गौरी शंकर गुप्ता/लैलूंगा (रायगढ़)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले अंतर्गत नगर पंचायत लैलूंगा के वार्ड क्रमांक 2 और 3 स्थित जुनाडीह मोहल्ला में प्रशासनिक उदासीनता की एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। तालाब के समीप बना मुख्य पुल और उससे जुड़ी सड़क पिछले वर्ष हुई भारी बारिश के दौरान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी।
विडंबना यह है कि पूरा एक वर्ष बीत जाने के बावजूद न तो इस संवेदनशील पुल की मरम्मत कराई गई और न ही धंसी हुई सड़क का पुनर्निर्माण किया गया। वर्तमान स्थिति यह है कि पुल का एक बड़ा हिस्सा नीचे धंस चुका है और सड़क के किनारे जानलेवा गड्ढे बन चुके हैं, जिससे यहां हर समय किसी बड़े हादसे का अंदेशा बना रहता है।
रोज गुजरते हैं सैकड़ों मासूम: सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं
यह मार्ग केवल स्थानीय वार्डवासियों के लिए ही नहीं, बल्कि स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए भी मुख्य आवागमन का रास्ता है।
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जोखिम भरा सफर: प्रतिदिन क्षेत्र के सैकड़ों बच्चे पैदल, साइकिल, ऑटो और दोपहिया वाहनों से इसी जर्जर मार्ग से होकर स्कूल आते-जाते हैं। इसके अलावा स्कूल वैन और अन्य चारपहिया वाहन भी इसी खतरनाक रास्ते का प्रयोग करते हैं।
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सुरक्षा व्यवस्था शून्य: पुल के किनारे का बड़ा हिस्सा टूटकर गायब हो चुका है, लेकिन नगर पंचायत द्वारा दुर्घटना रोकने के लिए न तो कोई सुरक्षा बैरिकेड्स लगाए गए हैं, न ही कोई चेतावनी बोर्ड या वैकल्पिक डायवर्जन बनाया गया है।
पूर्व CMO और जनप्रतिनिधियों को शिकायत के बाद भी चुप्पी
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, बीते वर्ष मानसून के दौरान पानी के तेज बहाव से पुल के किनारे की एप्रोच मिट्टी बह गई थी, जिससे सड़क धंस गई। घटना के तुरंत बाद नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों, क्षेत्रीय पार्षदों और तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को लिखित व मौखिक रूप से स्थिति से अवगत कराते हुए तत्काल मरम्मत की मांग की गई थी।
स्थानीय निवासियों का आक्रोश:
“नगर पंचायत द्वारा शहर में विभिन्न मदों से लाखों रुपये के विकास कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन जनहित और मासूम बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस अत्यंत संवेदनशील मार्ग की लगातार अनदेखी की जा रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे के होने का इंतजार कर रहा है।”
बारिश शुरू होते ही बढ़ा मिट्टी का कटाव
क्षेत्र में फिर से बारिश का दौर शुरू होने के कारण पुल के निचले हिस्से में मिट्टी का कटाव तेजी से बढ़ रहा है। यदि समय रहते तकनीकी निरीक्षण कराकर इसका पक्का निर्माण नहीं कराया गया, तो पुल का शेष हिस्सा भी पूरी तरह ध्वस्त हो सकता है, जिससे कई मोहल्लों का संपर्क कटने के साथ-साथ गंभीर जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता।
लैलूंगा के नागरिकों ने जिला प्रशासन रायगढ़, जिला कलेक्टर और नगर पंचायत प्रबंधन से गुहार लगाई है कि जुनाडीह मोहल्ला स्थित इस क्षतिग्रस्त पुल व सड़क का युद्धस्तर पर पुनर्निर्माण शुरू कराया जाए। नागरिकों ने स्पष्ट किया है कि यदि लापरवाही के कारण कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और नगर पंचायत प्रशासन की होगी।
