गौरी शंकर गुप्ता/लैलूंगा, रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र अंतर्गत वर्षों से बदहाल पड़ी केशला–तोलगे सड़क के निर्माण को लेकर शनिवार को ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया। पिछले 20 वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे ग्रामीणों ने पूर्व भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत के नेतृत्व में कुंजारा स्थित केशला मोड़ पर विशाल चक्काजाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण लैलूंगा–रायगढ़ मुख्य मार्ग करीब तीन घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सड़क की बदहाली से लोग परेशान, प्रशासन और PWD के खिलाफ नारेबाजी
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना था कि केशला–तोलगे मार्ग लंबे समय से पूरी तरह जर्जर और गड्ढों में तब्दील हो चुका है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। इस मार्ग से गुजरने वाले विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और दैनिक यात्रियों को रोज अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है।
बार-बार प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से आक्रोशित ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और सड़क संघर्ष समिति के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर प्रशासन व लोक निर्माण विभाग (PWD) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, PWD ने दिया लिखित आश्वासन
चक्काजाम और मुख्य मार्ग पर भारी जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया। एसडीएम राकेश कुमार वर्मा, पुलिस बल और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से लंबी वार्ता की और सड़क की तात्कालिक व स्थायी मरम्मत की योजना साझा की:
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तत्कालिक राहत: PWD अधिकारियों ने बताया कि सड़क की तात्कालिक मरम्मत के लिए ₹20 लाख की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। रविवार से ही पेचवर्क और मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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समय-सीमा: अधिकारियों ने 15 अगस्त तक सड़क को पूरी तरह आवागमन योग्य बनाने का लिखित और मौखिक आश्वासन दिया।
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स्थायी निर्माण प्रस्ताव: अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि केशला–तोलगे मार्ग के स्थायी चौड़ीकरण और पक्के निर्माण के लिए लगभग ₹74 करोड़ का प्रस्ताव प्रमुख अभियंता, रायपुर को भेजा जा चुका है।
विभाग से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे से जारी चक्काजाम समाप्त किया, जिसके बाद मुख्य मार्ग पर आवागमन सुचारू रूप से बहाल हो सका।
“वादा पूरा नहीं हुआ तो होगा और उग्र आंदोलन” — रवि भगत
चक्काजाम समाप्त करते हुए पूर्व भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को दोटूक चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि केशला–तोलगे सड़क केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि क्षेत्र के दर्जनों गांवों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी जीवनरेखा है।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि तय समय-सीमा यानी 15 अगस्त तक सड़क को चलने योग्य नहीं बनाया गया, तो पूरा क्षेत्र एकजुट होकर इससे भी बड़ा और अनिश्चितकालीन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें लोक निर्माण विभाग के काम पर टिकी हुई हैं।
