गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। छत्तीसगढ़ की रायगढ़ जिला पुलिस ने वित्तीय धोखाधड़ी और चिटफंड मामलों में फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के सख्त दिशा-निर्देशन में कार्रवाई करते हुए थाना कोतवाली पुलिस ने बहुचर्चित सहारा इंडिया निवेश घोटाले में पिछले तीन वर्षों से फरार चल रहे कबीर चौक शाखा के ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने आरोपी को कोतरारोड़ क्षेत्र से घेराबंदी कर पकड़ा और न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
3,848 निवेशकों से ₹40.78 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी
मामले का पर्दाफाश वर्ष 2022 में हुआ था, जब कृष्णा विहार कॉलोनी रायगढ़ निवासी विकास निगानिया (35 वर्ष) ने 29 सितंबर 2022 को थाना कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के अनुसार, सहारा इंडिया के अधिकारियों ने कंपनी को आरबीआई (RBI) से अधिकृत और पूरी तरह विश्वसनीय बताकर उनसे, उनकी माता व पत्नी से वर्ष 2017 में लगभग ₹40 लाख का निवेश कराया था।
परिपक्वता (Maturity) अवधि पूरी होने के बाद भी जब जमा राशि वापस नहीं की गई, तो जांच शुरू हुई। जांच में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया कि सहारा इंडिया के नाम पर पैसे लेकर निवेशकों को विभिन्न सहकारी समितियों के नाम से फर्जी बॉण्ड जारी किए गए थे। रायगढ़ जिले और आसपास के क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर अब तक 3,848 निवेशकों के साथ ₹40,78,16,739 की संगठित धोखाधड़ी की पुष्टि हो चुकी है।
मुखबिर की सूचना पर ससुरबाड़ी से दबोचा गया आरोपी
मामले में सहारा इंडिया कबीर चौक शाखा का पूर्व मैनेजर विजय कुमार शराफ (54 वर्ष), निवासी विकास नगर कोतरारोड़, घटना के बाद से ही पुलिस को चकमा देकर छिप रहा था। ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के दौरान कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल और उनकी टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अपनी ससुराल कोतरारोड़ आया हुआ है।
सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और आरोपी को हिरासत में ले लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से सहारा इंडिया कंपनी के फ्रेंचाइजी कार्यालय के विकास एवं प्रशासन संबंधी आदेश पत्र तथा एमओयू (MoU) की प्रतियां विधिवत जप्त कर ली हैं।
पूर्व में भी कई बड़े अफसर भेजे जा चुके हैं जेल
पुलिस विवेचना में जिला प्रशासन, बैंकों और मंत्रालयों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर सहारा समूह के कई वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई है। कोतवाली पुलिस इस मामले में पहले ही—
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पूर्व शाखा प्रबंधक (रायगढ़) ओम प्रकाश शर्मा
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पूर्व शाखा प्रबंधक (खरसिया) पुष्पेन्द्र कुमार साहू
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कंपनी डायरेक्टर करूणेश अवस्थी
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सेक्टर मैनेजर अमृत लाल श्रीवास
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रीजनल मैनेजर (बिलासपुर) रजनीष तिवारी को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश कर चुकी है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का कड़ा संदेश:
“आम जनता के गाढ़े पसीने की कमाई और विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी ठग या आरोपी को कानून की गिरफ्त से बचने नहीं दिया जाएगा। रायगढ़ पुलिस आर्थिक अपराधों में संलिप्त फरार आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रखेगी।”
