Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Knock India
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Knock India
    Home » Blog » बस्तर पण्डुम 2026 : बस्तर की माटी की खुशबू और समृद्ध जनजातीय संस्कृति विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार
    Breaking News

    बस्तर पण्डुम 2026 : बस्तर की माटी की खुशबू और समृद्ध जनजातीय संस्कृति विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार

    HasinaBy HasinaFebruary 4, 2026No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    बस्तर पण्डुम 2026 : बस्तर की माटी की खुशबू और समृद्ध जनजातीय संस्कृति विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर: बस्तर पण्डुम छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र का एक प्रमुख सांस्कृतिक, सामुदायिक और प्राकृतिक उत्सव है, जो जनजातीय परंपराओं, लोक कलाओं और जीवन शैली को संरक्षित व प्रदर्शित करता है।  जिसमें पारंपरिक नृत्य, संगीत (मांदर-बांसुरी), वेशभूषा, लोक शिल्प (काष्ठ/बांस/धातु) और पारंपरिक खान-पान का प्रदर्शन किया जाएगा। यह उत्सव बस्तर की आत्म-अस्मिता का प्रतीक है, जो स्थानीय कलाकारों को मंच देने के साथ-साथ युवाओं को उनकी जड़ों से जोड़ता है। विभिन्न अंचलों से आए प्रतिभागियों ने बस्तर की 12 पारंपरिक सांस्कृतिक विधाओं का  प्रदर्शन करेंगें।

     आदिवासी संस्कृति का महाकुंभ बस्तर पण्डुम 2026

    इस वर्ष 54 हजार से अधिक प्रतिभागियों का पंजीयन 

    इस वर्ष के आयोजन ने लोकप्रियता के पुराने सभी पैमाने ध्वस्त कर दिए हैं और यह केवल एक प्रतियोगिता न रहकर अब लोक संस्कृति के एक विशाल उत्सव का रूप ले चुका है। आँकड़ों पर नजर डालें तो यह आयोजन इस बार एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वर्ष 2025 में जहाँ विकासखंड स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में 15,596 प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, वहीं इस वर्ष यह आँकड़ा तीन गुना से भी अधिक बढ़कर 54,745 तक पहुँच गया है।  बस्तर के लोग अपनी जड़ों, परंपराओं और लोक कलाओं को सहेजने के लिए कितने जागरूक और उत्साहित हैं। विशेष रूप से दन्तेवाड़ा जिले ने 24,267 पंजीयन के साथ पूरे संभाग में सर्वाधिक भागीदारी का रिकॉर्ड बनाया है, जिसके बाद कांकेर, बीजापुर और सुकमा जैसे जिलों ने भी हजारों की संख्या में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है।

    समृद्ध जनजातीय संस्कृति विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने तैयार 

    बस्तर की माटी की खुशबू और यहाँ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति एक बार फिर विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार है। संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम 07 से 09 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाी है, जिसके लिए अंचल के निवासियों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इस भारी उत्साह के बीच, अब सभी की निगाहें 07 से 09 फरवरी के बीच होने वाली संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं पर टिकी हैं। जिला स्तर की कड़ी प्रतिस्पर्धा से जीत कर आए 84 दल और उनके 705 चयनित कलाकार इस दौरान अपनी कला की जादू बिखरेंगे। इन तीन दिनों में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा जनजातीय नृत्य की थाप, पारंपरिक गीतों की गूंज और नाटकों का मंचन ।

     आदिवासी संस्कृति का महाकुंभ बस्तर पण्डुम 2026

     65 कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन छेड़ेंगे

    प्रतियोगिता में कुल 12 अलग-अलग विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें सर्वाधिक 192 कलाकार जनजातीय नृत्य में और 134 कलाकार जनजातीय नाटक में अपना हुनर दिखाएंगे। यह मंच केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होगा, बल्कि यह बस्तर के ज्ञान, कला और स्वाद का एक अनुपम संगम होगा। जहाँ एक ओर 65 कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन छेड़ेंगे, वहीं दूसरी ओर 56 प्रतिभागी लजीज जनजातीय व्यंजनों की खुशबू बिखेरेंगेे। इसके अतिरिक्त बस्तर की दुर्लभ वन औषधियों, चित्रकला, शिल्प कला, आभूषण और आंचलिक साहित्य का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो नई पीढ़ी को अपनी विरासत से रूबरू कराएगा।

    संभाग स्तर पर 340 महिलाएं अपनी कौशल का करेंगी प्रदर्शन 

    इस आयोजन की एक और सबसे खूबसूरत तस्वीर मातृशक्ति की बढ़ती भागीदारी है। संभाग स्तर पर पहुँचने वाली 705 प्रतिभागियों में महिला और पुरुष कलाकारों की संख्या में गजब का संतुलन देखने को मिल रहा है, जिसमें 340 महिलाएं और 365 पुरुष शामिल हैं। यह भागीदारी बताती है कि बस्तर की संस्कृति को आगे ले जाने और उसे संरक्षित करने में यहाँ की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। कुल मिलाकर बस्तर पण्डुम 2026 अपनी भव्यता और जन-भागीदारी के साथ एक अविस्मरणीय आयोजन की ओर अग्रसर है।

    Hasina

    Related Posts

    गणपति बप्पा की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर बस्तर की महिलाओं ने हुनर से कमाए 1.80 लाख रुपए…..

    September 14, 2026

    गणपति बप्पा की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर बस्तर की महिलाओं ने हुनर से कमाए 1.80 लाख रुपए…..

    September 14, 2026

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की वर्चुअल बैठक….

    September 14, 2026

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की वर्चुअल बैठक….

    September 14, 2026

    बलरामपुर जिले में सेवा और स्नेह का अनूठा संकल्प, आंगनबाड़ी के नन्हे-मुन्नों के लिए होगा खिलौना दान…..

    September 14, 2026

    बलरामपुर जिले में सेवा और स्नेह का अनूठा संकल्प, आंगनबाड़ी के नन्हे-मुन्नों के लिए होगा खिलौना दान…..

    September 14, 2026
    RO.No :-13998/146
    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - KHURSHID ALAM
    मोबाइल - 07828272058
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Near Ratan Bhawan Phool Chowk Nayapara,CSEB Road Raipur (C.G.)
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.