Category: छत्तीसगढ़

  • बीजेपी नेत्रियों ने लोरमी में डिप्टी सीएम अरुण साव को बांधी राखी

    बीजेपी नेत्रियों ने लोरमी में डिप्टी सीएम अरुण साव को बांधी राखी

    मुंगेली। बीजेपी नेत्रियों ने लोरमी में डिप्टी सीएम अरुण साव को राखी बांधी। डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया, रक्षाबंधन भाई-बहनों के अटूट प्रेम और रिश्तों की डोर से बंधा विश्वास का प्रतीक है।

    रक्षाबंधन के पावन पर्व पर विधायक कार्यालय लोरमी में भाजपा महिला मोर्चा की बहनों ने रक्षा सूत्र बांधकर अपना स्नेह एवं आत्मीयता प्रकट किया। प्रभु श्री राम जी की कृपा आप सभी बहनों पर सदा बनी रहे, और यह पवित्र बंधन जीवनभर संजोए रहें।

    आज देशभर में रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाया जा रहा है। आज के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-संपन्नता की कामना करती हैं। इसके बदले भाई भी अपनी बहनों को जीवनभर संरक्षण और स्नेह देने का वचन देते है। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा काल का कोई प्रभाव नहीं रहेगा, जिससे पूरे दिन राखी बांधना शुभ रहने वाला है. बहनें सुबह से ही भाई की कलाई पर राखी बांधना शुरू कर दी है।

  • हर बहन का सम्मान और सुरक्षा मेरा अटूट संकल्प, CM साय ने रक्षाबंधन की बधाई दी

    हर बहन का सम्मान और सुरक्षा मेरा अटूट संकल्प, CM साय ने रक्षाबंधन की बधाई दी

    रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रक्षाबंधन पर्व के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और परस्पर सौहार्द की मंगलकामना करते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता, समर्पण और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है।

     

  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में बड़ा फैसला: सीएम विष्णुदेव साय ने कहा- माताओं-बहनों को मिला रक्षाबंधन पर उपहार

    प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में बड़ा फैसला: सीएम विष्णुदेव साय ने कहा- माताओं-बहनों को मिला रक्षाबंधन पर उपहार

    Raipur. रायपुर। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महिलाओं को बड़ी राहत देते हुए “प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना” के अंतर्गत रसोई गैस सिलेंडर पर मिलने वाली ₹300 की सब्सिडी को आगामी वित्त वर्ष 2025-26 तक जारी रखने का निर्णय लिया है। इस फैसले को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह निर्णय देश की करोड़ों बहनों के लिए रक्षाबंधन पर सबसे बड़ा तोहफा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं के स्वास्थ्य, सुविधा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं।

     

    सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस सब्सिडी योजना को ₹12,000 करोड़ की लागत से लागू किया जाएगा। इसका लाभ देशभर के 10.33 करोड़ लाभार्थी परिवारों को मिलेगा, जिनके पास उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन है। इस फैसले से छत्तीसगढ़ के लाखों गरीब एवं निम्न आयवर्ग की महिलाएं लाभांवित होंगी। उन्हें एलपीजी सिलेंडर अब रियायती दर पर उपलब्ध होगा, जिससे उनके रसोई का खर्च घटेगा, साथ ही धुएं से मुक्ति और स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहतर जीवन भी मिलेगा।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह निर्णय “मातृशक्ति के सम्मान और सुरक्षा के प्रति मोदी सरकार की प्रतिबद्धता” को दर्शाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री को इसके लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यह फैसला न केवल महिलाओं के जीवन को सरल बनाएगा, बल्कि उनके आत्मसम्मान को भी बढ़ाएगा। गौरतलब है कि उज्ज्वला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को की गई थी, जिसका उद्देश्य देश की गरीब महिलाओं को धुएं से मुक्त रसोई का अधिकार देना है। इस योजना के तहत अब तक करोड़ों परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है।

  • पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे की अंतिम कृति “मैं छत्तीसगढ़ बोलता हूँ” का हुआ विमोचन

    पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे की अंतिम कृति “मैं छत्तीसगढ़ बोलता हूँ” का हुआ विमोचन

    Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज शाम स्वर्गीय पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे की जयंती के अवसर पर उनकी अंतिम काव्य कृति “मैं छत्तीसगढ़ बोलता हूँ” के विमोचन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। यह आयोजन राजधानी स्थित मैक कॉलेज ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की। मुख्यमंत्री श्री साय ने पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा के संवर्धन में अमूल्य योगदान दिया। वे एक ऐसे हास्य कवि थे, जिन्होंने देश-विदेश में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया और राज्य को गौरवान्वित किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज हम डॉ. सुरेंद्र दुबे जी की अंतिम कृति का विमोचन कर रहे हैं। वे आज भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, और उनकी अनुपस्थिति हम सभी को गहराई से खल रही है। यह छत्तीसगढ़ और साहित्य जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा – “डॉ. दुबे जी एक महान कवि थे, जिन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा को अपनी कविताओं के माध्यम से देश और दुनिया में जन-जन तक पहुँचाया। वे जहाँ भी गए, छत्तीसगढ़ की संस्कृति, भाषा और पहचान को साथ लेकर गए। उनकी कविताएँ केवल हँसी नहीं बिखेरती थीं, बल्कि गहरे सामाजिक संदेश भी देती थीं।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि “मुझे अनेक मंचों पर उनकी कविताएँ सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। वे हास्य कवि होने के साथ ही एक अत्यंत सौम्य, सरल और संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी भी थे। उनके मन में देश, प्रदेश और समाज के लिए गहरी करुणा और जागरूकता थी। आज उनकी जयंती पर हम उन्हें सादर नमन करते हैं। वे अपने शब्दों और विचारों के माध्यम से हमारे बीच सदैव जीवित रहेंगे।” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि डॉ. सुरेन्द्र दुबे छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और लोकसंस्कृति के ऐसे प्रखर प्रतिनिधि थे, जिन्होंने अपने लेखन, नाट्यकर्म और जनसंवाद के माध्यम से प्रदेश को सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक स्वाभिमान की नई दिशा दी। कार्यक्रम में धरसीवां विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा ने आलेख का पाठन किया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन स्वर्गीय डॉ. सुरेन्द्र दुबे की धर्मपत्नी शशि दुबे द्वारा किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सुरेन्द्र दुबे फाउंडेशन द्वारा किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन, दुर्ग सांसद विजय बघेल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण एवं साहित्यकार उपस्थित थे।

  • ईमानदारी और निष्ठा से निभाई गई जिम्मेदारी देती है सकारात्मक परिणाम: CM साय

    ईमानदारी और निष्ठा से निभाई गई जिम्मेदारी देती है सकारात्मक परिणाम: CM साय

    Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ईमानदारी और निष्ठा से निभाई गई जिम्मेदारी हमेशा सकारात्मक परिणाम देती है। जनसेवा में ईमानदारी और समर्पण के साथ लगे रहने पर जनता का स्नेह और आशीर्वाद अवश्य ही प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन के पंचम तल स्थित नवनिर्मित सभागार में आयोजित ‘मुख्यमंत्री सुशासन संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन IIM रायपुर में अध्ययनरत मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के विद्यार्थियों के साथ हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें सुशासन की बारीकियों से अवगत कराया और उनके प्रश्नों के प्रेरणादायक उत्तर दिए।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की है। प्रदेश में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है, जिससे सभी फाइलें डिजिटलीकृत हो रही हैं। इससे शासन की कार्यप्रणाली पारदर्शी बनी है और फाइलों की ट्रैकिंग भी सहज हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा भ्रष्टाचार के सभी मार्गों को बंद करने की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनता को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले, यही असली सुशासन है। योजनाएं सोच-समझकर बननी चाहिए, क्योंकि इसके पीछे जनता की गाढ़ी कमाई लगती है। जब योजनाएं जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से क्रियान्वित होती हैं, तभी आमजन को उसका सीधा लाभ मिलता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन फेलोशिप के विद्यार्थियों से संवाद के दौरान उनके जिज्ञासु सवालों के बेझिझक और प्रेरणाप्रद उत्तर दिए।

     

    आरंग के फेलो हर्षवर्धन ने जब मुख्यमंत्री से उनके ग्राम बगिया के पंच से लेकर मुख्यमंत्री बनने के सफर की सबसे महत्वपूर्ण सीख पूछी, तो मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने राजनीतिक और पारिवारिक संघर्षों को साझा करते हुए कहा – “बहुत कम उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई। मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि मैं पंच भी बनूंगा, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा से निभाया।” उन्होंने आगे कहा – “ईमानदारी और निष्ठा से जब कार्य करते हैं, तो सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। मैंने कभी कर्तव्यपथ नहीं छोड़ा, और जनसेवा को जीवन का लक्ष्य बनाया। जनता ने मुझे पंच, सरपंच, विधायक, सांसद, राज्य मंत्री और अब मुख्यमंत्री तक का दायित्व सौंपा।”

     

  • रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को ब्रह्मकुमारी बहनों ने बांधी राखी

    रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को ब्रह्मकुमारी बहनों ने बांधी राखी

    Raipur. रायपुर। रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, रायपुर की संचालिका ब्रह्मकुमारी सविता बहन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की और उन्हें रक्षा-सूत्र बाँधकर उनके स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखद जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने ब्रह्मकुमारी बहनों का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि रक्षाबंधन सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी भावनात्मक एकता और सामाजिक मूल्यों की गहराई को दर्शाने वाला अनुपम उत्सव है।उन्होंने कहा कि रक्षा-सूत्र में निहित शुभकामनाएँ उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक समर्पित होने की प्रेरणा देती हैं।

  • मुख्यमंत्री निवास में CM विष्णुदेव साय ने किया रुद्राभिषेक

    मुख्यमंत्री निवास में CM विष्णुदेव साय ने किया रुद्राभिषेक

    रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में CM विष्णुदेव साय ने रुद्राभिषेक किया। उन्होंने सोशल मीडिया में बताया, ॥ॐ शिवाय परमात्मने प्राणात्मने सदाशिवाय नमः॥ सावन की पावन बेला में आज मुख्यमंत्री निवास में धर्मपत्नी संग रुद्राभिषेक कर भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की प्रार्थना की।

    दिव्य मंत्रोच्चार से वातावरण शिवमय हो उठा और मन भक्ति एवं श्रद्धा से भर गया। भोलेनाथ का आशीर्वाद राज्य पर सदा बना रहे। हर हर महादेव!

     

  • सीएम साय ने फैलोशिप छात्रों के साथ चर्चा की, वीडियो

    सीएम साय ने फैलोशिप छात्रों के साथ चर्चा की, वीडियो

    रायपुर। मंत्रालय में सीएम विष्णुदेव साय ने फैलोशिप छात्रों के साथ चर्चा की।

     

    https://www.youtube.com/live/7cBOlZx0Dps?si=0SUAjD9M9Em23Rqa

    छत्तीसगढ़ में शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास के नए युग की शुरुआत – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    सीएम विष्णु देव साय के नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ में शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन, भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के मध्य हुए त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर के साक्षी बने। इस समझौते के अंतर्गत स्थापित होने वाले उद्यमिता केंद्र का निर्माण वर्ष 2025-26 में प्रारंभ होगा तथा इसे वर्ष 2027-28 तक पूर्ण रूप से क्रियाशील करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    गांव-गांव तक पहुंचेगी शिक्षा, कौशल और नवाचार की क्रांति: मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि आज हस्ताक्षरित एमओयू से “छत्तीसगढ़ अंजोर विजन” को साकार करने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी। इस साझेदारी से प्रदेश में गांव-गांव तक शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार की क्रांति पहुंचेगी, जो युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस त्रिपक्षीय समझौते के तहत “श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल नवाचार एवं उद्यमिता उत्कृष्टता केंद्र” की स्थापना की जाएगी, जो युवाओं को शोध, प्रयोग और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र केवल आईआईएम या एनआईटी के विद्यार्थियों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव-गांव के युवाओं को भी लाभान्वित करे। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से भी इस शिक्षा और कौशल विकास के आंदोलन से जुड़ने का आग्रह किया।

  • छत्तीसगढ़ में शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास के नए युग की शुरुआत : CM विष्णुदेव साय

    छत्तीसगढ़ में शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास के नए युग की शुरुआत : CM विष्णुदेव साय

    रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ में शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन, भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के मध्य हुए त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर के साक्षी बने। इस समझौते के अंतर्गत स्थापित होने वाले उद्यमिता केंद्र का निर्माण वर्ष 2025-26 में प्रारंभ होगा तथा इसे वर्ष 2027-28 तक पूर्ण रूप से क्रियाशील करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    गांव-गांव तक पहुंचेगी शिक्षा, कौशल और नवाचार की क्रांति: मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि आज हस्ताक्षरित एमओयू से “छत्तीसगढ़ अंजोर विजन” को साकार करने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी। इस साझेदारी से प्रदेश में गांव-गांव तक शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार की क्रांति पहुंचेगी, जो युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस त्रिपक्षीय समझौते के तहत “मिथिलेश अग्रवाल नवाचार एवं उद्यमिता उत्कृष्टता केंद्र” की स्थापना की जाएगी, जो युवाओं को शोध, प्रयोग और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र केवल आईआईएम या एनआईटी के विद्यार्थियों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव-गांव के युवाओं को भी लाभान्वित करे। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से भी इस शिक्षा और कौशल विकास के आंदोलन से जुड़ने का आग्रह किया।

    संसाधन-आधारित नहीं, नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करेगा छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ अब कोर सेक्टर के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में तेज़ी से अग्रसर हो रहा है। बीते 20 महीनों में किए गए साढ़े तीन सौ से अधिक सुधारों के परिणामस्वरूप राज्य में निवेश का अनुकूल वातावरण निर्मित हुआ है और केवल आठ माह में 6.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हम सभी यह संकल्प लें कि छत्तीसगढ़ को संसाधन-आधारित नहीं, बल्कि नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला राज्य बनाएंगे – जहाँ युवा बदलाव के वाहक बनें और उद्यमिता से समाज को दिशा दें।

    किसानों के लिए बनेगा देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र

    मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन श्री रामदेव अग्रवाल ने कार्यक्रम में रायपुर में किसानों हेतु देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक अत्यंत समृद्ध प्रदेश है, जिसमें विकास की अपार संभावनाएं हैं। उनका फाउंडेशन इस विकास यात्रा में पूर्णतः समर्पित है। श्री अग्रवाल ने बताया कि फाउंडेशन ने अपनी कुल निधि का 10 प्रतिशत समाज कल्याण के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया है, जिसका उपयोग शिक्षा, कौशल और कृषि से संबंधित कार्यों में किया जाएगा।

    मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन का 172 करोड़ रुपये का योगदान

    मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन ने आईआईएम रायपुर एवं एनआईटी रायपुर को कुल 172 करोड़ रुपये का दान देने की घोषणा की है। इसमें से 101 करोड़ रुपये आईआईएम रायपुर को तथा 71 करोड़ रुपये एनआईटी रायपुर को प्रदान किए जाएंगे। इस दानराशि से आईआईएम रायपुर में “ओसवाल छात्रावास” के 202 कमरे और “दाऊ राम गोपाल अग्रवाल नॉलेज सेंटर” की स्थापना की जाएगी। इसके अतिरिक्त अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी की शीर्ष संस्थाओं के सहयोग से छह अंतरराष्ट्रीय एमबीए कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे।

    इसी प्रकार, एनआईटी रायपुर में “मिथिलेश अग्रवाल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” की स्थापना की जाएगी, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन और क्लीन एनर्जी जैसे डीप-टेक क्षेत्रों पर कार्य करेगा। यह केंद्र वर्ष 2030 तक 10,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देगा, 250 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट करेगा और 5,000 से अधिक कुशल नौकरियों का सृजन करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ की औद्योगिक आवश्यकताओं – विशेषकर खनन, इस्पात और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों – के अनुरूप विकसित की गई है, और यह स्थानीय उद्योगों के साथ मिलकर वास्तविक समस्याओं के समाधान पर केंद्रित रहेगी।

  • पीएम सूर्य घर योजना : बिजली बिल हुआ जीरो तो देवांगन परिवार के चेहरे पर लौटी मुस्कान की चमक

    पीएम सूर्य घर योजना : बिजली बिल हुआ जीरो तो देवांगन परिवार के चेहरे पर लौटी मुस्कान की चमक

    दुर्ग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने दुर्ग जिले के ग्राम मोहलई में रहने वाले देवांगन परिवार की जिंदगी में एक सकारात्मक बदलाव ला दिया है। पहले जहां हर महीने आने वाले भारी-भरकम बिजली बिल उनके लिए चिंता का कारण बनते थे, वहीं अब पिछले छह महीनों से उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य आ रहा है। बिजली बिल जीरो हो जाने से देवांगन परिवार के सदस्यों के चेहरों पर अब मुस्कान की चमक लौट आई है।

    अनिता देवांगन ने बताया कि उन्होंने अपने घर की छत पर 6 किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाया है, जिसकी कुल लागत लगभग तीन लाख रुपये आई। इस पर केंद्र सरकार की ओर से उन्हें 78 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे कुल खर्च काफी कम हो गया। देवांगन परिवार में राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली 30 हजार रूपए की आर्थिक सहायता के लिए भी आवेदन कर दिया है जो कि उन्हें जल्द ही मिल जाएगी। देवांगन परिवार के घर में चार एसी, तीन टीवी और कई अन्य बिजली उपकरण चलते हैं, फिर भी उन्हें अब बिजली बिल देने की कोई जरूरत नहीं रह गई है। उनका कहना है कि अब जो पैसे पहले बिजली बिल में जाते थे, वे बच्चों की पढ़ाई और अन्य घरेलू जरूरतों में लगाए जा रहे हैं। श्रीमती देवांगन के पति श्री हरिहर प्रसाद देवांगन नवापारा में ऑटो पार्ट्स की दुकान चलाते हैं और आधुनिक तकनीकों में गहरी रुचि रखते हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल उनके घर की आवश्यकता केवल दो किलोवॉट की है, शेष चार किलोवॉट बिजली वे सरकार को बेचने की योजना बना रहे हैं, जिससे अतिरिक्त आय भी होगी। इस योजना से न केवल उन्हें आर्थिक लाभ हुआ है, बल्कि परिवार को मानसिक शांति और स्थायी ऊर्जा समाधान भी मिला है। अब वे खुद को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर महसूस करते हैं।

     

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू हुई यह योजना अब आम नागरिकों तक पहुंच रही है और उसका प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। देवांगन परिवार की तरह अनेक परिवार अब बिजली पर होने वाले खर्च से मुक्त होकर अपने भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं। यह योजना न केवल आर्थिक रूप से राहत देती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ा कदम भी है। सूर्य घर योजना ने आम नागरिकों को ऊर्जा क्रांति का भागीदार बनाया है, जिससे भारत का हर घर अब उजाले से भरता जा रहा है।