गौरी शंकर गुप्ता/सारंगढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सारंगढ़ स्थित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में खाद्यान्न गबन का बड़ा मामला सामने आया है। खाद्य विभाग की टीम द्वारा वार्ड क्रमांक 12 स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान (आईडी क्रमांक 411003005) में किए गए भौतिक सत्यापन में 372.12 क्विंटल सरकारी चावल और लगभग 1 क्विंटल शक्कर गायब पाई गई। गरीबों के राशन में की गई इस बड़ी हेराफेरी के उजागर होने के बाद खाद्य महकमे ने संचालन समूह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
सर्वर में दर्ज था 425 क्विंटल स्टॉक, मौके पर मिलीं महज 107 बोरियां
जिला खाद्य अधिकारी और सहायक खाद्य अधिकारी की संयुक्त टीम ने स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में दुकान का औचक निरीक्षण किया था। ऑनलाइन AEPDS सर्वर में दुकान के नाम पर 425.62 क्विंटल चावल दर्ज था, जबकि मौके पर केवल 53.50 क्विंटल (107 बोरियां) चावल ही मिला। जांच में सीधे तौर पर 372.12 क्विंटल चावल और 93 किलोग्राम शक्कर नदारद पाई गई, जबकि नमक का स्टॉक स्वीकृत सीमा से 3.30 क्विंटल अधिक मिला।
संचालक समूह ने साधी चुप्पी, सितंबर तक भरपाई करने का दिया बयान
जांच अधिकारियों द्वारा स्टॉक में इतनी भारी अंतर पर सवाल पूछने पर दुकान की विक्रेता संतोषी बरेठ और सचिव गीता बरेठ कोई संतोषजनक कारण या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकीं। गबन की बात पर पर्दा डालते हुए विक्रेता ने केवल इतना कहा कि गायब स्टॉक की भरपाई आगामी सितंबर माह के अंत तक कर दी जाएगी। इससे साफ जाहिर होता है कि गरीबों के लिए आवंटित सैकड़ों क्विंटल खाद्यान्न को अवैध रूप से बाजार में खपाया गया है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत होगी दंडात्मक कार्रवाई
कलेक्टर कार्यालय (खाद्य शाखा) द्वारा श्री गणेश बचत एवं साख समूह को जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यह कृत्य छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश-2016 की विभिन्न कंडिकाओं और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 का उल्लंघन है। प्रशासन ने 7 दिवस के भीतर संतोषजनक लिखित जवाब प्रस्तुत करने का अल्टीमेटम दिया है, अन्यथा समूह का आवंटन रद्द करते हुए एकपक्षीय वैधानिक और प्राथमिक दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
