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    छत्तीसगढ़

    कवर्धा : कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने लू से बचने आवश्यक सावधानी बरतने की अपील जिलेवासियों से की

    News DeskBy News DeskApril 28, 2025No Comments4 Mins Read
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    कवर्धा : कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने लू से बचने आवश्यक सावधानी बरतने की अपील जिलेवासियों से की
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    कवर्धा : कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने लू से बचने आवश्यक सावधानी बरतने की अपील जिलेवासियों से की

    भीषण गर्मी में लू से बचाव एवं उसके उपाय हेतु आवश्यक सुझाव

    ‘‘लू’’ में क्या करें और क्या ना करें

    कवर्धा

    ग्रीष्म ऋतु में तापमान में वृद्वि के चलते भीषण गर्मी पड़ने तथा नागरिकों को लू लगने की संभावना है, जिससे आम जन जीवन व स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जिसे देखते हुए कलेक्टर श्री गोपाल वार्म ने लू से बचने आवश्यक सावधानी बरतने की अपील जिलेवासियों से की है। राजस्व एवं आपदा प्रबंध विभाग द्वारा भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है।

    लू के लक्षण –

    सिर में भारीपन और दर्द, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर  और उल्टी आना, कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक होने के बावजूद पसीने का न आना, अधिक प्यास लगना और पेशाब कम आना, भूख न लगना व बेहोश होना आदि लक्षण शामिल है।

    लू से बचाव के उपाय-

    लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और खनिज मुख्यतः नमक की कमी हो जाना होता है। इसके लिए बहुत अनिवार्य न हो तो घर से बाहर ना जाये। धूप में निकलने से पहले सर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह से बांध ले। पानी अधिक मात्रा में पिये। अधिक समय तक धूप में न रहे। गर्मी के दौरान मुलायम सूती कपड़े पहने ताकि हवा और कपड़े पसीने को सोखते रहे। अधिक पसीना आने की स्थिति में ओ. आर. एस. घोल पिये। चक्कर, उल्टी आने पर छायादार स्थान पर विश्राम करें। शीतल पेय जल पिये, फल का रस, लस्सी, मठा आदि का सेवन करें। प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द्र से निःशुल्क परामर्श ले। उल्टी, सर दर्द, तेज बुखार की दशा में निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र से जरूरी सलाह ले।

    लू लगने पर किया जाने वाला प्रारंभिक उपचार –

    बुखार से पीड़ित व्यक्ति के सर पर ठंडे पानी की पट्टी लगायें, कच्चे आम का पना, जलजीरा आदि, पीड़ित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लेटायें, शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव करते रहें, पीड़ित व्यक्ति को शीघ्र ही किसी नजदीकी चिकित्सा केन्द्र में उपचार हेतु ले जायें, आंगनबाड़ी मितानिन तथा ए.एन.एम. से ओ.आर.एस. की पैकेट के लिए संपर्क करें।

    क्या करें –

    भीषण गर्मी में लू से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीये भले ही प्यास न लगे, मिर्गी या हृदय, गुर्दे या लीवर से संभावित रोग वाले जो तरल प्रतिबंधित आहार लेते हो या जिनको द्रव्य प्रतिधारण की समस्या है, उनको तरल सेवन बढ़ाने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहने। अपने आप को हाइड्रेटेड रखने के लिए ओआरएस घोल, घर के बने पेय जैसे- लस्सी, नींबू का पानी, छाछ आदि का सेवन करें।

    क्या न करें-

    गर्मी के दौरान बाहर न जाएं। यदि आपको आवश्यक कार्य के लिए बाहर जाना है, तो दिन के शीतलन घंटों के दौरान अपनी सारणी निर्धारित करने का प्रयास करें। अत्यधिक गर्मी के घंटों के दौरान बाहर जाने से बचें विशेष रूप से दोपहर 12.00 बजे से 3.00 बजे के बीच।नंगे पैर या बिना चेहरे को ढ़के और बिना सिर ढ़ककर बाहर न जाएं।’ व्यस्थतम समय (दोपहर) के दौरान खाना पकाने से बचें। खाना पकाने वाले क्षेत्रों (रसोई घरों) में दरवाजे और खिड़कियां खोल कर रखें, जिससे पर्याप्त रूप से हवा आ सके। शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय, पीने से बचें जो शरीर को निर्जलित करते हैं। उच्च प्रोटीन, मसालेदार और तेलीय भोजन खानें से बचे, बासी खाना न खाएं। बीमार होने पर बाहर धूप में न जाएं, घर पर रहें।

    अन्य सावधानियां-

    जितना हो सके घर के अंदर रहे, अपने घर को ठंडा रखें धूप से बचाव के लिए पर्दे, शटर का उपयोग करें और खिडकियां खोलें। निचली मजिलों पर बने रहने का प्रयास करें।’ पंखो का उपयोग करें, कपड़ों को नम करे और अधिक गर्मी में ठंडे पानी में ही स्नान करें। यदि आप बीमार महसूस करते है उच्च बुखार, लगातार सिरदर्द, चक्कर आना, मतली या भटकाव, लगातार खासी, सांरा की तकलीफ है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं जानवरों को छाया में रखे और उन्हें पीने के लिए भरपूर पानी दें।

    News Desk

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