गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा, रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना अंतर्गत ग्राम दियागढ़ में हुए चर्चित गोलीकांड मामले में न्यायालय ने अंतिम निर्णय सुनाते हुए न्याय की मिसाल कायम की है। श्रीमान अभिषेक शर्मा, अपर सत्र न्यायाधीश, घरघोड़ा की अदालत ने अभियुक्त गोपाल यादव और उसकी सगी बहन अभियुक्ता लक्ष्मी यादव को मृतका दुरपती यादव की गोली मारकर नृशंस हत्या करने का दोषी पाया है।
अदालत ने दोनों भाई-बहन को आजीवन कारावास (Life Imprisonment) और विभिन्न धाराओं में पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास तथा अर्थदंड से दंडित किया है।
प्रेम विवाह की पुरानी रंजिश में दिया गया घटना को अंजाम
अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि घटना की रात लगभग 2:00 बजे सूचक हरिराम यादव अपनी मां दुरपती यादव के साथ घर पर था। हरिराम के अनुसार, उसने अभियुक्त गोपाल यादव की चचेरी बहन पदमा से प्रेम विवाह किया था। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से रंजिश चली आ रही थी।
इसी बीच एक अन्य हत्या के मामले में हरिराम के खिलाफ केस चला था, जिसमें वह बरी होकर आया था। इसके बाद से ही आरोपियों के परिवार और महिलाओं के बीच वाद-विवाद बढ़ गया था। अभियुक्ता लक्ष्मी यादव अक्सर मृतका दुरपती यादव को जान से मारने की धमकियां देती रहती थी।
रात के अंधेरे में सीने में मारी थी गोली, बंदूक तोड़कर छिपाया
घटना वाली रात करीब 2:00 बजे जब पालतू कुत्ता भौंका, तो हरिराम और उसका भाई दशरथ बाहर निकले। उसी दौरान बाहर गोली चलने की तेज आवाज आई। जब वे बाहर पहुंचे, तो देखा कि आरोपी गोपाल यादव, लक्ष्मी यादव और एक विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) उनकी मां दुरपती यादव के सीने में गोली मारकर मोटरसाइकिल से भाग रहे थे।
तत्कालीन थाना प्रभारी आर.एस. तिवारी की पुलिस टीम ने सूक्ष्म विवेचना करते हुए जांच शुरू की:
- विवेचना अधिकारी ने अभियुक्ता लक्ष्मी यादव के गेरवानी स्थित मकान से हत्या में प्रयुक्त टूटी हुई भरमार बंदूक बरामद की।
- विधि के साथ संघर्षरत बालक के कब्जे से एक रिवाल्वर जब्त की गई।
- फरार अभियुक्त गोपाल यादव को पुलिस ने ओडिशा स्थित उसके ठिकाने से गिरफ्तार किया।
पुलिस ने सूक्ष्म विवेचना पूर्ण कर आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 201, 120बी, 212, 34 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27/1 के तहत कोर्ट में चालान पेश किया। नाबालिग आरोपी के खिलाफ पृथक से बाल न्यायालय (Juvenile Court) में मामला प्रस्तुत किया गया।
कोर्ट ने सुनाई सख्त सजा, ₹1 लाख क्षतिपूर्ति की अनुशंसा
मामले की सुनवाई के दौरान शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने प्रभावी पैरवी करते हुए प्रत्यक्षदर्शियों और तकनीकी साक्ष्यों को अदालत के समक्ष मजबूती से रखा। उभय पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए निम्नलिखित सजा सुनाई:
- हत्या व आपराधिक षड्यंत्र (धारा 302/120B): आजीवन कारावास।
- साक्ष्य छिपाने व अवैध हथियार रखने (धारा 201/25/27 आर्म्स एक्ट): 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास।
- अर्थदंड: गोपाल यादव पर ₹5,000 और लक्ष्मी यादव पर ₹4,000 का जुर्माना।
इसके साथ ही, माननीय न्यायालय ने मानवीय संवेदना प्रकट करते हुए मृतका दुरपती यादव के आश्रितों को विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से ₹1,000,000 (एक लाख रुपये) की क्षतिपूर्ति राशि दिलाए जाने की विशेष अनुशंसा की है।
