Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Knock India
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Knock India
    Home » Blog » भिलाई के स्टील से बना दुनिया का सबसे ऊंचा चिनाब रेलवे पुल
    छत्तीसगढ़

    भिलाई के स्टील से बना दुनिया का सबसे ऊंचा चिनाब रेलवे पुल

    News DeskBy News DeskJune 7, 2025No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    भिलाई के स्टील से बना दुनिया का सबसे ऊंचा चिनाब रेलवे पुल
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    दुर्ग

    जम्मू कश्मीर में बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज के निर्माण में भिलाई इस्पात संयंत्र सहित अन्य प्लांट से स्टील लगाया गया है। भिलाई इस्पात संयंत्र ने इस ब्रिज के निर्माण के लिए 12 हजार से टन से अधिक स्टील उपलब्ध कराया है।

    पीएम मोदी ने 6 जून 2025 को चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल को देश को समर्पित किया है। भिलाई इस्पात संयंत्र सहित स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के अन्य इस्पात संयंत्रों ने इस पुल के निर्माण के लिए 16,000 टन स्टील की आपूर्ति की है। जिसके अंतर्गत प्लेट्स, टीएमटी बार और स्ट्रक्चरल्स शामिल हैं।

    सेल के इस्पात संयंत्रों ने जम्मू-कश्मीर में निर्मित दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल में उपयोग के लिए 6690 टन टीएमटी उत्पाद, 1793 टन स्ट्रक्चरल स्टील और 7511 टन स्टील प्लेट्स, हॉट स्ट्रिप मिल प्रोडक्ट और चेकर्ड प्लेटों सहित कुल 16,000 टन इस्पात की आपूर्ति की है।

    पुल निर्माण में प्रयुक्त सामग्री

    जानकारी के अनुसार, इस पुल के निर्माण में लगभग 29 हजार मीट्रिक टन स्टील, 10 लाख क्यूबिक मीटर अर्थवर्क, 66 हजार क्यूबिक मीटर से अधिक कंक्रीट तथा 84 किलोमीटर रॉक बोल्ट और केबल एंकर का उपयोग किया गया है। जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी के ऊपर बना 1.3 किलोमीटर लंबा यह पुल नदी तल से 359 मीटर की ऊंचाई पर है और पेरिस के एफिल टावर से 35 मीटर ऊंचा है। यह पुल 266 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा की रफ्तार और उच्चतम तीव्रता के भूकंपीय तरंगों का सामना करने में सक्षम है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक परियोजना (यूएसबीआरएल) के अंतर्गत यह पुल कटरा से बनिहाल तक 111 किलोमीटर लंबे घुमावदार खंड का हिस्सा है, जिससे आवागमन सुलभ होगा।
    भिलाई इस्पात संयंत्र का योगदान

    सेल के स्टील प्लांट ने जम्मू-कश्मीर में निर्मित दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल के लिए 6,690 टन टीएमटी उत्पाद, 1,793 टन स्ट्रक्चरल स्टील और 7,511 टन स्टील प्लेट्स, हॉट स्ट्रिप मिल प्रोडक्ट्स और चेकर्ड प्लेट्स सहित कुल 16 हजार टन इस्पात की आपूर्ति की है। इसमें भिलाई इस्पात संयंत्र ने 5,922 टन टीएमटी स्टील, 6,454 टन प्लेट्स और 56 टन स्ट्रक्चरल स्टील सहित कुल 12,432 टन इस्पात की आपूर्ति की है। सेल के बर्नपुर स्थित इस्को स्टील प्लांट, दुर्गापुर स्टील प्लांट, राउरकेला स्टील प्लांट और बोकारो स्टील लिमिटेड ने भी स्टील की आपूर्ति की है।
    नेशनल प्रोजेक्ट में सेल का योगदान

    स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) राष्ट्रीय महत्व की कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसे बांधों, पुलों, सुरंगों, फ्लाईओवरों और एक्सप्रेसवे सहित ऊर्जा क्षेत्र और रक्षा क्षेत्र में उपयोग होने वाले विशेष ग्रेड के इस्पात की आपूर्ति करता है। सेल-बीएसपी में उत्पादित इस्पात का उपयोग ऊर्जा और बिजली क्षेत्र के साथ-साथ कंस्ट्रक्शन और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे पुलों, राजमार्गों, सुरंगों, फ्लाईओवरों, भूकंपीय संभावित क्षेत्रों में ऊंची इमारतों, औद्योगिक निर्माण, भारी मशीनरी, तेल और गैस क्षेत्र, अंतरिक्ष क्षेत्र, परमाणु ऊर्जा प्रतिष्ठानों आदि में किया जाता है।
    भारतीय रेल के लिए भिलाई का योगदान

    इंडियन रेलवे के लिए वांछित ग्रेड की रेल्स (पटरियों) के उत्पादन के अलावा, सेल-बीएसपी चौड़ी, मोटी और हेवी प्लेटों की विस्तृत श्रृंखला का उत्पादन करता है तथा विशेष मांग पर वैल्यू-एडेड स्पेशल स्टील ग्रेड की रोलिंग करता है। भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा तैयार किए गए टीएमटी उत्पादों की पूरी श्रृंखला भूकंपरोधी और जंगरोधी गुणों के साथ उच्च गुणवत्ता वाली है। इसके अतिरिक्त, संयंत्र चैनल्स, एंगल्स और बीम्स सहित स्ट्रक्चरल ग्रेड स्टील का भी उत्पादन करता है।
    अन्य प्रमुख परियोजनाओं में भिलाई का स्टील

    भिलाई द्वारा उत्पादित स्टील का उपयोग बांद्रा-वर्ली सी-लिंक, मुंबई में अटल सेतु, अरुणाचल प्रदेश में सेला सुरंग, हिमाचल प्रदेश में अटल सुरंग और राष्ट्रीय महत्व की कई अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के निर्माण में किया गया है। सेल-भिलाई द्वारा उत्पादित स्टील का उपयोग युद्धपोतों और आईएनएस विक्रांत के निर्माण में भी किया गया है। बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए सेल-बीएसपी द्वारा बड़ी मात्रा में टीएमटी बार्स की आपूर्ति की गई है। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने देश की राजधानी में निर्मित सेंट्रल विस्टा परियोजना के लिए भी टीएमटी उत्पादों की आपूर्ति की है।

    भिलाई से किस-किस चीज की हुई सप्लाई?

    दुर्ग जिले में स्थित भिलाई स्टील प्लांट के अधिकारियों ने बताया कि सेल के विभिन्न इस्पात संयंत्रों, जिसमें भिलाई भी शामिल है, ने इस पुल के लिए 16 हजार टन स्टील की सप्लाई की। इसमें प्लेट्स, टीएमटी बार और स्ट्रक्चरल्स शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस्पात किसी भी निर्माण और औद्योगिक कार्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण सामग्री में से एक है। जानकारी के अनुसार, इस पुल के निर्माण में लगभग 29 हजार मीट्रिक टन इस्पात, 10 लाख घन मीटर मिट्टी, 66 हजार घन मीटर से अधिक कंक्रीट और 84 किलोमीटर ‘रॉक बोल्ट’ (जमीन को स्थिर करने के लिए इस्पात के बोल्ट) तथा केबल एंकर का उपयोग हुआ।
    इतना खास क्यों है चिनाब नदी पर बना पुल?

    अधिकारियों ने बताया कि 1.3 किलोमीटर लंबा यह पुल चिनाब नदी के तल से 359 मीटर की ऊंचाई पर बना है, जो पेरिस के एफिल टॉवर से 35 मीटर अधिक ऊंचा है। यह इंजीनियरिंग का एक अनूठा नमूना है, जो 266 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा और भूकंप के तेज झटकों को सहन करने में सक्षम है। यह पुल उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना (यूएसबीआरएल) के तहत कटरा से बनिहाल तक 111 किलोमीटर लंबे घुमावदार खंड का हिस्सा है। यह क्षेत्र में आवागमन को आसान बनाएगा।
    और कहां-कहां से की गई स्टील की सप्लाई?

    अधिकारियों ने बताया कि सेल के इस्पात संयंत्रों ने इस पुल के लिए 6690 टन टीएमटी उत्पाद, 1793 टन स्ट्रक्चरल स्टील और 7511 टन स्टील प्लेट्स, हॉट स्ट्रिप मिल प्रोडक्ट और चेकर्ड प्लेट्स सहित कुल 16 हजार टन इस्पात की आपूर्ति की। भिलाई इस्पात संयंत्र ने इसमें 5922 टन टीएमटी स्टील, 6454 टन प्लेट्स और 56 टन स्ट्रक्चरल स्टील सहित कुल 12,432 टन इस्पात दिया। उन्होंने बताया कि सेल के पश्चिम बंगाल के बर्नपुर स्थित इस्को इस्पात संयंत्र, दुर्गापुर इस्पात संयंत्र, ओडिशा के राउरकेला इस्पात संयंत्र और झारखंड के बोकारो स्टील लिमिटेड ने भी इस पुल के लिए स्टील की सप्लाई की गई।
    भिलाई से गया स्टील कई प्रोजेक्ट में लगा

    अधिकारियों ने कहा कि सेल ने पहले भी कई राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं, जैसे बांध, पुल, सुरंग, फ्लाईओवर, एक्सप्रेसवे, ऊर्जा क्षेत्र और रक्षा क्षेत्र के लिए इस्पात की आपूर्ति की है। भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा उत्पादित इस्पात का उपयोग बांद्रा-वर्ली सी-लिंक, मुंबई में अटल सेतु, अरुणाचल प्रदेश में सेला सुरंग और हिमाचल प्रदेश में अटल सुरंग के निर्माण में हुआ है। इसके अलावा, युद्धपोतों और आईएनएस विक्रांत के निर्माण में भी भिलाई के इस्पात का उपयोग हुआ। बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए बीएसपी ने बड़ी मात्रा में टीएमटी बार्स की आपूर्ति की है। साथ ही, नई दिल्ली में सेंट्रल विस्टा परियोजना के लिए भी बीएसपी ने टीएमटी उत्पाद दिए हैं।

    पुल के निर्माण के लिए सेल द्वारा आपूर्ति की गई इस्पात में से, भिलाई इस्पात संयंत्र ने 5922 टन टीएमटी स्टील, 6454 टन प्लेट्स और 56 टन स्ट्रक्चरल स्टील सहित कुल 12,432 टन इस्पात की आपूर्ति की है। सेल के बर्नपुर स्थित इस्को स्टील प्लांट, दुर्गापुर स्टील प्लांट, राउरकेला स्टील प्लांट और बोकारो स्टील लिमिटेड ने भी स्टील की आपूर्ति की है। 

    News Desk

    Related Posts

    सेवा संकल्प अभियान : पीएम श्री नवोदय विद्यालय कुसमी में सफलतापूर्वक स्वास्थ्य शिविर आयोजित

    September 18, 2026

    बनोरा अघोर गुरु पीठ पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, कहा – सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता की प्रेरणादायी परंपरा को आगे बढ़ा रहा बनोरा आश्रम…..

    September 18, 2026

    ‘बस्तर सेवा संकल्प अभियान’ के तहत शहीदों की याद में 1986 स्थानों पर जलाए गए दीये…..

    September 18, 2026

    ‘सेवा-संकल्प-अभियान’ : कोर्ट के चक्करों से मुक्ति और सुशासन की नई राह…..

    September 18, 2026

    बिजली उपभोक्ता से ऊर्जा दाता बनने की ओर बढ़ते कदम, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से घरों की छतें बनीं ऊर्जा उत्पादन की इकाइयां, सरगुजा में 1,733 घरों में स्थापित हुए रूफटॉप सोलर संयंत्र….

    September 18, 2026

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से पूजा के डॉक्टर बनने के सपने को मिला संबल, आर्थिक तंगी और 66 प्रतिशत दिव्यांगता को मात देकर पूजा ने हासिल की नीट में सफलता…

    September 18, 2026
    RO.No :-13998/146
    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - KHURSHID ALAM
    मोबाइल - 07828272058
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Near Ratan Bhawan Phool Chowk Nayapara,CSEB Road Raipur (C.G.)
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.