Double Murder in Raigarh: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जिला अंतर्गत थाना लैलूंगा क्षेत्र के ग्राम छापरपानी में एक सूने और एकांत बोर घर में अपनी 10 माह की मासूम बच्ची के साथ रह रही एक महिला और उसकी बेटी की अज्ञात हमलावरों ने बेरहमी से हत्या कर दी। इस दोहरे हत्याकांड (Double Murder) के बाद पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल व्याप्त है।
मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह स्वयं लैलूंगा थाना पहुंचे हैं। उन्होंने फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और डॉग स्क्वॉड की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है।
पति की मौत के बाद मायके में रह रही थी मृतका
दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, ग्राम छापरपानी निवासी प्रार्थिया बुधियारो नागवंशी (42 वर्ष) ने बताया कि उसकी मौसेरी बहन बरत कुमारी (35 वर्ष) का विवाह लगभग 4-5 साल पहले हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही उसके पति की अकाल मृत्यु हो गई, जिसके बाद से बरत कुमारी की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं रहती थी। मानसिक अवसाद के कारण वह अक्सर गांव और खेतों में घूमती रहती थी और अपनी 10 महीने की मासूम बेटी ‘परी’ के साथ गांव के ही प्रहलाद बेहरा के खेत में बने एक सूने बोर मकान (पंप हाउस) में आश्रय लेकर रहने लगी थी।
भारी वस्तु से सिर और चेहरे पर किया प्राणघातक हमला
घटना का खुलासा तब हुआ जब 16 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 10 से 11 बजे के बीच प्रार्थिया गांव की राशन दुकान से चावल लेकर लौट रही थी। इसी दौरान गांव के एक ग्रामीण ननकूराम ने उसे भागते हुए बताया कि बोर मकान में बरत कुमारी के साथ किसी अज्ञात व्यक्ति ने बेहद बर्बरतापूर्वक मारपीट की है और वह खून से लथपथ पड़ी है।
सूचना मिलते ही जब प्रार्थिया ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंची, तो वहां का दृश्य विचलित करने वाला था। अज्ञात हत्यारे ने बरत कुमारी के सिर और चेहरे पर किसी भारी व कुंद वस्तु से ताबड़तोड़ हमला किया था, जिससे वह गंभीर रूप से लहूलुहान अवस्था में तड़प रही थी। वहीं, उसके बगल में सो रही उसकी 10 महीने की दुधमुंही बेटी परी भी गंभीर चोटों के कारण दम तोड़ चुकी थी और उसका निष्प्राण शरीर बिस्तर पर पड़ा हुआ था।
नए कानून ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) के तहत अपराध दर्ज
वारदात की सूचना मिलते ही एसडीओपी (SDOP) धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी और थाना लैलूंगा की पुलिस टीम फौरन दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सबसे पहले घटनास्थल की घेराबंदी की। इसके बाद बिलासपुर-रायगढ़ से बुलाई गई एफएसएल (FSL) की टीम और खोजी कुत्तों (Dog Squad) की मदद से पूरे इलाके का सूक्ष्म निरीक्षण कर महत्वपूर्ण भौतिक और तकनीकी साक्ष्य एकत्रित किए गए। लैलूंगा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 230/2026 दर्ज करते हुए नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला पंजीकृत कर विवेचना शुरू कर दी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्वयं संभाली कमान, संदेहियों से पूछताछ जारी
इस जघन्य हत्याकांड के बाद जिले के पुलिस कप्तान स्वयं एक्टिव मोड में आ गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्वयं लैलूंगा थाना पहुंचकर जांच की कमान अपने हाथों में ली और विवेचना टीम को कड़े और बिंदुवार दिशा-निर्देश दिए। पुलिस की अलग-अलग टीमें तकनीकी साक्ष्यों (Call Details, टावर डंप) और मुखबिरों के जाल के सहारे संदिग्धों को शॉर्टलिस्ट कर रही हैं। वर्तमान में गांव और आसपास के कई संदेहियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ का कड़ा संदेश:
“यह एक बेहद क्रूर और अमानवीय अपराध है, जिसमें एक असहाय महिला के साथ-साथ एक मासूम दुधमुंही बच्ची को भी निशाना बनाया गया। हमारी पुलिस टीम हर संभावित पहलू, रंजिश और तकनीकी इनपुट्स पर बेहद गंभीरता से काम कर रही है। घटनास्थल से मिले सभी वैज्ञानिक साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। मैं क्षेत्र की जनता को आश्वस्त करता हूँ कि आरोपियों की पहचान बहुत जल्द कर ली जाएगी और उन्हें कानून के दायरे में लाकर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।”
