गौरी शंकर गुप्ता/लैलूंगा, रायगढ़। वर्षों से बदहाल पड़ी कुंजारा से तोलगे पहुंच मार्ग एक बार फिर राजनीतिक और जनआंदोलन का केंद्र बन गया है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से आंदोलन चला रहे रवि भगत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सोमवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह विवाद उस समय उपजा, जब लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम जेसीबी मशीन के साथ सड़क पर मरम्मत कार्य शुरू करने पहुंची और मौके पर कई वरिष्ठ भाजपा नेता भी मौजूद मिले।
मौके पर माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार, भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज सतपथी, जनपद उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल सहित कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। नेताओं की इस भीड़ को देखकर ग्रामीणों में यह चर्चा तेज हो गई कि यहां सड़क मरम्मत के लिए दिखावे का ‘भूमि पूजन’ किया जाने वाला है।
ग्रामीणों ने नेताओं को घेरा, पूछे तीखे सवाल
केशला गांव से बड़ी संख्या में पहुंचे युवक, बुजुर्ग और महिलाओं ने मौके पर मौजूद भाजपा नेताओं को घेर लिया और सीधे सवाल दागने शुरू किए कि आखिर सड़क पर कौन-सा कार्य होने जा रहा है, यह कितनी दूरी तक होगा और किस मद से कराया जा रहा है? सवालों की बौछार से माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
इसी दौरान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रवि भगत भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने सीधे PWD के इंजीनियर से कार्य की प्रकृति और स्वीकृत राशि के संबंध में आधिकारिक जानकारी मांगी।
PWD इंजीनियर के बयान से खुला राज
पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर ने स्पष्ट किया कि फिलहाल जो कार्य शुरू किया जा रहा है, वह विभाग का रूटीन (दैनिक) मेंटेनेंस कार्य है। बारिश के कारण सड़क पर जहां पानी भर गया है और कटाव हो गया है, वहां जेसीबी से सफाई कर गिट्टी और सीमेंट चूरा डालकर सिर्फ अस्थायी मरम्मत की जा रही है।
जब इंजीनियर से पूछा गया कि क्या यह वही कार्य है जिसके लिए बड़ी राशि स्वीकृत हुई है, तो उन्होंने बताया, “करीब 20 लाख रुपये की राशि लगभग 9 किलोमीटर सड़क की मरम्मत के लिए स्वीकृत हुई है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हालांकि, उस राशि से होने वाला मुख्य कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है।”
सबसे अहम मोड़ तब आया जब इंजीनियर से भाजपा नेताओं की मौजूदगी और कथित भूमि पूजन के बारे में पूछा गया। इस पर उन्होंने दो-टूक कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। वे केवल विभागीय कार्य कराने पहुंचे थे, भाजपा नेता किस उद्देश्य से आए थे, यह उन्हें नहीं पता।
आंदोलनकारियों का आरोप बनाम भाजपा की सफाई
इंजीनियर का बयान सामने आने के बाद आंदोलनकारी और आक्रामक हो गए। रवि भगत और उनके समर्थकों ने आरोप लगाया कि वर्षों से उपेक्षित सड़क को लेकर जब क्षेत्र के लोग उग्र आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं, तब भाजपा नेता जनता को गुमराह करने और झूठा श्रेय लेने के उद्देश्य से मौके पर पहुंचे हैं।
भाजपा नेताओं ने दी सफाई: वहीं, मौके पर मौजूद भाजपा नेताओं ने आंदोलनकारियों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कोई भूमि पूजन करने नहीं पहुंचे थे। यह उनका पहले से निर्धारित ‘जनसंपर्क अभियान’ था। भाजपा नेताओं ने कहा कि कुंजारा से हिंझर पुलिया तक सड़क निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है और एस्टीमेट तैयार होकर टेंडर प्रक्रिया जारी है। अभी बारिश के कारण स्थायी निर्माण संभव नहीं है, इसलिए अस्थायी मरम्मत कराई जा रही है। मौसम खुलते ही नियमानुसार पक्का काम शुरू होगा।
फिलहाल, कुंजारा–तोलगे सड़क अब केवल विकास का मुद्दा नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक अखाड़ा बन चुकी है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस विवाद को कैसे शांत करता है और ग्रामीणों को पक्की सड़क की सौगात कब तक मिल पाती है।
