न्यूज़ डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर के बाद वैश्विक ऊर्जा संकट टलता नजर आ रहा है। मंगलवार रात हुई इस घोषणा के साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने पर भी सहमति बनी, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस आपूर्ति में सुधार की उम्मीद बढ़ गई है।
LPG की कमी से मिल सकती है राहत
पिछले कुछ दिनों में युद्ध के कारण कई देशों में एलपीजी की कमी देखने को मिली थी और लंबी कतारें लग रही थीं। भारत में भी इस संकट की आशंका थी, लेकिन अब हालात सामान्य होने की संभावना जताई जा रही है।
सरकार ने तय किया आवंटन प्लान
केंद्र सरकार ने एलपीजी की सप्लाई सुचारू बनाए रखने के लिए सभी राज्यों और उद्योगों के लिए आवंटन सीमा निर्धारित कर दी है। इसका उद्देश्य आवश्यक सेवाओं और उद्योगों पर किसी भी तरह का असर नहीं पड़ने देना है।
इन सेक्टर्स को प्राथमिकता
सरकार ने फार्मा, फूड, यूरेनियम, हेवी वाटर, पॉलीमर, एग्रीकल्चर, पैकेजिंग, मेटल, केरेमिक, पेंट, स्टील, बीज, फाउंड्री, फोर्जिंग और ग्लास जैसे अहम सेक्टर्स को प्राथमिकता दी है। इन क्षेत्रों को उनकी पूर्व खपत के करीब 70 प्रतिशत तक LPG उपलब्ध कराई जाएगी।
रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखा गया
सरकार का मानना है कि यदि इन महत्वपूर्ण उद्योगों को पर्याप्त गैस नहीं मिली, तो आम जनता की दैनिक जरूरतों पर असर पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
