गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा(रायगढ़)। एनटीपीसी (NTPC) तलाईपल्ली कोल माइनिंग प्रोजेक्ट से प्रभावित ग्राम चोटीगुड़ा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता एवं परियोजना प्रभावित ग्रामीण अबुजर खान ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, रायगढ़ को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायत में तलाईपल्ली परियोजना के अंतर्गत कुछ मकानों के सर्वेक्षण, क्षेत्रफल निर्धारण, संरचना (Structure) के मूल्यांकन एवं मुआवजा निर्धारण प्रक्रिया में प्रथम दृष्टया प्रतीत हो रही संभावित अनियमितताओं की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने की पुरजोर मांग की गई है।
क्या है शिकायत में?
शिकायतकर्ता के अनुसार, स्थानीय स्तर पर प्राप्त तथ्यों, वास्तविक परिस्थितियों एवं सार्वजनिक अभिलेखों के आधार पर यह अंदेशा है कि कुछ सर्वे क्रमांकों में पूर्व सर्वेक्षण की तुलना में वर्तमान सर्वेक्षण में मकानों का क्षेत्रफल बढ़ाकर दर्शाया गया है।
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आरोप है कि जिन संरचनाओं के आधार पर क्षेत्रफल में वृद्धि दिखाई गई है, वे पूर्व में मौके पर मौजूद नहीं थीं और वर्तमान में भी उनका कोई स्पष्ट भौतिक साक्ष्य नहीं दिखता।
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यदि जांच में ये तथ्य सही पाए जाते हैं, तो वास्तविक पात्रता से अधिक मुआवजा वितरित होने तथा शासन/सार्वजनिक उपक्रम को भारी वित्तीय क्षति पहुँचने की प्रबल संभावना है।

निष्पक्ष जांच और तकनीकी साक्ष्यों के परीक्षण की मांग
आवेदन में मांग की गई है कि:
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तकनीकी साक्ष्यों की जांच: सर्वेक्षण और मूल्यांकन के समय की वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी, जीपीएस डेटा और ड्रोन सर्वेक्षण की गहनता से जांच की जाए।
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तुलनात्मक परीक्षण: प्रत्येक संबंधित मकान के मूल, संशोधित और अंतिम सर्वेक्षण अभिलेखों का आमने-सामने मिलान कराया जाए।
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स्वतंत्र समिति का गठन: जांच ऐसे स्वतंत्र वरिष्ठ अधिकारी या समिति से कराई जाए, जिनका पूर्व में इस सर्वेक्षण या मूल्यांकन प्रक्रिया से कोई सीधा संबंध न रहा हो।
15 दिनों का अल्टीमेटम और आंदोलन की चेतावनी
शिकायत पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि मामले की संवेदनशीलता और शासकीय वित्तीय हितों को ध्यान में रखते हुए अधिकतम 15 दिनों के भीतर स्वतंत्र जांच शुरू की जाए। यदि निर्धारित समय सीमा में कोई ठोस प्रशासनिक कदम नहीं उठाया जाता, तो परियोजना प्रभावित ग्रामीण अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण और विधिसम्मत धरना-प्रदर्शन व आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
विभिन्न उच्च अधिकारियों को भेजी गई प्रतियां
मामले की गंभीरता को देखते हुए इस शिकायत पत्र की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक रायगढ़, एसडीएम घरघोड़ा, परियोजना प्रमुख एनटीपीसी तलाईपल्ली, आयुक्त बिलासपुर संभाग, सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW), छत्तीसगढ़ को भी आवश्यक वैधानिक कार्रवाई हेतु भेजी गई है। अबुजर खान ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि पारदर्शी प्रक्रिया और जनहित सुनिश्चित करना है।
