माघ महीने में तुलसी पूजा के दौरान कुछ चीज़ें अर्पण नहीं करनी चाहिए, . इनसे नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और घर में आर्थिक तंगी और दरिद्रता आ सकती है. तुलसी पूजा में इन पांच चीजों से बचकर पूजा करें, ताकि घर में लक्ष्मी का वास हो.
माना जाता है कि हिन्दू धर्म के जिस घर में तुलसी हो उस घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और माता लक्ष्मी का वास होता है, क्योंकि माता तुलसी को लक्ष्मी का ही रूप माना गया है. तुलसी की पूजा आराधना करने से घर में सुख समृद्धि की वृद्धि होती है. वहीं माघ महीना शुरू होकर माघ के महीने में तुलसी की पूजा आराधना विशेष विधि से करनी चाहिए.
माघ का महीना शुरू हो चुका है और हर महीने में गंगा स्नान दान और भगवान विष्णु की पूजा आराधना करने से घर में सुख समृद्धि की वृद्धि होती है साथ ही तुलसी की पूजा अवश्य करनी चाहिए.
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि हर महीने में तुलसी की पूजा अलग-अलग तरीके से की जाती है. वहीं माघ के महीने में भी तुलसी की पूजा का अपना एक अलग महत्व है. पांच चीज ऐसी हैं, जो माघ के महीने में तुलसी के पौधे में नहीं डालना चाहिए. ऐसा करने से माता लक्ष्मी और रुस्ट हो सकती हैं और घर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. क्या वह चीज हैं आईए जानते हैं.
जब भी आप माघ के महीने में तुलसी की पूजा आराधना कर रहे हैं, तो जल अर्पण करने के बाद बेलपत्र तुलसी पर भूलकर भी नहीं चढ़ाना चाहिए. ऐसा करने से माता लक्ष्मी रुष्ट हो सकती हैं और जातक के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है आर्थिक तंगी हो सकती है.
कई जातक तुलसी की पूजा आराधना करते वक्त जल अर्पण करते हैं और जल में दूध मिलाकर अर्पण करते हैं, लेकिन माघ के महीने में तुलसी पर दूध मिलाकर जल अर्पण नहीं करना चाहिए. यह अशुभ माना जाता है. इससे घर में नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है.
जैसे कई जातक पानी में दूध मिलाकर तुलसी के ऊपर अर्पण करते हैं. इस तरह कई जातक पानी में गन्ने का रस मिलाकर तुलसी के ऊपर अर्पण करते हैं. माघ के महीने में तुलसी में जल में गन्ने का रस मिलाकर अर्पण करना सुबह नहीं माना जाता है. इससे तुलसी सूख सकती है, जो शुभ संकेत नहीं होता है. घर में दरिद्रता आ सकती है.
तुलसी में जल अर्पण करने के साथ जातक पूजा आराधना करते वक्त फूल भी चढ़ाते हैं. उस समय ध्यान रहे की माघ के महीने में धतूरे का फूल तुलसी के ऊपर अर्पण नहीं करनी चाहिए. धतूरे का फूल भगवान शिव को प्रिया है और भगवान शिव तुलसी के पति का वध किया था. इसलिए धतूरे का फूल तुलसी के ऊपर अर्पण नहीं करना चाहिए विशेषकर माघ के महीने में.
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