गौरी शंकर गुप्ता/लैलूंगा/रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। रायगढ़ जिले के लैलूंगा नगर के शहरी व आबादी वाले क्षेत्र में लंबे समय से संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के बैनर तले विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों का आक्रोश फूट पड़ा। सुबह करीब 10 बजे बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और नगरवासियों ने मुख्य मार्ग पर बैठकर जोरदार चक्काजाम और प्रदर्शन किया, जिससे काफी देर तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा। अंततः प्रशासनिक अधिकारियों के एक माह के भीतर शराब दुकान स्थानांतरित करने के ठोस आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।
रिहायशी क्षेत्र में शराब दुकान से जनजीवन प्रभावित
प्रदर्शनकारी छात्रों और नगरवासियों का कहना था कि नगर के बीचों-बीच स्थित शराब दुकान के कारण रोजाना महिलाओं, छात्राओं, स्कूली बच्चों और राहगीरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
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सुरक्षा पर सवाल: शराब दुकान के आसपास असामाजिक तत्वों और शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे क्षेत्र का माहौल प्रदूषित हो रहा है और विशेष रूप से छात्राओं में असुरक्षा की भावना बनी रहती है।
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पूर्व में भी दी गई थी चेतावनी: स्थानीय नागरिकों द्वारा पहले भी इस संबंध में आवेदन-निवेदन किए गए थे, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण अंततः विद्यार्थियों को उग्र रुख अपनाकर सड़क पर उतरना पड़ा।

प्रशासनिक अमला पहुँचा मौके पर, अधिकारियों से हुई वार्ता
चक्काजाम की सूचना मिलते ही स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल के साथ अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम), आबकारी विभाग के अधिकारी, तहसीलदार एवं थाना प्रभारी लैलूंगा दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के बीच बैठकर उनकी मांगों को गंभीरता से सुना और समस्या के समाधान पर विस्तृत चर्चा की।
1 माह में स्थानांतरण का आश्वासन, प्रक्रिया शुरू
चर्चा के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों एवं आबकारी विभाग ने आधिकारिक रूप से स्वीकार किया कि जनभावनाओं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित किया जाना आवश्यक है।
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वैकल्पिक स्थल का चयन: अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को स्पष्ट किया कि नए वैकल्पिक स्थल के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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समय-सीमा: नियम अनुसार आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करते हुए एक माह की अवधि में शराब दुकान को वर्तमान रिहायशी इलाके से बाहर शिफ्ट कर दिया जाएगा।
समय-सीमा पर काम न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
अधिकारियों के स्पष्ट और समयबद्ध आश्वासन के बाद ABVP पदाधिकारियों और छात्रों ने आंदोलन समाप्त कर चक्काजाम खोल दिया, जिसके बाद मुख्य मार्ग पर यातायात पुनः सामान्य हो सका।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य यातायात बाधित करना नहीं, बल्कि जनहित की बात को शासन तक पहुँचाना था। छात्र संगठन ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित एक माह के भीतर शराब दुकान को स्थानांतरित नहीं किया गया, तो वे आम जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
