गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा (रायगढ़)। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा स्थित डॉ. भंवर सिंह पोर्ते शासकीय कला, विज्ञान एवं वाणिज्य महाविद्यालय में “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान” के अंतर्गत प्रधानमंत्री के विशेष संदेश का सीधा (लाइव) प्रसारण एवं जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना तथा एक स्वस्थ व सशक्त राष्ट्र के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
प्रधानमंत्री का लाइव संदेश और नशामुक्ति पर चर्चा
महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री के संदेश का सजीव प्रसारण देखा।
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दुष्प्रभावों की जानकारी: कार्यक्रम में विशेषज्ञों और वक्ताओं ने नशे के कारण युवाओं के स्वास्थ्य, करियर और पारिवारिक जीवन पर पड़ने वाले घातक प्रभावों पर विस्तृत प्रकाश डाला।
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जागरूकता का संकल्प: विद्यार्थियों को न केवल स्वयं हर प्रकार के व्यसन से दूर रहने, बल्कि अपने मित्रों, परिजनों और समाज में जनजागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

जन-प्रतिनिधियों व शिक्षाविदों का आह्वान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्रमुख पदाधिकारियों एवं शिक्षाविदों ने युवाओं का मार्गदर्शन किया:
“नशामुक्त और अनुशासित युवा ही एक स्वस्थ समाज और आत्मनिर्भर भारत की वास्तविक नींव रख सकते हैं। युवाओं को अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगानी चाहिए।”
— श्री अरुण कुमार पंडा, अध्यक्ष (जनभागीदारी समिति/महाविद्यालय)
“युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि हमारी युवा शक्ति नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ती है, तो ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को मजबूत आधार मिलेगा।”
— डॉ. जगदीश तिर्की, प्राचार्य (शासकीय कॉलेज, घरघोड़ा)
राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की सक्रिय भूमिका
महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के कार्यक्रम अधिकारी श्री एस. एल. साहू के कुशल मार्गदर्शन में स्वयंसेवकों ने नशामुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी विद्यार्थियों ने हाथ उठाकर नशामुक्त जीवनशैली अपनाने और समाज को व्यसनमुक्त बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ ली। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी और सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
