Dongargaon. डोंगरगांव। विष्णुदेव साय ने आज डोंगरगांव के नदिया ग्राम स्थित 202 वर्ष प्राचीन और ऐतिहासिक कबीर मठ में दर्शन किए। अखिल भारतीय सद्गुरु कबीर संत सम्मेलन एवं फाल्गुन महोत्सव के पावन अवसर पर उन्होंने पुण्यस्थल पर पहुंचकर संतों की समाधि पर पुष्प एवं श्रीफल अर्पित किए तथा प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने मठ परिसर में संत समाज से आशीर्वाद प्राप्त किया और वहां की प्राचीन आचार्य परंपरा के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कबीर पंथ की शिक्षाएं समाज को सत्य, सदाचार और समानता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। मठ में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों और भजन-कीर्तन में भी उन्होंने सहभागिता की।

इस अवसर पर संत समाज और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संत कबीरदास की वाणी आज भी समाज को जागरूक और एकजुट करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कबीर पंथ वर्षों से समाज में व्याप्त कुप्रथाओं, भेदभाव और अंधविश्वास के खिलाफ संघर्ष करता आया है तथा मानवता, भाईचारे और सादगी का संदेश देता रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार संत परंपराओं और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण और संवर्धन हमारी सांस्कृतिक विरासत को मजबूत बनाता है। उन्होंने मठ के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। फाल्गुन महोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में संतों ने भी समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना और सामाजिक समरसता बनाए रखने पर जोर दिया। कार्यक्रम का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
