रायपुर, छत्तीसगढ़।
हाल ही में यह जानकारी प्राप्त हुई है कि कुछ तथाकथित व्यक्ति स्वयं को करणी सेना का पदाधिकारी एवं छत्तीसगढ़ का अध्यक्ष बताकर मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा भी बिना तथ्यों की पुष्टि किए ऐसी भ्रामक खबरों को प्रकाशित एवं प्रसारित किया जा रहा है, जिसका करणी सेना कड़ा विरोध और खंडन करती है।
क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए कहा कि संगठन के कुछ पूर्व पदाधिकारियों एवं सदस्यों को अनुशासनहीनता, संगठन विरोधी गतिविधियों तथा गलत कार्यों में संलिप्त पाए जाने के कारण पूर्व में ही संगठन से निष्कासित किया जा चुका है। निष्कासन के बाद ये लोग व्यक्तिगत स्वार्थवश संगठन के विरुद्ध दुष्प्रचार कर रहे हैं तथा समाज के लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ऐसे लोगों का करणी सेना से किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। संगठन के नाम का दुरुपयोग कर स्वयं को पदाधिकारी बताना और समाज में भ्रम फैलाना निंदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। करणी सेना अपने सभी कार्यकर्ताओं एवं समाजबंधुओं से अपील करती है कि वे केवल संगठन के आधिकारिक पदाधिकारियों एवं अधिकृत मंचों से जारी जानकारी पर ही विश्वास करें।
छत्तीसगढ़ की जनता का मानना है कि संगठन के विरुद्ध चलाया जा रहा यह दुष्प्रचार कोई सामान्य घटना नहीं है।
क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाया है कि करणी सेना की बढ़ती जनस्वीकृति, समाजहित के मुद्दों पर मुखर भूमिका तथा प्रदेशभर में बढ़ते संगठनात्मक विस्तार से कुछ राजनीतिक और स्वार्थी तत्व असहज हैं। इसी कारण संगठन को कमजोर करने, कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने तथा समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने के उद्देश्य से ऐसे व्यक्तियों को आगे कर फर्जी दावे करवाए जा रहे हैं।
करणी सेना ने आरोप लगाया है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे सत्ता से जुड़े कुछ प्रभावशाली तत्वों का अप्रत्यक्ष संरक्षण हो सकता है, जिनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ में करणी सेना और उसके जनाधार को कमजोर करना तथा सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले वीरेन्द्र सिंह तोमर को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है। संगठन लोकतांत्रिक तरीके से समाज और जनहित के मुद्दों को उठाता रहेगा तथा किसी भी प्रकार के दबाव, षड्यंत्र या दुष्प्रचार से विचलित नहीं होगा।
करणी सेना ने यह भी कहा है कि यदि कोई व्यक्ति या समूह संगठन के नाम का दुरुपयोग कर समाज को गुमराह करने का प्रयास करेगा, तो उसके विरुद्ध संगठन वैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से उचित कार्रवाई करेगा।
क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने भी इस विषय पर अपना स्पष्ट मत रखते हुए कहा कि:
“वीरेंद्र सिंह तोमर ही क्षत्रिय करणी सेना छत्तीसगढ़ के अधिकृत प्रदेश अध्यक्ष थे, हैं और रहेंगे। संगठन द्वारा जिन व्यक्तियों को निष्कासित किया जा चुका है, उनका करणी सेना से किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। निष्कासन के बाद यदि वे स्वयं को पदाधिकारी बताकर अफवाह फैलाने या समाज को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं तो उसकी समस्त जिम्मेदारी उनकी स्वयं की होगी। संगठन ऐसे किसी भी फर्जी दावे को मान्यता नहीं देता।”
डॉ. शेखावत ने आगे कहा कि करणी सेना एक अनुशासित और राष्ट्रहित तथा समाजहित में कार्य करने वाला संगठन है। संगठन विरोधी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध समय-समय पर संगठनात्मक कार्रवाई की जाती रही है और आगे भी की जाती रहेगी।
करणी सेना छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई समस्त समाजजनों एवं प्रदेशवासियों से अपील करती है कि वे ऐसे फर्जी एवं भ्रामक दावों से सावधान रहें तथा संगठन के नाम पर फैलाए जा रहे किसी भी प्रकार के भ्रम अथवा अफवाह पर विश्वास न करें। किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए केवल करणी सेना के अधिकृत पदाधिकारियों एवं आधिकारिक सोशल मीडिया मंचों से प्राप्त सूचना को ही प्रमाणिक माना जाए।
जारीकर्ता:
क्षत्रिय करणी सेना, छत्तीसगढ़ प्रदेश
संपर्क:
वीरेंद्र सिंह तोमर
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, क्षत्रिय करणी सेना
प्रदेश अध्यक्ष, क्षत्रिय करणी सेना छत्तीसगढ़
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