भोपाल : स्थानीय उत्पादों को जीआई टैगिंग के जरिए वैश्विक पहचान दिलाने के लिए बुधवार को विंध्याचल भवन स्थित कार्यालय में कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला में प्रमुख रूप से पद्मडॉ. रजनीकांत भी शामिल हुए।
इस अवसर पर उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने कार्यशाला में शामिल सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे जीआई टैगिंग के लिए संभावित और चिन्हित उत्पादों की सूची सांझा करें। पद्मडॉ. रजनीकांत ने जीआई टैगिंग के फायदे, कानूनी प्रकरण, ब्रांडिंग, बाजार विस्तार और जीआई टैगिंग पर अपने अनुभव साझा किए।
कार्यशाला में कृषि, मत्स्य पालन, पशुपालन, रेशम उत्पादन जैसी गतिविधियों से जुड़े विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की। इस दौरान जीआई टैगिंग के लिए उत्पादों का चयन और परियोजना कार्यान्वयन के लिए रोड मैप तैयार किया गया। प्रारंभ में लघु उद्योग निगम के अनिल धागले और एमएसएमई के संयुक्त संचालक पंकज दुबे ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यशाला के प्रथम दिन एमएसएमई के विकास और क्षेत्रीय उत्पादों की पहचान को संरक्षित करने की कार्य योजना पर अमल पर सहमति से हुई।
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