Author: News Desk

  • छत्तीसगढ़ में आखिरकार  मानसून का आगमन, येलो अलर्ट जारी

    छत्तीसगढ़ में आखिरकार मानसून का आगमन, येलो अलर्ट जारी

    रायपुर

     छत्तीसगढ़ में आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून का आगमन 28 मई को दंतेवाड़ा की ओर से हो गया है. मौसम विभाग ने बस्तर, रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए तेज बारिश के साथ अंधड़ चलने की आशंका जताई है.

    मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी पर स्थित एक चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से 29 और 30 मई को छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा की संभावना है, तत्पश्चात वर्षा में कमी आने की संभावना है. छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटों के बाद अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है.

    दक्षिण-पश्चिम मानसून 28 मई 2025 को छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है. ओडिशा तट से दूर बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी भाग पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है. अगले 24 घंटों के दौरान इसके धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ने और बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भाग पर डिप्रेशन में बदलने की संभावना है.

    एक द्रोणिका पश्चिमी राजस्थान से चक्रवाती परिसंचरण से पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश होते हुए उत्तरी छत्तीसगढ़ तक समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर तक फैली हुई है. पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है.

    पिछले 24 घंटों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई. बस्तर संभाग में अधिकतम तापमान सामान्य से उल्लेखनीय कम रहे, तथा शेष सभी संभागों में सामान्य से चिन्हांकित कम रहे. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 36.3°C पेण्ड्रा रोड में तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.8°C पेण्ड्रा रोड में दर्ज किया गया.

    अगले पांच दिनों तक भारी वर्षा की चेतावनी
    प्रदेश में अगले पांच दिनों तक प्रदेश में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा की तो अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है.

  • रतलाम-नागदा के बीच रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजना की मंजूरी प्रदेश के लिए बड़ी सौगात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    रतलाम-नागदा के बीच रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजना की मंजूरी प्रदेश के लिए बड़ी सौगात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    रेल कनेक्टिविटी बढ़ने से अर्थव्यवस्था को लाभ
    मध्यप्रदेश से तीन नई ट्रेन- रीवा से पुणे, जबलपुर से रायपुर और ग्वालियर से बंगलुरु के बीच चलेंगी
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम-नागदा मल्टीट्रैकिंग परियोजना के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और रेल मंत्री श्री वैष्णव का आभार माना
    प्रेस वार्ता से वर्चुअली जुड़े मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में रेल सुविधाओं के विकास और रेल नेटवर्क के विस्तार को गति प्रदान करने के लिए डबल इंजन सरकार पूरी तरह संकल्पित भाव से कार्य कर रही है। वर्तमान में देश का स्वर्णिम काल चल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि देश में रेल से अच्छा यातायात का कोई अन्य साधन नहीं है। इस नाते केंद्र सरकार रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाते हुए प्रदेश में अलग-अलग रेलवे ट्रैक को विस्तार दे रही है। इसी क्रम में आर्थिक मामलों की केंद्रीय मंत्रिमंडलीय समिति ने रतलाम से नागदा के बीच रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजना को स्वीकृति दी है जो मध्यप्रदेश के लिए बड़ी सौगात है। इससे मालवा अंचल में न सिर्फ रेल कनेक्टिविटी बढ़ेगी बल्कि अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई रेल परियोजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्निनी वैष्णव का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रेल परियोजनाओं की स्वीकृति से संबंधित प्रेस वार्ता में पन्ना से वर्चुअली जुड़े।

    रतलाम-नागदा परियोजना से प्रतिवर्ष बचेगा 7.5 करोड़ लीटर डीजल

    रेल मंत्री श्री वैष्णव ने बताया कि रतलाम से नागदा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने से प्रतिवर्ष 7.5 करोड़ लीटर डीजल की बचत होगी। रतलाम-नागदा मल्टीट्रैकिंग परियोजना से पर्यावरण को भी लाभ पहुंचेगा। इससे 38 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन रोका जा सकेगा। कार्बन उत्सर्जन के लिहाज से देखा जाए तो यह 1.5 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर परियोजना है। वर्चुअल कार्यक्रम में सांसद श्री अनिल फिरोजिया, सूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप, वरिष्ठ सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

    मध्यप्रदेश को मिलेगी तीन नई रेल गाड़ियों की सौगात

    रेल मंत्री श्री वैष्णव ने बताया कि मध्यप्रदेश को जल्द ही तीन नई ट्रेनों की सौगात भी मिलने जा रही है। इनमें पहली ट्रेन रीवा-सतना-जबलपुर-पुणे, दूसरी ट्रेन जबलपुर से रायपुर वाया नैनपुर-गोंदिया और तीसरी ट्रेन ग्वालियर-भोपाल-पुणे-बंगलुरु शामिल हैं। दो महीने पहले नई दिल्ली से डॉ. अंबेडकर नगर (महू) के लिए नई ट्रेन सेवा शुरू हो चुकी है।

    सिंहस्थ के लिए प्रयागराज की तर्ज पर विकसित करेंगे रेल सुविधाएं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेल मंत्रालय ने प्रदेश में प्रारंभ नई रेल परियोजनाओं से बड़ी संख्या में रेल उपयोगकर्ता लाभान्वित होंगे। विश्व धरोहर स्थल खजुराहो तक रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने और सिंहस्थ-2028 की दृष्टि से छोटे-छोटे अंडरपास तैयार करना आवश्यक हैं। रेल मंत्री श्री वैष्णव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आश्वस्त करते हुए कहा कि सिंहस्थ के भव्य आयोजन के लिए प्रयागराज की तर्ज पर उज्जैन तक रेल सुविधाओं का विकास कार्य होगा।

    दो प्रांतों के लगभग बीस लाख नागरिक होंगे लाभान्वित

    उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडलीय आर्थिक मामलों की समिति ने बुधवार को मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के लिए 2 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं की मंजूरी दी। परियोजना की अनुमानित लागत 3,399 करोड़ रूपए है। इन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं के अंतर्गत रतलाम से नागदा के मध्य तीसरी और चौथी लाइन बिछाने का कार्य होगा। वहीं महाराष्ट्र में वर्धा से बल्हारशाह तक चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी। इन दोनों मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं के पूर्ण होने पर भारतीय रेल नेटवर्क में लगभग 176 किलोमीटर तक विस्तार होगा। लगभग 784 गांवों में निवासरत 19.74 लाख नागरिकों तक रेलवे संपर्क सुविधा पहुंचेगी। इससे यात्रियों को सुगम एवं निर्बाध यात्रा का लाभ मिलेगा। साथ ही वस्तुओं के परिवहन कार्य को भी गति मिलेगी।

     

  • स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला अस्पताल महासमुंद का किया औचक निरीक्षण

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला अस्पताल महासमुंद का किया औचक निरीक्षण

     रायपुर

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सुशासन तिहार के तहत आज महासमुंद जिले के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने महासमुंद पहुँचकर जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।

    स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने पंजीयन काउंटर का अवलोकन कर पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी ली। कर्मचारियों ने बताया कि आज कुल 391 लोगों का पंजीयन किया गया है। इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया एवं आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्रीमती शिखा राजपूत उपस्थित थीं।
        उन्होंने डायलिसिस यूनिट का निरीक्षण करते हुए वार्ड में किडनी पीड़ित मरीजों से बातचीत की। मंत्री जायसवाल ने मरीज कोमल रात्रे से इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही, अस्थमा पीड़ित राजकुमार एवं पथरी का इलाज करा रहे सीताराम से चर्चा कर उपचार की स्थिति जानी।
        स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडिकल वार्ड, मेडिसिन वार्ड तथा बाल्य एवं शिशु वार्ड का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाल्य एवं शिशु वार्ड में एसी और टीवी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
        उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है और हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलना चाहिए। जिला अस्पताल निरीक्षण के पश्चात स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा का भी निरीक्षण कर वहां की स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया।

  • टेलीकॉम के स्मार्ट युग में 17 साल बाद बीएसएनएल की हुई बल्ले बल्ले- दीपक सेठी

    टेलीकॉम के स्मार्ट युग में 17 साल बाद बीएसएनएल की हुई बल्ले बल्ले- दीपक सेठी

    कनफेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स, ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन सदस्य, जबलपुर मोबाइल टेलीकॉम ट्रेडर्स एसोसिएशन, सेंट्रल इन्फो टेलीकॉम ट्रेडर्स टेलीकम्युनिकेशन एसोसिएशन एवं अन्य व्यापारी संस्थाओं ने बीएसएनएल के शानदार प्रदर्शन की सराहना की गई, 17 वर्षों में पहली बार लगातार दो तिमाहियों में मुनाफा कमाया! कम्पनी ने अपने लाभदायक पथ पर आगे बढ़ते हुए सराहना की है,

    कैट प्रदेश सेक्रेटरी एवं जबलपुर मोबाइल टेलीकम्युनिकेशन अध्यक्ष दीपक सेठी ने बताया कि बीएसएनएल ने वित्त वर्ष 25 की जनवरी-मार्च तिमाही में लगभग 280 करोड़ रुपये का मजबूत शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में लगभग 261 करोड़ रुपये के बाद लगातार दो लाभदायक तिमाहियों को चिह्नित करता है।

    बीएसएनएल का लगातार सुधार माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के केंद्रित और सुधार-संचालित नेतृत्व को दर्शाता है। 17 साल बाद बीएसएनएल प्रॉफिट से यह लगता है कि समय बदल रहा है धीरे-धीरे सरकारी टेलकॉम कंपनियां के साथ साथ और भी अन्य सरकारी कंपनियां प्रॉफिट में आना चालू हो गई है,

    जबकि इस समय पर टेलकॉम सर्विसिस सेक्टर में बहुराष्ट्रीय एवं कुछ राष्ट्रीय कंपनियां भारी नुकसान में चल रही है, कुछ कंपनियां तो दिवालिया होकर बंद हो चुकी है, एवं कुछ बंद होने की कगार पर चल रही है, टेलीकॉम में इतने स्पर्धा के बाद भी इस तरीके के बीएसएनएल के मुनाफे में आना एक बहुत बड़ी बात है,

    टेलीकॉम का भी एक वह समय था, और एक आज का समय है

    टेलीकॉम से जुड़े 25 साल के अनुभव के आधार पर दीपक सेठी ने बताया कि बताया कि एक वह समय था जब बीएसएनल को लोग फुल फॉर्म में (भूल से ना लेना) एवं (भीतर से न लगना) इस तरीके के स्लोगन से बीएसएनल का परिचय कराया करते थे, आज समय के बदलाव ने उसी बीएसएनल को नुकसान की कंपनी को प्रॉफिट में लाकर खड़ा कर दिया है,

    सेठी ने बताया कि इसका प्रमुख कारण बीएसएनएल ने विगत वर्षों में अपनी नेटवर्क सेवाओं को बेहतर किया है, एवं अपने उपभोक्ताओं को बजट के हिसाब से कम से कम कीमत में मोबाइल सेवाएं उपलब्ध कराई है, कुछ बड़ी राष्ट्रीय मोबाइल कंपनियों के टैरिफ प्लान के रेट बढ़ने से भी विगत एक वर्ष में अत्यधिक संख्याओं में लोगों ने अपनी नंबर की पोर्टेबिलिटी बीएसएनल में वापस से करवाई है, इस तरह से उपभोक्ता का कंपनी के प्रति पूर्णतय विश्वास दर्शाता है,

    दीपक सेठी
    कैट मध्य प्रदेश सेक्रेटरी,
    ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) जबलपुर संभाग अध्यक्ष,
    जबलपुर मोबाइल टेलीकॉम टेलीकम्युनिकेशंस एसोसियेशन (JMTTA) अध्यक्ष,
    सेंट्रल इंफोकॉम टेलीकॉम ट्रेडर्स एसोसिएशन (CITTA) (अध्यक्ष)

  • रानी अहिल्याबाई होल्कर का शासन प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग : मुख्यमंत्री साय

    रानी अहिल्याबाई होल्कर का शासन प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग : मुख्यमंत्री साय

    मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल प्रमुख वक्ता के रूप में हुए शामिल

    रायपुर.

    पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती पर आज राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संगोष्ठी की अध्यक्षता की। मध्यप्रदेश सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने प्रमुख वक्ता के रूप में संगोष्ठी को संबोधित किया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री तोखन साहू और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम भी संगोष्ठी में शामिल हुए। विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवी, समाज सेवी, डॉक्टर, इंजीनियर, आर्किटेक्ट, वकील और साहित्यकार भी बड़ी संख्या में संगोष्ठी में मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संगोष्ठी में राजमाता रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदानों को स्मरण करते हुए उन्हें भारत की सांस्कृतिक एकता और सुशासन का प्रतीक बताया। उन्होंने रानी अहिल्याबाई होल्कर के करीब 30 वर्षों के शासन को प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग कहा। उन्होंने कहा कि इंदौर की महारानी होने के बावजूद राजमाता ने स्वयं को किसी एक भौगोलिक सीमा में नहीं बांधा। उन्होंने देशभर में मंदिरों और धर्मशालाओं का निर्माण कराया। उन्होंने रामराज्य की अवधारणा को साकार करते हुए तीन दशकों तक होल्कर राजवंश का नेतृत्व किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को ऐतिहासिक बताया। पेशवा माधवराव की इच्छा के अनुरूप राजमाता ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण कर करोड़ों आस्थावानों की भावना को सम्मान दिया। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का भी ऐतिहासिक निर्णय लिया, जो भारत की सांस्कृतिक पुनर्स्थापना का प्रतीक बना। श्री साय ने कहा कि आज इंदौर देश में स्वच्छता में अग्रणी है, इसके पीछे राजमाता द्वारा स्थापित गुड गवर्नेंस की प्रेरणा है। वे न्यायप्रिय थीं। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को भी न्याय के लिए दंड देने से परहेज नहीं किया।

    मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने संगोष्ठी को प्रमुख वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने 1767 से 1795 तक अपने 28 वर्षो के शासन काल में धर्मसत्ता और न्यायसत्ता की आवाज बुलंद की। उन्होंने अपने जीवन में तमाम विपत्तियों के बीच अनेक अनुकरणीय कार्य किए। उन्होंने अपने शासन काल में सार्वजनिक धन और राजकोष के सदुपयोग की मिसालें कायम की। राजसत्ता की कोई राशि कभी अपने लिए खर्च नहीं की। श्री पटेल ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर अपने पति के निधन के बाद कभी राजमहल में नहीं रहीं। झोपड़ी में अपना जीवन बिताया। न्याय के लिए उन्होंने अपने पुत्र को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। उन्होंने अपने शासन में विधवाओं को दत्तक पुत्र लेने की अनुमति प्रदान की। रानी अहिल्याबाई होल्कर के प्रजाहितैषी और कल्याणकारी कार्यों के कारण उनके राज्य के लोगों ने उन्हें लोकमाता का दर्जा दिया था।

    विधायक श्री किरण देव और छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष श्री नारायण चंदेल ने भी संगोष्ठी में रानी अहिल्याबाई होल्कर के व्यक्तित्व, कार्यों और उनके शासन काल की विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन, न्यायप्रियता एवं लोक कल्याणकारी कार्यों के माध्यम से भारतीय इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। संगोष्ठी के माध्यम से आज हम उनके विचारों का स्मरण कर रहे हैं। उनके कार्य हमें सामाजिक समरसता और जनसेवा के लिए प्रेरित करते हैं। यह संगोष्ठी आज की पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

    संगोष्ठी में धनकर समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को रानी अहिल्याबाई होल्कर का तैलचित्र भेंट किया। विधायकगण सर्वश्री सुनील सोनी, मोतीलाल साहू और पुरंदर मिश्रा, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, पूर्व मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, सीएसआईडीसी के पूर्व अध्यश्र श्री छगन मूंदड़ा और श्री शंकर अग्रवाल सहित कई निगमों, मंडलों, आयोगों के पदाधिकारी और युवा बड़ी संख्या में संगोष्ठी में उपस्थित थे।

  • भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ और आगजनी मामले में 7 कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित

    भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ और आगजनी मामले में 7 कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित

    धमतरी

    भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ और आगजनी मामले में 7 कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित किया गया है. बता दें कि नगरीय निकाय चुनाव के दौरान टिकट वितरण को लेकर असंतुष्ट नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पैसा लेकर टिकट देने का आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यालय में प्रदर्शन किया था. इस दौरान कार्यालय में तोड़फोड़ की गई थी. सामानों को आग के हवाले किया गया था.

    इस घटना में निखिल साहू, शैलेन्द्र धेनुसेवक, भोला शर्मा, गज्जू शर्मा, रवेन्द्र साहू, संत कोठारी, सुनील निर्मलकर की संलिप्तता पाई गई है. यह पार्टी अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर इन कार्यकर्ताओं को पार्टी की सदस्यता से निष्कासित किया गया गया है.

    ये कार्यकर्ता पार्टी से हुए निष्कासित

        निखिल साहू, सदस्य युवा मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति
        शैलेन्द्र धेनुसेवक, अध्यक्ष अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा मंडल नगरी
        भोला शर्मा, कार्यकर्ता
        गज्जु शर्मा, युवा मोर्चा कार्यकर्ता
        रवेन्द्र साहू
        संत कोठारी
        सुनील निर्मलकर, अध्यक्ष युवा मोर्चा मंडल नगरी

     

  • बंगाल में बोले पीएम मोदी- पाकिस्तान समझ ले, अब आतंकी हमला हुआ, तो बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी

    बंगाल में बोले पीएम मोदी- पाकिस्तान समझ ले, अब आतंकी हमला हुआ, तो बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिलों को 1,010 करोड़ रुपये की सौगात दी। उन्होंने यहां सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) परियोजना की आधारशिला रखी। इससे 2.5 लाख से अधिक घरों के साथ-साथ वाणिज्यिक और औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) उपलब्ध कराना है। योजना के तहत न्यूनतम कार्य कार्यक्रम लक्ष्यों के अनुसार लगभग 19 संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे। इससे विश्वसनीय, पर्यावरण के अनुकूल और लागत प्रभावी ईंधन आपूर्ति की उम्मीद है। साथ ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

    यहां लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और पाकिस्तान के दुस्साहसों का जिक्र किया। उन्होंने बतायास कि कैसे भारत ने तीन पाकिस्तान को उसके घर में घुसकर मारा।

    उन्होंने कहा, 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने जो बर्बरता की, उसके बाद पश्चिम बंगाल में भी बहुत गुस्सा था। आपके भीतर जो आक्रोश था, आपका जो गुस्सा था, उसको मैं भलीभांति समझता था। आतंकवादियों ने हमारी बहनों का सिंदूर मिटाने का दुस्साहस किया। हमारी सेना ने उनको सिंदूर की शक्ति का अहसास करा दिया। हमने आतंक के उन ठिकानों को तबाह किया, जिसकी पाकिस्तान ने कल्पना तक नहीं की थी।

    उन्होंने कहा, आतंक को पालने वाले पाकिस्तान के पास दुनिया को देने के लिए कुछ भी सकारात्मक नहीं है। जब से वो अस्तित्व में आए हैं, तब से ही उसने सिर्फ आतंक को पाला है। 1947 में बंटवारे के बाद से ही उसने भारत पर आतंकी हमला किया। कुछ सालों के बाद उसने यहां पड़ोस में आज के बांग्लादेश में जो आतंक फैलाया, पाकिस्तान की सेना ने जिस प्रकार बांग्लादेश में दुष्कर्म और हत्याएं कीं, वो कोई भूल नहीं सकता। आतंक और नरसंहार पाकिस्तानी सेना की सबसे बड़ी एक्सपरटाइज है।

    उन्होंने कहा, जब सीधा युद्ध लड़ा जाता है, तब उसकी हार तय होती है, उसकी पराजय निश्चित होती है। यही कारण है कि पाकिस्तान की सेना आतंकियों का सहारा लेती है। पहलगाम हमले के बाद अब भारत ने दुनिया को बता दिया है कि अगर अब भारत पर आतंकी हमला हुआ, तो दुश्मन को उसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। पाकिस्तान समझ ले, तीन बार घर में घुसकर मारा है तुम्हे। बंगाल की इस धरती से ये 140 करोड़ भारतीयों का ऐलान है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है।

  • रानी अहिल्याबाई होल्कर का शासन प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    रानी अहिल्याबाई होल्कर का शासन प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर मुख्यमंत्री निवास में संगोष्ठी आयोजित
    मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल प्रमुख वक्ता के रूप में हुए शामिल

    रायपुर। पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती पर आज राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संगोष्ठी की अध्यक्षता की। मध्यप्रदेश सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने प्रमुख वक्ता के रूप में संगोष्ठी को संबोधित किया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री तोखन साहू और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम भी संगोष्ठी में शामिल हुए। विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवी, समाज सेवी, डॉक्टर, इंजीनियर, आर्किटेक्ट, वकील और साहित्यकार भी बड़ी संख्या में संगोष्ठी में मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संगोष्ठी में राजमाता रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदानों को स्मरण करते हुए उन्हें भारत की सांस्कृतिक एकता और सुशासन का प्रतीक बताया। उन्होंने रानी अहिल्याबाई होल्कर के करीब 30 वर्षों के शासन को प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग कहा। उन्होंने कहा कि इंदौर की महारानी होने के बावजूद राजमाता ने स्वयं को किसी एक भौगोलिक सीमा में नहीं बांधा। उन्होंने देशभर में मंदिरों और धर्मशालाओं का निर्माण कराया। उन्होंने रामराज्य की अवधारणा को साकार करते हुए तीन दशकों तक होल्कर राजवंश का नेतृत्व किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को ऐतिहासिक बताया। पेशवा माधवराव की इच्छा के अनुरूप राजमाता ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण कर करोड़ों आस्थावानों की भावना को सम्मान दिया। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का भी ऐतिहासिक निर्णय लिया, जो भारत की सांस्कृतिक पुनर्स्थापना का प्रतीक बना। श्री साय ने कहा कि आज इंदौर देश में स्वच्छता में अग्रणी है, इसके पीछे राजमाता द्वारा स्थापित गुड गवर्नेंस की प्रेरणा है। वे न्यायप्रिय थीं। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को भी न्याय के लिए दंड देने से परहेज नहीं किया।

    मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने संगोष्ठी को प्रमुख वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने 1767 से 1795 तक अपने 28 वर्षो के शासन काल में धर्मसत्ता और न्यायसत्ता की आवाज बुलंद की। उन्होंने अपने जीवन में तमाम विपत्तियों के बीच अनेक अनुकरणीय कार्य किए। उन्होंने अपने शासन काल में सार्वजनिक धन और राजकोष के सदुपयोग की मिसालें कायम की। राजसत्ता की कोई राशि कभी अपने लिए खर्च नहीं की। श्री पटेल ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर अपने पति के निधन के बाद कभी राजमहल में नहीं रहीं। झोपड़ी में अपना जीवन बिताया। न्याय के लिए उन्होंने अपने पुत्र को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। उन्होंने अपने शासन में विधवाओं को दत्तक पुत्र लेने की अनुमति प्रदान की। रानी अहिल्याबाई होल्कर के प्रजाहितैषी और कल्याणकारी कार्यों के कारण उनके राज्य के लोगों ने उन्हें लोकमाता का दर्जा दिया था।

    विधायक श्री किरण देव और छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष श्री नारायण चंदेल ने भी संगोष्ठी में रानी अहिल्याबाई होल्कर के व्यक्तित्व, कार्यों और उनके शासन काल की विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन, न्यायप्रियता एवं लोक कल्याणकारी कार्यों के माध्यम से भारतीय इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। संगोष्ठी के माध्यम से आज हम उनके विचारों का स्मरण कर रहे हैं। उनके कार्य हमें सामाजिक समरसता और जनसेवा के लिए प्रेरित करते हैं। यह संगोष्ठी आज की पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

    संगोष्ठी में धनकर समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को रानी अहिल्याबाई होल्कर का तैलचित्र भेंट किया। विधायकगण सर्वश्री सुनील सोनी, मोतीलाल साहू और पुरंदर मिश्रा, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, पूर्व मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, सीएसआईडीसी के पूर्व अध्यश्र श्री छगन मूंदड़ा और श्री शंकर अग्रवाल सहित कई निगमों, मंडलों, आयोगों के पदाधिकारी और युवा बड़ी संख्या में संगोष्ठी में उपस्थित थे।

  • स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने महासमुंद में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का किया औचक निरीक्षण

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने महासमुंद में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का किया औचक निरीक्षण

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने आज महासमुंद जिले के  निर्माणाधीन नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज के नवीन भवन निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का जायज़ा लिया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्रीमती शिखा राजपूत भी उपस्थित रहे।

    निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री  जायसवाल ने भवन निर्माण में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने दिसंबर 2025 तक सभी सिविल वर्क पूरे करने के निर्देश दिए। समय सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने पर नियमानुसार पेनाल्टी शुल्क लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने संबंधित निर्माण एजेंसी को निर्देशित करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा के निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान अधिकारियों ने मंत्री को कॉलेज के निर्माण की वर्तमान स्थिति, कार्य प्रगति, भविष्य की योजना और संभावित समय सीमा की विस्तृत जानकारी दी। मंत्री ने अधिकारियों की टीम से यह सुनिश्चित करने कहा कि निर्माण कार्य समयसीमा के भीतर पूरा हो।

    उल्लेखनीय है कि निर्माणाधीन नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय 89.19 एकड़ में 325 करोड़ की अनुमोदित लागत से तैयार हो रहा है। महासमुंद में 125 सीटर मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मिली है। कॉलेज भवन का निर्माण कार्य दिसम्बर 2025 तक पूर्ण कर लिया जाएगा।

  • छत्तीसगढ़ में विकसित कृषि संकल्प अभियान का शुभारंभ

    छत्तीसगढ़ में विकसित कृषि संकल्प अभियान का शुभारंभ

    गरीब परिवारों को पक्का मकान देकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को कर रहे हैं पूरा: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
    भैंसा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए दी साढे़ 3 करोड़ की सौगात
    भैंसा में नवीन पुलिस चौकी खोलने की घोषणा
    मुख्यमंत्री ने 110 हितग्राहियों को सौंपी पीएम आवास की चाबी
    मुख्यमंत्री भैंसा में आयोजित सुशासन तिहार में ग्रामीणों से हुए रूबरू

    रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज रायपुर जिले के ग्राम भैंसा में आयोजित सुशासन शिविर में शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर देश भर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 29 मई से 12 जून तक चलने वाले विकसित कृषि संकल्प अभियान के लिए जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। उन्होंने शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् निर्मित 110 पक्के मकानों की चाबी हितग्राहियों को सौंपा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान की शुरुवात हो रही है। इस अभियान में केंद्र सरकार के वैज्ञानिक भी आएंगे और राज्य के वैज्ञानिकों के साथ दल बनाकर कार्य करेंगे। राज्य के 13 लाख से अधिक किसानों से आने वाले दिनों में सम्पर्क कर हम राज्य में कृषि विकास हेतु कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आव्हान पर कृषि वैज्ञानिक और शोधकर्ता प्रयोग शाला से खेत तक जाकर उन्नत एवं संतुलित कृषि के संबंध में किसानों को जागरूक करेंगे तथा किसानों से भी सुझाव लेंगे।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का संकल्प है कि देश के हर गरीब के पास पक्का मकान होना चाहिए। हमारी सरकार यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने राज्य के मकान विहीन वाले एवं गरीब परिवारों को 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति प्रदान की है। लाखों लोगों को उनके पक्के आवास मिल चुके हैं। साथ ही शेष बचे हुए मकानों का निर्माण जारी है, उन्होंने कहा कि आवास प्लस प्लस में सब बचे हुए पात्र लोगों को भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में 70 लाख से ज्यादा बहनों के खातों में महतारी वंदन योजना के तहत् प्रतिमाह 1 हजार रूपए की राशि अंतरित किए जा रहे हैं। जिनका नाम नही जुड़ा, उनके लिए भी जल्द ही योजना में नाम जोड़ने का काम शुरू किया जाएगा।

    हितग्राहियों से लिया फीडबैक

    मुख्यमंत्री साय ने समाधान शिविर में हितग्राहियों से चर्चा कर योजनाओं के फीडबैक लिए। हितग्राही श्री चमार सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री को बताया कि गिरते हुए जल स्तर को ध्यान में रखते हुए धान की खेती के अलावा उद्यानिकी और कम पानी खर्च और अधिक आमदनी वाले फसलों को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने जैविक कृषि के लिए भी किसानों से अपील की। श्रीमती चंदन ने महतारी वंदन योजना शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया उन्होंने कहा कि वे इस योजना के पैसे का उपयोग बच्चों की पढ़ाई के साथ ही अन्य जरूरत पर करते हैं।

    मुख्यमंत्री की घोषणाएं

    मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में क्षेत्र के विकास के लिए लगभग साढ़े 3 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें ग्राम भैसा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 75 लाख रूपए, हाईस्कूल भवन निर्माण के लिए 75 लाख 23 हजार रूपए पानी टँकी एवं पाइप लाइन विस्तार हेतु 55 लाख, हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए 50 लाख रूपए, अहाता एवं शेड निर्माण के लिए 20 लाख रूपए, ग्राम अमोड़ी में पाइप लाइन विस्तार के लिए 42 लाख रूपए, हायर सेकंेडरी स्कूल में तीन अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 24 लाख रूपए देने की घोषणा की। उन्होंने इस मौके पर भैंसा में नवीन नवीन पुलिस चौकी खोलने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने शिविर में कृषि पत्रिका का भी विमोचन किया। समाधान शिविर में कृषि विभाग के योजनाओं के तहत् हितग्राहियों का कृषि उपकरणों हेतु अनुदान चेक, दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकल, किसान क्रेडिट कार्ड भी प्रदान किए।

    कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रिसर्च सिर्फ लैब तक न रहे, लैब से निकलकर वैज्ञानिक गांव-गांव तक जाए और किसानों तक जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया। यहां केंद्र सरकार के 100 वैज्ञानिक आएंगे, साथ ही यहां के वैज्ञानिक और विभिन्न विभागों के अधिकारी हर दिन 2-2 कैंप करेंगे और किसान को उन्नत और संतुलित खेती के संबंध में जानकारी देंगे। उन्होंने राज्य के किसानों को अपील करते हुए कहा कि इस अभियान में ज्यादा से ज्यादा किसान शामिल हो। कौन सी खेत में क्या फलस लेना है कितनी खाद-बीज और दवाई की जरूरत है के संबंध में चर्चा करें और कृषि को उन्नत बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का सोच है कि हमारे किसान जितने मजबूत होंगे, उतना देश शक्तिशाली और मजबूत होगा। कार्यक्रम को स्थानीय विधायक गुरू खुशवंत साहेब ने भी संबोधित किया और क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष् अपनी मांग रखी।

    समाधान शिविर में कलेक्टर रायपुर श्री गौरव सिंह ने बताया कि जिले में प्रथम चरण में 2,98,635 आवेदन प्राप्त हुए तथा शिविरों के माध्यम से 12,003 आवेदन मिले इनमें मांग 2,89,968 और शिकायतों के 8641 प्राप्त हुए। सभी आवेदनों का निराकरण कर लिया गया है। मात्र शिकायतों के 26 प्रकरण लंबित है। उन्होंने बताया कि समाधान शिविरों में लर्निंग लाइसेंस बनाने के लिए भी शिविर लगाए गए थे। इन शिविरों में 5000 से अधिक लर्निंग लाइसेंस बनाए गए हैं।

    इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, छत्तीसगढ़ बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, किसान कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव श्रीमती सहला निगार, रायपुर संभाग के आयुक्त श्री महादेव कावरे, एस.एस.पी श्री लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार विश्वरंजन और नगर निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।