Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की गौरवशाली जनजातीय संस्कृति, कला, परंपराओं और लोकविधाओं को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से राज्य सरकार आगामी वर्ष ‘बस्तर पंडुम 2026’ का भव्य आयोजन करने जा रही है। इसी सिलसिले में शनिवार को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के सरकारी निवास में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें आयोजन से जुड़े सभी प्रमुख विभागों ने अपनी तैयारियों की जानकारी दी। बैठक में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, विभागीय सचिव रोहित यादव, संचालक विवेक आचार्य, बस्तर पंडुम के नोडल अधिकारी युगल किशोर और मंत्री अग्रवाल के ओएसडी जितेंद्र सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कार्यक्रम की समयसीमा, आयोजन के चरण, प्रतिभागियों की संख्या और प्रतियोगिताओं के प्रारूप को अंतिम रूप दिया गया।
⭐ तीन चरणों में होगा आयोजन, 05 जनवरी से 05 फरवरी तक छाएगा बस्तर पंडुम 2026
राज्य सरकार ने ‘बस्तर पंडुम 2026’ को तीन चरणों में आयोजित करने का निर्णय लिया है—
1️⃣ पहला चरण: जनपद स्तर — 05 से 15 जनवरी 2026
2️⃣ दूसरा चरण: जिला स्तर — 20 से 25 जनवरी 2026
3️⃣ अंतिम चरण: संभाग स्तर — 01 से 05 फरवरी 2026
प्रत्येक चरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार राशि व प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
⭐ 12 प्रमुख जनजातीय विधाओं में प्रतियोगिताएं
‘बस्तर पंडुम 2026’ में बस्तर की पारंपरिक कला-शैली और जनजातीय जीवन पद्धति को केंद्र में रखकर कुल 12 विधाओं में प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें—
पारंपरिक नृत्य
बस्तर गीत
जनजातीय रीति-रिवाज
वाद्ययंत्र वादन
जनजातीय शिल्प
पारंपरिक व्यंजन
जनजातीय वेशभूषा
चित्रकला
आंचलिक साहित्य
जनजातीय नाट्य
आभूषण निर्माण
पेय पदार्थ एवं वन-औषधि प्रदर्शन
इन सभी प्रतियोगिताओं का आयोजन जनपद, जिला और अंत में संभाग स्तर पर किया जाएगा।
⭐ देश-विदेश की हस्तियों को आमंत्रण
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि—
जनजातीय बाहुल्य राज्यों के जनप्रतिनिधि,
केंद्रीय मंत्री,
विदेशी राजनयिक व राजदूत,
और बस्तर क्षेत्र के पद्म सम्मानित कलाकार
को समारोह में आमंत्रित किया जाए।
इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर समाज प्रमुख, सिरहा, मांझी, चालकी और परंपरागत पदाधिकारियों को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए।
⭐ बस्तर संभाग के 07 जिलों की भागीदारी
इस महापर्व में बस्तर संभाग के
7 जिले,
1885 ग्राम पंचायत,
32 जनपद पंचायत,
08 नगर पालिका,
12 नगर पंचायत,
और 01 नगर निगम क्षेत्र के हजारों प्रतिभागी शामिल होंगे।
बैठक में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सभी तैयारियां निर्धारित समय में पूर्ण हों ताकि आयोजन शानदार व सफल हो। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बस्तर की आत्मा, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है।
