गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा (छत्तीसगढ़)। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा ब्लॉक में शिक्षा के स्तर को सुधारने और ग्रामीण व कसबाई क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया एक नवाचार आज बच्चों के चेहरों पर खुशी की वजह बन रहा है।
शासकीय कन्या माध्यमिक शाला घरघोड़ा में पदस्थ शिक्षक विजय पंडा द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर चलाए जा रहे “मासिक वेतन का एक प्रतिशत अभियान” के तहत प्रतियोगी व वार्षिक परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया गया।
प्रयास विद्यालय में चयनित और 8वीं की मेधावी छात्राएं हुईं सम्मानित
आयोजन के दौरान प्रतिष्ठित प्रयास आवासीय विद्यालय में सफलता प्राप्त करने वाली छात्राओं और वार्षिक कक्षा आठवीं की परीक्षा में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान हासिल करने वाली बेटियों को विशेष रूप से आमंत्रित कर पुरस्कृत किया गया।
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कक्षा 8वीं की मेधावी छात्राएं: आँचल भोय, अनामिका महंत और मुस्कान कुम्हार।
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प्रयास आवासीय विद्यालय में चयनित छात्राएं: आँचल भोय, रवीना जोल्हे, जश्मिता पंडा और गायत्री मांझी।
शिक्षक विजय पंडा ने स्वयं अपने मासिक वेतन के 1% अंशदान से खरीदी गई उपयोगी शैक्षणिक सामग्री (उपस्कर) एवं रंगीन छतरियां इन सभी होनहार छात्राओं को भेंट कीं और उनके उज्ज्वल भविष्य व आगे की बेहतरीन सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
“अन्य शिक्षक भी आगे आएं”: विजय पंडा की प्रेरक अपील
उपहार वितरण के दौरान माहौल बेहद उत्साहपूर्ण रहा और बेटियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। इस अवसर पर शिक्षक विजय पंडा ने समाज और शिक्षा जगत से जुड़े अपने साथी शिक्षकों से इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की।
शिक्षक विजय पंडा का संदेश:
“यदि प्रत्येक शिक्षक अपने मासिक वेतन का महज एक प्रतिशत हिस्सा बच्चों के प्रोत्साहन और स्कूली आवश्यकताओं पर खर्च करने का संकल्प ले ले, तो हमारे शासकीय स्कूलों में पढ़ाई का एक समग्र, सकारात्मक और प्रतिस्पर्धी वातावरण तैयार हो जाएगा। इससे कोई भी मेधावी बच्चा संसाधनों के अभाव में पीछे नहीं रहेगा।”
गुरुजनों ने दिया मार्गदर्शन, उत्साह का माहौल
कार्यक्रम में मौजूद व्याख्याता संतराम साहू और शिक्षिका सावित्री पटेल ने भी सफल छात्राओं को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी और उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ने के लिए उनका उचित मार्गदर्शन किया।
शिक्षकों के इस आत्मीय प्रयास और प्रोत्साहन से छात्राओं और उनके परिजनों में भारी उत्साह देखा गया। स्थानीय प्रबुद्धजनों ने शिक्षक विजय पंडा के इस “मासिक वेतन का 1 प्रतिशत अभियान” की सराहना करते हुए इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय पहल करार दिया है।
