Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रामनवमी के पावन अवसर पर बगिया स्थित अपने निवास में देवी स्वरूपा नन्हीं बेटियों का विधि-विधान से पूजन किया और अपने हाथों से उन्हें प्रसाद अर्पित किया। यह परंपरा हर वर्ष रामनवमी के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा निभाई जाती है और इसे प्रदेश में नारी शक्ति के प्रति सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बेटियाँ केवल पूजनीय ही नहीं हैं, बल्कि वे हमारे समाज और भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि इस परंपरा के माध्यम से समाज में यह संदेश दिया जाता है कि बेटियों का सम्मान, उनके अधिकार और उनकी सुरक्षा हमारी सांस्कृतिक और नैतिक जिम्मेदारी है।
विष्णुदेव साय ने माँ जगदम्बा से प्रार्थना की कि वे अपनी कृपा से प्रदेश की प्रत्येक बेटी को शिक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता प्रदान करें। उनका यह संदेश न केवल परिवारों को बेटियों के प्रति सजग करने वाला है, बल्कि यह नए छत्तीसगढ़ के निर्माण में बेटियों की अग्रणी भूमिका को भी रेखांकित करता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बेटियों के विकास, शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। बेटियाँ हमारे समाज की उज्जवल धरोहर हैं और उनकी प्रतिभा, शिक्षा और सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाना हमारा कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी लोगों को यह भी याद दिलाया कि बेटियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा केवल पारंपरिक पूजन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन में भी निभाया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बेटियों का शिक्षित और सशक्त होना प्रदेश और राष्ट्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा नन्हीं बेटियों को प्रसाद अर्पित करना और उनके सम्मान का यह दृष्टांत स्थानीय समाज में नारी शक्ति के महत्व को उजागर करता है। यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है, बल्कि सामाजिक और नैतिक संदेश भी देता है कि बेटियाँ हमारे भविष्य की मजबूत नींव हैं।
