गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। रायगढ़ जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में सामुदायिक पुलिसिंग (Community Policing) को जन-जन तक पहुंचाने और विद्यार्थियों को सुरक्षित माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसी कड़ी में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) श्रीमती उन्नति ठाकुर के नेतृत्व में महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा एवं सड़क सुरक्षा जैसे अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर एक वृहद कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्कूल के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और व्यावहारिक सुरक्षा गुर सीखे।
1. साइबर सुरक्षा: अनजान लोगों से ऑनलाइन दोस्ती में बरतें सावधानी
कार्यक्रम के दौरान महिला प्रधान आरक्षक रेनु मंडावी सिंह ने विद्यार्थियों को डिजिटल युग में बढ़ रहे साइबर अपराधों से अवगत कराया।
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सोशल मीडिया के जोखिम: उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी आईडी (Fake Profile) बनाकर बच्चों को निशाना बना रहे हैं।
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महत्वपूर्ण सुझाव: विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें, वीडियो कॉल न उठाएं और अपनी निजी तस्वीरें या वीडियो ऑनलाइन किसी के साथ साझा न करें। डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन गेमिंग के दौरान सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया।
2. महिला एवं बाल सुरक्षा: ‘बेड टच’ छुपाएं नहीं, तुरंत दें पुलिस को सूचना
सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे एवं डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर ने छात्र-छात्राओं को महिला व बाल संरक्षण कानूनों (POCSO Act) और उनके अधिकारों की जानकारी दी।
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हेल्पलाइन नंबर्स का भरोसा: विद्यार्थियों को आपातकालीन सेवाओं के तहत डायल-112, अभिव्यक्ति ऐप, पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 94791-93299 और विशेष रूप से महिलाओं के लिए संचालित “हेलो सिस्टर” हेल्पलाइन नंबर 9479270533 की जानकारी दी गई।
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पूर्ण गोपनीयता का वादा: अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि “हेलो सिस्टर” हेल्पलाइन पर दी गई जानकारी और शिकायतों को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाता है। छात्राओं से आह्वान किया गया कि वे किसी भी प्रकार के ‘बेड टच’, छेड़छाड़ या हिंसा को सहने के बजाय बिना किसी संकोच के पुलिस को सूचित करें।
डीएसपी उन्नति ठाकुर का वक्तव्य:
“बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। किसी भी अनुचित व्यवहार को सहन न करें। पुलिस आपकी सच्ची मित्र है और नए कानूनों के तहत त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जा रहा है।”
3. यातायात सुरक्षा: 16 वर्ष से कम उम्र में वाहन चलाने पर कड़ा संदेश
यातायात प्रभारी निरीक्षक रोहित बंजारे और उप निरीक्षक संध्या कोका ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों का पाठ पढ़ाया।
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उम्र संबंधी नियम: पुलिस ने स्पष्ट किया कि 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों का वाहन चलाना कानूनी रूप से पूरी तरह प्रतिबंधित है। 16 से 18 वर्ष के किशोर केवल निर्धारित नियमों के तहत बिना गियर वाले वाहनों के लिए लाइसेंस बनवाकर ही वाहन चला सकते हैं।
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अभिभावकों को प्रेरित करने की अपील: विद्यार्थियों से आग्रह किया गया कि वे अपने माता-पिता और परिजनों को दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेल्मेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने तथा शराब पीकर वाहन न चलाने के लिए प्रेरित करें।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश
कार्यशाला के सफल आयोजन पर रायगढ़ के एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने अपना संदेश जारी करते हुए कहा:
“डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। बच्चों, महिलाओं और युवाओं को साइबर अपराधियों की चालों, सोशल मीडिया के जोखिमों तथा महिला सुरक्षा के अधिकारों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। रायगढ़ पुलिस समाज के हर वर्ग को जागरूक और सुरक्षित बनाने के लिए ऐसे अभियान निरंतर चलाती रहेगी। किसी भी परेशानी में पुलिस से संपर्क करने में संकोच न करें, रायगढ़ पुलिस हमेशा आपकी सुरक्षा और सहायता के लिए तत्पर है।”
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य श्री राजेश डेनियल, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए विभिन्न जटिल प्रश्नों का पुलिस अधिकारियों ने सहज और व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समाधान किया, जिससे बच्चों में कानून और पुलिस व्यवस्था के प्रति विश्वास सुदृढ़ हुआ।
