गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYMO) के आईटी सहप्रमुख (पुसौर) एवं युवा नेता विकास गुप्ता ने लोकसभा द्वारा ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ को पारित किए जाने का जोरदार स्वागत किया है। उन्होंने इस नए कानून को देश के करोड़ों विद्यार्थियों एवं दिन-रात प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय करार दिया है।
पेपर लीक और परीक्षा माफियाओं पर कसेगा शिकंजा
विकास गुप्ता ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि यह संशोधन अधिनियम देश की सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली को दूषित करने वाले असामाजिक तत्वों, संगठित नकल गिरोहों, प्रतिरूपण (Impersonation) और परीक्षा माफियाओं पर प्रभावी व कठोर अंकुश लगाने में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने बताया कि इस विधेयक के माध्यम से अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले गिरोहों और संस्थाओं के लिए सजा एवं जुर्माने को पूर्व की तुलना में और अधिक कठोर व गैर-जमानती बनाया गया है।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट और स्पेशल टास्क फोर्स का प्रावधान
नए कानून की मुख्य विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए भाजयुमो नेता ने कहा कि विधेयक में कई ऐसे कड़े ढांचागत प्रावधान शामिल किए गए हैं जो जांच और न्याय प्रक्रिया को तेज करेंगे:
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विशेष फास्ट-ट्रैक न्यायालय (Special Fast-Track Courts): परीक्षा अपराधों से जुड़े मामलों का त्वरित और समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के लिए।
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विशेष लोक अभियोजक (Special Public Prosecutor): अदालतों में मजबूती से सरकार और अभ्यर्थियों का पक्ष रखने हेतु।
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स्पेशल टास्क फोर्स (STF): संगठित परीक्षा माफिया और डिजिटल/तकनीकी धांधली की त्वरित जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन।
विकास गुप्ता का मानना है कि इन प्रावधानों से देश की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली अत्यधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और पारदर्शी बनेगी, जिससे युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।
“ईमानदार अभ्यर्थियों की मेहनत का मिलेगा उचित सम्मान”
विकास गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के सपनों और उनकी कड़ी मेहनत की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा:
“यह कड़ा कानून परीक्षा माफियाओं के मन में खौफ पैदा करेगा और उन मेधावी एवं ईमानदार अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा करेगा जो वर्षों तक अपनी मेहनत के बल पर सफलता की आस लगाए रखते हैं।”
अंत में, विकास गुप्ता ने इस युगांतरकारी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र सरकार, केंद्रीय मंत्रिमंडल एवं संसद के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि यह विधेयक भारतीय शिक्षा और भर्ती तंत्र को एक नई दिशा प्रदान करेगा।
