गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र के बहुचर्चित वृद्ध हत्याकांड में रायगढ़ पुलिस की ठोस विवेचना और अभियोजन की सशक्त पैरवी रंग लाई है। खरसिया स्थित अपर सत्र न्यायालय की न्यायाधीश श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव ने 62 वर्षीय गेंदलाल डनसेना की निर्मम हत्या के आरोपी सगे नातियों—ओमप्रकाश डनसेना उर्फ गोलू एवं कार्तिक डनसेना को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, ग्राम सोण्डका निवासी मृतक गेंदलाल डनसेना का अपने पुश्तैनी मकान व जमीन को लेकर पारिवारिक विवाद चल रहा था। 26 दिसंबर 2022 को संपत्ति और निर्माण को लेकर हुए हिंसक विवाद के दौरान दोनों आरोपियों ने अपने वृद्ध नाना पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए कमरे में छिपे वृद्ध का दरवाजा गैस सिलेंडर से तोड़कर आरोपियों ने टंगिया (कुल्हाड़ी), फावड़े और डंडे से ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी थी।
तत्कालीन थाना प्रभारी खरसिया उप निरीक्षक नंद किशोर गौतम (वर्तमान निरीक्षक, राजनांदगांव) और जोबी चौकी प्रभारी एएसआई लक्ष्मी नारायण राठौर की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल टंगिया, फावड़ा, गैस सिलेंडर और अन्य भौतिक साक्ष्य जब्त कर कोर्ट में चालान प्रस्तुत किया था।
| मुख्य मापदंड / विवरण | प्रकरण एवं न्यायिक फैसले की संपूर्ण जानकारी |
| मामला / अपराध क्रमांक | अपराध क्रमांक 684/2022 (थाना खरसिया) / सत्र प्रकरण 01/2026 |
| सजा पाने वाले आरोपी | ओमप्रकाश डनसेना उर्फ गोलू एवं कार्तिक डनसेना (सगे नाती) |
| मृतक का विवरण | गेंदलाल डनसेना (उम्र 62 वर्ष, निवासी ग्राम सोण्डका, खरसिया) |
| न्यायालय एवं न्यायाधीश | श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव (अपर सत्र न्यायाधीश, खरसिया, रायगढ़) |
| दोषसिद्ध धाराएं व सजा | IPC धारा 302/34, 427, 449 — आजीवन कारावास (उम्रकैद) |
मामले में कोर्ट के फैसले के बाद रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि गंभीर अपराधों में वैज्ञानिक विवेचना, ठोस साक्ष्य संकलन और अभियोजन के समन्वय के कारण ही अदालत से दोषियों को कठोर दंड मिल पा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रायगढ़ पुलिस जघन्य अपराध करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह त्वरित व कड़ा न्याय सुनिश्चित करती रहेगी।
