गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। रायगढ़ पुलिस द्वारा जिले में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और लोगों को सतर्क करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन एवं एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन में घरघोड़ा पुलिस ने तिलाईपाली स्थित सीआईएसएफ (CISF) कैंप में एक विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम में घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने CISF कंपनी के अधिकारियों एवं जवानों को वर्तमान में प्रचलित साइबर फ्रॉड के नए तरीकों की जानकारी दी और उनसे बचने के व्यावहारिक उपाय समझाए।
‘डिजिटल अरेस्ट’ और फर्जी KYC के झांसे से बचें
थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू ने बताया कि मोबाइल बैंकिंग, UPI, ऑनलाइन शॉपिंग और सोशल मीडिया के दौर में साइबर अपराधी ठगी के नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। अपराधी अक्सर बैंक, पुलिस, सीबीआई (CBI), ईडी (ED), ट्राई (TRAI), बिजली विभाग या कूरियर कंपनी का अधिकारी बनकर डर और लालच पैदा करते हैं।
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डिजिटल अरेस्ट का सच: अपराधियों द्वारा वीडियो कॉल पर पुलिस या जांच एजेंसी का फर्जी अधिकारी बनकर गिरफ्तारी का डर दिखाया जाता है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि कोई भी पुलिस या सरकारी जांच एजेंसी वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर पैसे जमा कराने का निर्देश नहीं देती। ऐसे कॉल आने पर तुरंत डिस्कनेक्ट करें।
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फर्जी KYC और ऑफर: बैंक खाता बंद होने, बिजली काटने, फर्जी कूरियर, फर्जी निवेश और लोन ऐप के नाम पर आ रहे झांसों से सतर्क रहने की सलाह दी गई।

सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग के लिए महत्वपूर्ण टिप्स
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UPI PIN का नियम: जवानों को समझाया गया कि UPI PIN हमेशा पैसे भेजने (भुगतान करने) के लिए दर्ज किया जाता है, पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं।
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गोपनीय डेटा शेयर न करें: किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV या बैंकिंग पासवर्ड साझा न करें।
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APK फाइलों और लिंक से दूरी: व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर आए किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करें, इससे फोन हैक हो सकता है।
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AI वॉइस और वीडियो फ्रॉड: यदि कोई परिचित व्यक्ति सोशल मीडिया या कॉल पर अचानक आपात स्थिति बताकर पैसे मांगे, तो उसके वैकल्पिक या पुराने नंबर पर कॉल कर सत्यता की जांच जरूर करें।

ठगी होने पर तुरंत करें 1930 पर शिकायत
घरघोड़ा पुलिस ने जानकारी दी कि यदि कोई व्यक्ति अनजाने में साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। ठगी के तुरंत बाद (गोल्डन आवर में) शिकायत दर्ज कराने से पुलिस द्वारा ठगी गई राशि को आगे ट्रांसफर होने से रोकने और फ्रीज कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
कार्यक्रम में उपस्थित CISF अधिकारियों एवं जवानों ने इस जागरूकता सत्र को सुरक्षा बलों के दैनिक और डिजिटल जीवन के लिए बेहद उपयोगी और सराहनीय बताया।
