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    AIMIM उम्मीदवारों को मिली जेल से बाहर प्रचार करने की इजाजत, AAP विधायक की याचिका को कोर्ट ने किया रद्द

    News DeskBy News DeskJanuary 30, 2025No Comments4 Mins Read
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    AIMIM उम्मीदवारों को मिली जेल से बाहर प्रचार करने की इजाजत, AAP विधायक की याचिका को कोर्ट ने किया रद्द
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    दिल्ली: दिल्ली में विधानसभा चुनाव नजदीक है. इसी बीच AIMIM पार्टी के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 2 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं. ओवैसी ने दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को मुस्तफाबाद और शिफा उर रहमान को ओखला विधानसभा सीट से टिकट दिया है. दोनों ही आरोपियों को जब उम्मीदवार बनाया गया वो जेल में बंद थे. इसी के बाद दोनों ही आरोपियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और उन्हें प्रचार करने के लिए कस्टडी पैरोल पर दे दी गई है. दोनों अपने हक में प्रचार कर सकते हैं. कोर्ट ने जहां ओवैसी के दोनों उम्मीदवारों को जनता को साधने के लिए राहत दे दी है, वहीं हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश बाल्यान की कस्टडी पैरोल की याचिका रद्द कर दी है.

    कोर्ट ने क्या-क्या कहा?
    AAP के विधायक नरेश बाल्यान पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम के तहत मामला दर्ज है. दिल्ली के चुनाव में उनकी पत्नी पूजा बाल्यान को AAP ने उत्तम नगर सीट से टिकट दिया है. नरेश बाल्यान ने कोर्ट में पत्नी को चुनाव प्रचार में मदद करने के लिए पैरोल की याचिका दायर की थी, लेकिन उनकी याचिका रद्द कर दी गई. जस्टिस विकास महाजन ने जहां एक तरफ बाल्यान की पैरोल की याचिका को रद्द कर दिया. वहीं दूसरी तरफ उन्होंने कहा, वो विधायक की जमानत याचिका पर सुनवाई करेंगे. इससे पहले बाल्यान ने इसी महीने जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन उनकी याचिका अस्वीकार कर दी गई थी और उन्हें हाई कोर्ट जाने के लिए कहा था.

    ताहिर हुसैन के केस से अलग केस
    बाल्यान की ओर से पेश वकील एमएस खान ने कोर्ट में कहा कि जिस तरह से AIMIM के उम्मीदवार ताहिर हुसैन को चुनाव प्रचार करने के लिए कस्टडी पैरोल दे दी गई है. यह केस भी वैसा ही है और उन्होंने कोर्ट से नरेश बाल्यान के केस की आरोपी ताहिर हुसैन के केस के साथ समानता की मांग की. कोर्ट में नरेश बाल्यान का पक्ष रखते हुए वकील ने बताया, नरेश का कहना है कि मैं जेल में बंद हूं और अपनी पत्नी से बात नहीं कर सकता हूं. यहां पत्नी से बात करने के लिए कोई फोन नहीं है. जेल में मुझे मेरी पत्नी से बात करने के लिए किसी तरह की फेसिलिटी नहीं दी जा रही है. मेरी पत्नी को चुनाव प्रचार करने का कोई अनुभव नहीं है. मुझे सिर्फ 3 घंटे की इजाजत दे दीजिए. पति की जगह कोई नहीं ले सकता है.

    कस्टडी पैरोल की याचिका का किया विरोध
    वकील ने यह भी कहा कि नरेश बाल्यान को अगर पत्नी के लिए चुनाव प्रचार करने के लिए कस्टडी पैरोल मिल जाती है तो वो किसी भी गवाह को अपने पक्ष में प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे, क्योंकि वो किसी भी गवाह के बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं. दिल्ली पुलिस ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि जांच अभी जारी है. दिल्ली हाई कोर्ट ने नरेश बाल्यान की कस्टडी पैरोल की याचिका को अस्वीकार कर दिया. साथ ही कोर्ट ने वकील एमएस खान की इस केस को ताहिर हुसैन के केस की तरह देखने की मांग पर कहा, यह केस ताहिर हुसैन के केस से अलग है.

    MCOCA के तहत मामला दर्ज
    AAP विधायक नरेश बाल्यान को 4 दिसंबर, 2024 को गैंगस्टर कपिल सांगवान के नेतृत्व वाले AAPराधिक सिंडिकेट से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उनके ऊपर MCOCA के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस साल 15 जनवरी को राउज एवेन्यू कोर्ट की जज कावेरी बावेजा ने बाल्यान की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. उन्होंने कहा था कि AAP नेता और सांगवान के नेतृत्व वाले संगठित अपराध सिंडिकेट के बीच संबंध का संकेत सामने रखते हुए प्रयाप्त सबूत सामने हैं. जज ने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं कहा जा सकता कि बाल्यान कथित अपराधों के लिए दोषी नहीं थे या जमानत पर बाहर रहते हुए वह इसी तरह का अपराध नहीं करेंगे. वो राज्य के इस तर्क से भी सहमत थीं कि अगर बाल्यान को जमानत दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं और मुकदमे में बाधा डाल सकते हैं. इससे पहले, बाल्यान को 4 दिसंबर को जबरन वसूली के एक मामले में जमानत मिल गई थी, जिसके कुछ ही घंटों बाद उन्हें मकोका मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था.

    News Desk

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