गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा क्षेत्र में एक व्यक्ति पर भोजन, घरेलू सामान और मकान किराए की राशि का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की गई है। शिकायतकर्ताओं में गुप्ता भोजनालय के संचालक विरेन्द्र गुप्ता, संतोष किराना स्टोर के संचालक प्रकाश साहू और मकान मालिक रमजान बेग शामिल हैं। तीनों ने अपने आवेदन में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, अंकित कुमार श्रीवास्तव नामक व्यक्ति ने खुद को VTR-INFRA PVT LTD में इंजीनियर बताते हुए घरघोड़ा में काम करने की जानकारी दी थी। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि उसने गुप्ता भोजनालय के संचालक से दोनों समय भोजन उपलब्ध कराने की बात कही और महीने के अंत में भुगतान करने की बात कही थी। इसके बाद वह भोजनालय में खाना खाता रहा।
आवेदन में भोजन का कुल बिल 10,950 रुपये बताया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित व्यक्ति बाद में भुगतान किए बिना अपने घर चला गया। मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किए जाने की बात भी आवेदन में कही गई है।
नोटिस के बाद 4 हजार रुपये भुगतान का दावा
शिकायत में कहा गया है कि संबंधित व्यक्ति से संपर्क नहीं होने के बाद आवेदक की ओर से अधिवक्ता के माध्यम से विधिक नोटिस की प्रति व्हाट्सऐप पर भेजी गई। आवेदन के अनुसार, इसके बाद संबंधित व्यक्ति ने फोन-पे के माध्यम से 4,000 रुपये का भुगतान किया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि भोजन के बिल की शेष राशि का भुगतान किया जाना बाकी है। आवेदन में इसी मामले में पुलिस से आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
किराना दुकान से घरेलू सामान लेने का भी आरोप
शिकायत में संतोष किराना स्टोर के संचालक प्रकाश साहू की ओर से भी आर्थिक लेन-देन का उल्लेख किया गया है। आवेदन के अनुसार, संबंधित व्यक्ति ने किराना दुकान से करीब 17,000 रुपये का घरेलू सामान लिया था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि सामान लेने के बाद संबंधित राशि का भुगतान नहीं किया गया और संबंधित व्यक्ति अपने घर चला गया। इस राशि को लेकर भी शिकायत में कार्रवाई और राशि वापस दिलाने की मांग की गई है।
तीन महीने के किराए का भुगतान नहीं करने का आरोप
मकान मालिक रमजान बेग की ओर से भी शिकायत में किराए से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। आवेदन के अनुसार, संबंधित व्यक्ति इंजीनियर के रूप में काम करने के दौरान रमजान बेग के किराए के मकान में रह रहा था।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्ति ने तीन महीने का किराया भुगतान नहीं किया और बाद में अपने घर चला गया। हालांकि, उपलब्ध आवेदन में तीन महीने के किराए की कुल राशि स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है। इसलिए किराए की राशि को लेकर कोई निश्चित रकम दावा करना उचित नहीं होगा।
पुलिस से कार्रवाई और राशि दिलाने की मांग
तीनों शिकायतकर्ताओं ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति ने उनसे भोजन, घरेलू सामान और आवास की सुविधा लेने के बाद भुगतान नहीं किया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने तथा उनके अनुसार बकाया राशि दिलाने की मांग की है।
फिलहाल यह पूरा मामला शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। उपलब्ध आवेदन के आधार पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच अथवा कार्रवाई के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। संबंधित व्यक्ति का पक्ष भी सामने आना बाकी है।
