Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Knock India
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Knock India
    Home » Blog » सुकमा के गोण्डा क्षेत्र में 29 भटके युवाओं ने चुना शांति और सम्मान का मार्ग
    छत्तीसगढ़

    सुकमा के गोण्डा क्षेत्र में 29 भटके युवाओं ने चुना शांति और सम्मान का मार्ग

    HasinaBy HasinaJanuary 14, 2026No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    सुकमा के गोण्डा क्षेत्र में 29 भटके युवाओं ने चुना शांति और सम्मान का मार्ग
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। सुकमा जिले के गोण्डा क्षेत्र में सक्रिय रहे 29 भटके युवाओं ने हिंसा और भटकाव का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लिया है।

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि उस भरोसे, सुरक्षा और स्थिरता का प्रमाण है जो अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लौट रहा है।

    मुख्यमंत्री श साय ने कहा कि जहाँ कभी भय, दबाव और असुरक्षा का वातावरण था, वहाँ अब सुरक्षा शिविरों की सशक्त मौजूदगी, प्रशासन की सक्रियता और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुँच से हालात तेजी से बदल रहे हैं। सुकमा और उसके आसपास के इलाकों में विकास कार्य, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ आम लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति है कि “जो हिंसा छोड़कर संविधान और विकास का रास्ता चुनेगा, उसके लिए सरकार सम्मानजनक जीवन, अवसर और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करेगी।” सरकार का उद्देश्य केवल हिंसा को समाप्त करना नहीं, बल्कि उन युवाओं को समाज की मुख्यधारा में लौटाकर उन्हें एक नई पहचान और नया जीवन देना है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 29 युवाओं का मुख्यधारा में लौटना यह साबित करता है कि अब छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में डर की जगह भरोसा और अंधेरे की जगह उम्मीद ने ले ली है। यह परिवर्तन केवल सुरक्षा अभियानों का परिणाम नहीं, बल्कि उस संवेदनशील शासन व्यवस्था का परिणाम है जो संवाद, विकास और पुनर्वास को प्राथमिकता देती है।

    राज्य सरकार ने पुनर्वास, कौशल विकास, शिक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया है कि भटकाव छोड़ने वाले युवाओं को समाज में सम्मान, स्थिरता और आत्मनिर्भरता मिले। छत्तीसगढ़ आज स्पष्ट रूप से यह संदेश दे रहा है कि हिंसा नहीं, विकास ही भविष्य है।

    Hasina

    Related Posts

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने निवास पर जलाया ‘आशीर्वाद का दीया’…..

    September 17, 2026

    प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सेवाकाल पर बलौदाबाजार में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य आगाज, सवा लाख दीपों से अलौकिक हुआ विवेकानंद सरोवर….

    September 17, 2026

    छत्तीसगढ़ में देश का पहला राज्य स्तरीय ‘AI Conclave’ आयोजित, शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए तैयार होगा AI आधारित रोडमैप….

    September 17, 2026

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्नेह और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ को सदैव मिलता रहा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….

    September 17, 2026

    सेवा-संकल्प-अभियान : प्रदेश के 20,298 गांवों के खसरा और 19,723 गांवों के भू-नक्शों का कंप्यूटरीकृत….

    September 17, 2026

    ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान का भव्य शुभारंभ, 10 हजार दीपों से जगमगाया खाड़ाबांध तालाब, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सेवा व सुशासन का शंखनाद….

    September 17, 2026
    RO.No :-13998/146
    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - KHURSHID ALAM
    मोबाइल - 07828272058
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Near Ratan Bhawan Phool Chowk Nayapara,CSEB Road Raipur (C.G.)
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.