएं यह दर्शाती हैं कि सरकार की पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों की रणनीति अब सकारात्मक परिणाम दे रही है। तर्रेम क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने सतर्कता और साहस का परिचय देते हुए एक सक्रिय माओवादी को मार गिराया। वहीं, पामेड़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में माओवादियों का आत्मसमर्पण होना इस बात का संकेत है कि अब नक्सल संगठन के भीतर भी हिंसा को लेकर मोहभंग बढ़ रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों ने सरकार की पुनर्वास नीति पर भरोसा जताते हुए समाज की मुख्यधारा में लौटने की इच्छा व्यक्त की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दृढ़ नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा, विकास और विश्वास—इन तीनों के संतुलित मॉडल के तहत बस्तर में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान में शामिल DRG, बस्तर फाइटर्स और CRPF के जांबाज़ जवानों को नमन करते हुए कहा कि इन बलों की बहादुरी, अनुशासन और रणनीतिक क्षमता के कारण ही आज बस्तर में हालात तेजी से बदल रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में और अधिक माओवादी हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगे। बीजापुर में मिली यह दोहरी सफलता न केवल सुरक्षा दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह बस्तर में विकास, शांति और विश्वास की बहाली की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखी जा रही है।
Author Profile
Latest entries
CRIMEMarch 19, 2026पुलिस ने 6 अंतरराज्यीय लुटेरों को अरेस्ट किया, चार शातिर महिलाएं भी शामिल, मचा हड़कंप
RaipurMarch 19, 2026राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए प्रदेश में होगा अलग से संचालनालय का गठन
छत्तीसगढ़March 19, 2026अप्रैल में 14 ट्रेनें रद्द, छत्तीसगढ़ से सफर करने वाले यात्रियों को झटका
छत्तीसगढ़March 19, 2026पेट्रोल पंप सील, संपत्ति कर जमा नहीं करने पर हुई कार्रवाई




