गौरी शंकर गुप्ता/बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर के विकास उपनगर 27 खोली स्थित ‘श्री गुरु तेग बहादुर उच्चतर माध्यमिक शाला’ में 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस का पावन पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, श्रद्धा और गरिमामय माहौल में मनाया गया। इस विशेष अवसर पर स्कूल परिसर को रंग-बिरंगी सजावट से संवारा गया था, जहां छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने मिलकर पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का स्मरण किया।
समारोह की शुरुआत श्री गुरु तेग बहादुर शिक्षण समिति के अध्यक्ष सरदार अजीत सिंह भोगल एवं प्रबंध समिति के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा मां सरस्वती तथा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपने-अपने गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें तिलक लगाया और पुष्पगुच्छ व स्मृति चिह्न भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत व सम्मान किया।
कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने गुरु-शिष्य परंपरा और शिक्षकों के महत्व को रेखांकित करते हुए मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य, देशभक्ति व भक्ति गीतों की रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भाषण के माध्यम से गुरु और शिष्य के पवित्र व अटूट रिश्ते पर अपने विचार साझा किए, जिसने वहां मौजूद सभी अतिथियों और शिक्षकों को भावविभोर कर दिया।
समारोह को संबोधित करते हुए संस्था के अध्यक्ष सरदार अजीत सिंह भोगल ने कहा कि शिक्षक ही वास्तव में राष्ट्र का सच्चा निर्माता होता है। एक समर्पित शिक्षक ही बालक के भीतर छिपी प्रतिभा को तराश कर उसे सही मार्गदर्शन देता है और समाज व देश का जिम्मेदार नागरिक बनाता है। गुरुओं का आदर और सम्मान करना ही हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति और परंपरा का मूल आधार है।
इस गरिमामय आयोजन में गुरु तेग बहादुर शिक्षण समिति के सचिव सरदार त्रिलोचन सिंह बैस, उपाध्यक्ष सरदार चरण सिंह सिहरा, सह सचिव सरदार कमलजीत सिंह सोहल, कार्यकारिणी सदस्य गुरप्रीत सिंह भगत सहित शाला के प्राचार्य, समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन एवं उपस्थित जनसमूह के प्रति धन्यवाद ज्ञापन अमलेंदु मुखर्जी द्वारा किया गया।
