Category: छत्तीसगढ़

  • मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को हनुमान जयंती की दी शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को हनुमान जयंती की दी शुभकामनाएं

    संकटमोचन से सबके जीवन में आए सुख, शांति और समृद्धि – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समस्त प्रदेशवासियों को हनुमान जयंती के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संकटमोचन भगवान हनुमान सब पर अपनी कृपा बनाए रखें और प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का संचार हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पवनपुत्र हनुमान जी का जीवन हमें अटूट भक्ति, अदम्य साहस और निस्वार्थ सेवा की प्रेरणा देता है। यह पर्व हमें बुराइयों के विरुद्ध खड़े होने, धर्म और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने का संदेश देता है। उन्होंने कामना की कि हनुमान जयंती का यह पर्व सभी के लिए मंगलकारी सिद्ध हो और समाज में सद्भाव, समर्पण और शक्ति का संचार करे।

  • मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में ई-ऑटो सेवा का किया शुभारंभ

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में ई-ऑटो सेवा का किया शुभारंभ

    यह केवल परिवहन सेवा का शुभारंभ नहीं, महिलाओं में स्वावलंबन और उद्यमिता को बढ़ावा देने का है सशक्त प्रयास – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
    लखपति दीदी योजना के तहत 40 महिलाओं को मिला रोजगार

    रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में एक नई पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सेवा-ई-ऑटो सेवा-का शुभारंभ किया। यह सेवा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के सहयोग से शुरू की गई है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक परिवहन सेवा का शुभारम्भ नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वावलंबन और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार का एक सशक्त प्रयास है।

    ई-ऑटो सेवा का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा, जिसमें 3 क्लस्टरों के 15 ग्राम संगठनों की कुल 40 महिला सदस्य शामिल हैं। यह ई-ऑटो सेवा 130 किलोमीटर के दायरे में आवासीय क्षेत्रों, कार्यालयों, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और जंगल सफारी जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ेगी।

    ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत यह पहल 40 महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।महिलाओं की मासिक आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। यह सेवा आने वाले समय में स्थानीय परिवहन के क्षेत्र में एक मॉडल बनकर उभरेगी, जिससे नवा रायपुर के निवासियों को सुविधाजनक, किफायती और प्रदूषण रहित परिवहन सुविधा प्राप्त होगी।

    इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, एनआरडीए के सीईओ श्री सौरभ कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कोयला मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने खनिज विभाग के कामकाज की समीक्षा की

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कोयला मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने खनिज विभाग के कामकाज की समीक्षा की

    केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को बनाएंगे अधिक प्रभावशाली : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
    देश में एक बिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अग्रणी : केंद्रीय मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी
    मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने प्रदाय किया देश के पहले लिथियम ब्लॉक का कंपोजिट लाइसेंस अनुबंध
    सामरिक महत्व के खनिजों के व्यापक अन्वेषण पर हुई सार्थक चर्चा

    रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने आज मंत्रालय महानदी भवन में खनिज विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा, अन्वेषण कार्यों, तकनीकी नवाचारों और राजस्व उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री श्री रेड्डी ने खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की और देश की प्रगति में राज्य की अग्रणी भूमिका की बात कही। उन्होंने देश में वर्ष 2024-2025 में कोयला उत्पादन में 1 बिलियन टन का लक्ष्य हासिल करने पर खुशी जाहिर की और इसे पाने में छत्तीसगढ़ के योगदान को सराहा। इस मौके पर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने देश के पहले लिथियम ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस अनुबंध दस्तावेज सफल बोलीदाता के प्रतिनिधि को सौंपे। साथ ही दंतेवाड़ा जिले के तीन और कांकेर जिले के एक लौह अयस्क ब्लॉक के प्रीफर्ड बिडर आदेश प्रदान किए।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज की यह समीक्षा बैठक प्रदेश में कोयला एवं खनन के क्षेत्र के लिए लाभदायक होगी। हम केंद्र सरकार के साथ आवश्यक समन्वय करते हुए खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को और अधिक प्रभावशाली बनाएंगे। विकसित भारत के निर्माण में हमारा राज्य खनिज क्षेत्र के माध्यम से एक मजबूत स्तंभ बने, यही हमारा लक्ष्य है। श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है और संसाधनों का समुचित व सतत उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में अनेक नवाचारी पहल की गई हैं। हमारे राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, चूना पत्थर सहित कई क्रिटिकल खनिजों की उपलब्धता है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ ही देश की औद्योगिक प्रगति में भी अहम भूमिका निभाती हैं। विकसित राष्ट्र की परिकल्पना के परिप्रेक्ष्य में सामरिक महत्व के खनिजों की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा अपनी अन्वेषण योजना में व्यापक बदलाव करते हुए क्रिटिकल खनिजों के अन्वेषण को प्राथमिकता दी जा रही है।

    श्री साय ने कहा कि पारदर्शिता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और तकनीकी दक्षता लाने के लिए खनिज ऑनलाइन पोर्टल, ई-नीलामी प्रक्रिया, स्टार रेटिंग जैसे उपायों को अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों के समावेशी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

    केंद्रीय खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के साथ-साथ देश का एकमात्र टिन उत्पादक राज्य होने का गौरव भी छत्तीसगढ़ को प्राप्त है।

    श्री रेड्डी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ और खनन क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में जो अग्रणी कदम उठाए हैं, वे भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार खनिज संसाधनों के अन्वेषण, सतत उपयोग और खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़, खनिज क्षेत्र में अपनी मजबूत भूमिका निभाते हुए देश के समग्र विकास में प्रभावी योगदान देता रहेगा।

    केंद्रीय मंत्री श्री रेड्डी ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान देश की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा के निरीक्षण का ज़िक्र किया। उन्होंने खदान में किए जा रहे नवाचारों और अत्याधुनिक तकनीकों की भी सराहना की। उन्होंने गेवरा में जापानी मियावाकी तकनीक से विकसित वृक्षारोपण स्थल का उल्लेख करते हुए इस पहल के वृहद स्तर पर उपयोग की भी बात कही। श्री रेड्डी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में पीएम सूर्य घर योजना के तहत सौर विद्युत उपलब्ध कराने की भी बात कही। उन्होंने खनन क्षेत्रों में बढ़ रहे यातायात के दबाव एवं नागरिक सुरक्षा को देखते हुए कोयला परिवहन के लिए बनाए जा रहे डेडिकेटेड कोल कॉरिडोर की प्रगति की भी जानकारी ली।

    मुख्यमंत्री के सचिव और खनिज साधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा संचालित खनन गतिविधियों एवं नीतियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खनिज संसाधनों के समुचित दोहन एवं प्रबंधन के लिए केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों का बेहतर समन्वय करते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 28 प्रकार के खनिज मौजूद हैं। हमारा राज्य देश के कुल क्षेत्रफल का मात्र 4% होने के बावजूद राष्ट्रीय खनिज उत्पादन मूल्य में 17% से अधिक का योगदान देता है और खनिज उत्पादक राज्यों में द्वितीय स्थान पर है।

    खनिज राजस्व और अन्वेषण में ऐतिहासिक प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में छत्तीसगढ़ ने लगभग 14,195 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित किया है, जो प्रदेश की कुल आय का 23% और जीएसडीपी का 11% है। राज्य ने ई-नीलामी के माध्यम से 48 मुख्य खनिज ब्लॉक्स का सफलतापूर्वक आवंटन किया है। उन्होंने कहा कि 2024-25 की 56 अन्वेषण परियोजनाओं में से 32 सामरिक, क्रिटिकल व डीप सीटेड खनिजों के लिए हैं। पिछले वर्षों में ई-नीलामी के माध्यम से ग्रेफाइट, ग्लूकोनाइट,निकल-क्रोमियम-पीजीआई, गोल्ड जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के 10 ब्लॉक्स आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश का पहला लिथियम ब्लॉक कटघोरा में सफलतापूर्वक आवंटित हुआ है, जो ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है और यह हमारे राज्य की क्षमता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद ने बताया कि खनिज ऑनलाइन पोर्टल, क्लाउड बेस्ड व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम जैसी पहल से पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित की गई है। वहीं गौण खनिजों के लिए स्टार रेटिंग प्रणाली, वैज्ञानिक पद्धति से माइनिंग और पर्यावरण सुरक्षा के साथ सतत खनन को बल मिला है। उन्होंने बताया कि पूर्व खदानों के पुनर्विकास जैसे विश्रामपुर में केनपारा ईको टूरिज्म और जामुल में किन्नू गार्डन के प्रकल्प इस दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने बताया कि खनिज विकास निधि से प्रदेश के खनिज बाहुल्य अंदरूनी क्षेत्रों में रेल पथ निर्माण हेतु 720 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं परिवहन ढांचे को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने बताया कि डीएमएफ पोर्टल के माध्यम से 33 जिलों में 15 हजार करोड़ से अधिक की राशि से खनन प्रभावित क्षेत्रों का समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने सौंपे लिथियम ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस और लौह अयस्क ब्लॉक्स के प्रीफर्ड बिडर आदेश

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने आज समीक्षा बैठक के दौरान कटघोरा लिथियम ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस अनुबंध दस्तावेज और 04 लौह अयस्क ब्लॉक्स के प्रीफर्ड बिडर आदेश सफल बोलीदाताओं को प्रदान किए। इसके साथ ही टिन खनिज के 03 भौमिकी प्रतिवेदन ई-नीलामी के माध्यम से आवंटन हेतु भारत सरकार के कोयला मंत्रालय को सौंपा गया है। चूंकि टिन सामरिक महत्व का खनिज है, इसलिए खनिज अधिनियम के तहत इसके आवंटन का अधिकार भारत सरकार के खान मंत्रालय को है। प्रदेश के खनिज विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के दंतेवाड़ा, सुकमा और बस्तर जिले अंतर्गत तीन ब्लॉक्स को चिन्हित किया गया है। इसमें ग्राम नेरली, जिला दंतेवाड़ा; ग्राम कुमा कोलेंग, जिला सुकमा; और ग्राम कुमा कोलेंग, जिला सुकमा एवं बस्तर शामिल हैं।

    उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा भारत का पहला लिथियम ब्लॉक, ई-नीलामी के माध्यम से कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र में माईकी साउथ माइनिंग प्रा. लि. को 76.05% की उच्चतम बोली के साथ आवंटित किया गया है।
    इसके अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा ई-ऑक्शन के माध्यम से दंतेवाड़ा और कांकेर जिलों के कुल चार लौह अयस्क ब्लॉक्स के लिए उच्चतम बोलीदाताओं आर्सेलर मित्तल, रूंगटा सन्स और सागर स्टोन को आवंटित किया गया है।

    इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, सचिव श्री अंकित आनंद, कोयला मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव श्रीमती रुपिंदर बराड़, संयुक्त सचिव श्री बी. पी. पति, कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन श्री पी. एम. प्रसाद, एसईसीएल के सीएमडी श्री हरीश दुहन, खनिज संचालक श्री सुनील जैन एवं इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस के अधिकारी सहित केंद्र तथा राज्य सरकार के खनिज विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का किया भूमिपूजन, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का किया भूमिपूजन, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण

    नई औद्योगिक नीति से नई संभावनाओं का निर्माण, नवा रायपुर को बनाएंगे छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
    एनआरडीए ने 45 दिनों के भीतर सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि का किया आबंटन
    1,143 करोड़ रुपए की लागत से संयंत्र होगा स्थापित, सैकड़ों लोगों को मिलेगा रोजगार का अवसर
    पोलीमैटेक कंपनी ने 10 हजार करोड़ के अतिरिक्त निवेश का दिया छत्तीसगढ़ को प्रस्ताव

    रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर में देश की प्रसिद्ध सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनी पोलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट की आधारशिला रखी। यह कंपनी सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली अग्रणी कंपनियों में से एक है, जो छत्तीसगढ़ में 1,143 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा कारखाना स्थापित करेगी। डेढ़ लाख वर्ग फीट में बनने वाला यह प्लांट वर्ष 2030 तक 10 अरब चिप्स तैयार करेगा, जिनका उपयोग टेलीकॉम, 6जी/7जी, लैपटॉप और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाएगा। इस प्लांट की स्थापना से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है कि छत्तीसगढ़ में पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की स्थापना का भूमिपूजन हुआ है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में सेमीकंडक्टर उद्योग को विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से कंपनी को यहां निवेश में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्व के जो भी देश विकसित हुए हैं, उन्होंने तकनीक के क्षेत्र में मेहनत की है, अनुसंधान किया है और ऐसा वातावरण बनाया है जिससे तेज़ी से तकनीकी प्रगति संभव हो पाई। अब 6जी और 7जी तकनीक भी आ रही है और मुझे खुशी है कि इनके लिए आवश्यक चिप्स हमारे देश में ही तैयार होंगे, और नवा रायपुर, अटल नगर में हमारे इंजीनियर इन्हें बनाएंगे।

     

    मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर में दिल्ली में आयोजित एक इंवेस्टर्स कनेक्ट प्रोग्राम में राज्य के अधिकारियों की मुलाकात पोलीमैटेक के प्रबंधन से हुई थी और उसी समय कंपनी ने छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई थी।

    उन्होंने कहा कि बहुत कम समय में उद्योग विभाग और एनआरडीए ने कंपनी के लिए नवा रायपुर के सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि उपलब्ध कराई। एनआरडीए ने 45 दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर भूमि आबंटित की और 25 दिनों से कम समय में लीज डीड पंजीकरण का कार्य भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल विकसित भारत के सपने को साकार करने हेतु विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में अत्यंत कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर निश्चित ही छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली के रूप में उभरेगा, और इसकी शुरुआत आज के भूमिपूजन से हो चुकी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस संयंत्र में कार्य करने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र भी अपने हाथों से प्रदान किए।

    भूमिपूजन अवसर पर पोलीमैटेक कंपनी के एमडी श्री ईश्वर राव ने मुख्यमंत्री श्री साय को राज्य सरकार की तत्परता और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पॉवर मॉड्यूल फेब्रिकेशन प्लांट स्थापित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का भी प्रस्ताव दिया। इस संयंत्र के माध्यम से ट्रांजिस्टर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के क्षेत्र में नई ऊँचाई प्राप्त होगी। इससे राज्य में 5,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा।

    इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, एनआरडीए के सीईओ श्री सौरभ कुमार, सीएसआईडीसी के एमडी श्री विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पोलीमैटेक कंपनी के कर्मचारी उपस्थित थे।

  • बिलासपुर में नाबालिग से दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार

    बिलासपुर में नाबालिग से दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार

    बिलासपुर

    नाबालिग से दुष्कर्म कर जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी हार्दिक खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. यह घटना 7 से 9 अप्रैल के बीच सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में उस वक्त हुई, जब पीड़िता अपनी नानी के घर पर अकेली थी. आरोपी जान से मारने की धमकी देकर लगातार तीन दिन तक शोषण करते रहा. नाबालिग की मां की शिकायत के बाद आरोपी को तोरवा से दबोचा गया.

    जानकारी के मुताबिक, 14 साल की नाबालिग बचपन से बिलासपुर में अपनी नानी के घर रहकर पढ़ाई कर रही है. उसकी नानी रेलवे में काम करती है. तोरवा बूटापारा निवासी हार्दिक खान रेलवे विभाग के एक अधिकारी का गाड़ी चलाता है. इस कारण नाबालिग की नानी से हार्दिक की पहचान थी और उसका घर पर आना जाना भी लगा रहता था. इस बीच उसकी लड़की से पहचान हो गई. इधर परीक्षा समाप्त होने के बाद नाबालिग घर से 4 अप्रैल को नानी घर वापस लौटी. इसके तीन दिन बाद 7 अप्रैल को हार्दिक खान घर आया तो देखा की नाबालिग के अलावा यहां कोई नहीं है.

    घर में नाबालिग को अकेला पाकर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया. यह बात किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देकर आरोपी ने 8 और 9 अप्रैल को भी दुष्कर्म करते रहा. घटना से सहम उठी नाबालिग ने घटना के बारे में किसी को नहीं बताया. अगले दिन मां के नानी घर आने पर पीड़िता ने घटना की जानकारी दी. तत्काल पीड़िता की मां ने थाने पहुंचकर सिरगिट्टी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई.

    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तोरवा बूटापारा में दबिश देकर ड्रावइर हार्दिक खान को गिरफ्तार किया. आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 64, 2, 351, 4, 6 और पाक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है.

  • इलेक्ट्रनिक्स के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की ऊंची उड़ान

    इलेक्ट्रनिक्स के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की ऊंची उड़ान

    •    नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में ग्रीनफील्ड इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर के अंतर्गत एक अत्याधुनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) की स्थापना की जा रही है। यह सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में काम कर रहे उद्योगों और स्टार्टअप्स के लिए अत्यधिक लाभकारी साबित होगा।

    •    यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर तकनीकी नवाचार, औद्योगिक सहयोग और रोजगार सृजन का केंद्र बनेगा। यह प्रोजेक्ट, छत्तीसगढ़ को तकनीकी रूप से समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री साय के संकल्प को पूरा करने में मददगार होगा।

    •    यह परियोजना नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित की जा रही है। इसके लिए केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा ईएमसी 2.0 योजना के तहत 75 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त हुई है। इसकी कुल लागत 108.43 करोड़ रुपये है, जिसमें राज्य सरकार की भागीदारी 33.43 करोड़ रुपये की होगी।

    •    नवा रायपुर में 3.23 एकड़ भूमि में विकसित यह सेंटर प्रिंटेड सर्किट बोर्ड प्रोटोटाइपिंग, 3डी प्रिंटिंग, ईएमसी टेस्टिंग, पर्यावरण और विश्वसनीयता परीक्षण जैसी आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित है। इससे सेमीकंडक्टर, एलईडी लाइटिंग, सोलर चार्ज कंट्रोलर, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उपकरण, ऑटोमेशन सॉल्यूशन और एससीएडीए पैनल जैसे उत्पादों के निर्माण में लगे उद्योगों को तकनीकी सहयोग मिलेगा।

    •    मुख्यमंत्री श्री साय का कहना है कि हमारा उद्देश्य केवल उद्योग लगाना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को तकनीकी अवसरों से जोड़ना और राज्य को आत्मनिर्भर बनाना है। यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर निवेशकों के लिए एक नया अवसर है और यह छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित करेगा।

    •    यह सेंटर उन छोटे उद्यमों के लिए भी बेहद उपयोगी है जो अपने उत्पादों की गुणवत्ता जांचना चाहते हैं या नए डिजाइनों पर काम कर रहे हैं। स्टार्टअप्स अपने उत्पादों का परीक्षण कर सकेंगे, नवीन प्रोटोटाइप तैयार कर सकेंगे और तेजी से उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। इससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उद्योगों को आवश्यक तकनीकी सहयोग मिलेगा।

    •    इसके साथ ही राज्य सरकार की औद्योगिक नीति में मिलने वाले प्रोत्साहनों से राज्य में नए निवेश बढ़ेंगे। यह परियोजना छत्तीसगढ़ की औद्योगिक प्रगति में एक नया अध्याय जोड़ेगी और नवा रायपुर को तकनीक के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाएगी।

    पॉलीमेटिक कम्पनी

    •    पॉलीमेटिक कम्पनी भारत में सेमीकंडक्टर के उत्पादन में अग्रणी रही है। यह कम्पनी 2019 में स्थापित हुई। 2008 में चेन्नई में आप्टो-इलेक्ट्रानिक्स में सेमीकंडक्टर का उत्पादन शुरू किया जहां एलइडी चिप के मेन्युफैक्चरिंग और पैकेजिंग किया जा रहा है।

    •    कम्पनी द्वारा कैलिफोर्निया में अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर टेस्टिंग की सुविधा पिछले पांच दशक से दी जा रही हैं इसका उपयोग विश्व की कई देशों की कम्पनी करती है।

    •    फ्रांस में कम्पनी मोनोक्रिस्टलाईन, पॉलिक्रिस्टलाईन सिलीकॉन, सिलीकॉन-कार्बाइट और सफरवेफर्स का उत्पादन कर रही है।

    •    नवा रायपुर में कम्पनी दुसरा प्लांट स्थापित करने जा रही है। यह प्लांट भारत को सेमीकंडक्टर में क्षेत्र में पावर हाउस के रूप में स्थान दिलाएगी।

    •    इस प्लांट में क्रिटकल सेमीकंडक्टर मॉड्यूल तथा सेटेलाईट कम्युनिकेशन के उपकरण तैयार होंगे।

    •    प्लांट में 5 जी-6 जी से लेकर नए जनरेंशन चिप तैयार होंगे। जिसकी आपूर्ति घरेलू और विश्व के अन्य देशों में की जाएगी।

    •    कम्पनी सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में टेक्नीकल गैप को भरने के साथ-साथ सप्लाई चैंन को मजबूत करेगी। और भारत को एडवांस सेमीकंडक्टर उत्पादन में लीडर बनाएगी।

    10 हजार करोड़ का अतिरिक्त निवेश
     
    •    पॉलीमेटिक कम्पनी ने नवा रायपुर में पावर मॉड्यूल और फैब्रिकेशन अत्याधुनिक की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 10 हजार करोड़ के निवेश की घोषणा की है। यह युनिट फील्ड-इफेक्ट ट्रांजिस्टर्स, मोस्फेट, थाइरिस्टर्स पर केंद्रीत होगा। इस पावर इलेक्ट्रानिक्स का उपयोग विशेष रूप से इलेक्ट्रिकल वाहनों में उपयोग होगा।

    •    यह महत्वकांक्षी विस्तार परियोजना भारत को उन्नत सेमीकंडक्टर विनिर्माण के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा। वहीं छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली युवा इंजीनियरों के लिए 5 हजार उच्च कौशल के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

    साइंटिफिक शब्दावली

    •    थाइरिस्टर्स- यह एक स्वींच की तरह काम करता है जो एक दिशा में करेंट को एक दिशा में प्रवाहित करने की अनुमति देता है। इसका उपयोग एसी-डीसी करेंट के स्वींचिंग पावद कंट्रोल तथा अन्य एप्लिकेशन में किया जाता है

    •    फिल्ड-इफेक्ट ट्रांजिस्टर- यह एक ऐसा सेमीकंडक्टर उपकरण है जो विद्युत क्षेत्र का उपयोग करके करेंट को नियंत्रित करता हैं

    •    मोस्फेट- एक ऐसा उपकरण है जो कम पावर में काम करता है और तेज गति से स्वींचिंग को गति प्रदान करता है।

    •    सेमीकंडक्टर-फेब्रिकेशन- यह चिप निर्माण में उपयोग होता है यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें वेफर्स को एकीकृत सर्किट (आइसी) में बदला जाता हैं।

    •    सेमीकंडक्टर-पैकेजिंग- इसका मुख्य कार्य सेमीकंडक्टर चिप को बाहरी खतरों एवं पर्यावरणीय प्रभाव से बचाता है। यह चिप को विद्युत और यांत्रिक रूप से सक्रिट वोल्ट से जोड़ता है।

  • तेज रफ्तार कार ने ऑटो को मारी टक्कर, निगम की 8 महिला कर्मचारी घायल

    तेज रफ्तार कार ने ऑटो को मारी टक्कर, निगम की 8 महिला कर्मचारी घायल

    दुर्ग

    शहर में रफ्तार का कहर देखने को मिला है. कार चालाक ने शुक्रवार सुबह सफाई कर्मचारियों से भरी ऑटो को पीछे से टक्कर मार दी. दुर्घटना के वक्त ऑटो में 8 महिलाएं सवार थी. कार की टक्कर के बाद चार महिलाएं घायल हो गई, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं घटना की सूचना पर विधायक गजेंद्र यादव, महापौर अलका बाघमार और पूर्व विधायक अरुण वोरा घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे.

    जानकरी के मुताबिक, ऑटो में 8 महिला सफाई कर्मचारी सवार थी. CG 07 CV 1947 क्रमांक कार ने रॉन्ग साइड से आते हुए ऑटो को पीछे से तेज रफ्तार में टक्कर मार दी. टक्कर होते ही कार के एयर बैग खुल गए और चालक बच गया. लेकिन टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई. चार महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुई है. अन्य महिला सफाई कमर्चारियों को मामूली चोटें आई है.

    विधायक, पूर्व MLA और महापौर पहुंचे अस्पताल
    दुर्घटना की सूचना मिलते ही दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव, महापौर अलका बाघमार और पूर्व विधायक अरुण वोरा जिला अस्पताल पहुंचे. यहां उन्होंने घायलों से बातचीत की और उनका हालचाल जाना.

  • मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर में ई-ऑटो सेवा का किया शुभारंभ

    मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर में ई-ऑटो सेवा का किया शुभारंभ

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में एक नई पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सेवा—ई-ऑटो सेवा—का शुभारंभ किया। यह सेवा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन "बिहान" के सहयोग से शुरू की गई है।

    मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक परिवहन सेवा का शुभारम्भ नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वावलंबन और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार का एक सशक्त प्रयास है।

    ई-ऑटो सेवा का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा, जिसमें 3 क्लस्टरों के 15 ग्राम संगठनों की कुल 40 महिला सदस्य शामिल हैं। यह ई-ऑटो सेवा 130 किलोमीटर के दायरे में आवासीय क्षेत्रों, कार्यालयों, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और जंगल सफारी जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ेगी।

    ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत यह पहल 40 महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।महिलाओं की मासिक आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। यह सेवा आने वाले समय में स्थानीय परिवहन के क्षेत्र में एक मॉडल बनकर उभरेगी, जिससे नवा रायपुर के निवासियों को सुविधाजनक, किफायती और प्रदूषण रहित परिवहन सुविधा प्राप्त होगी।

    इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, एनआरडीए के सीईओ सौरभ कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

  • डिप्टी सीएम साव ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

    डिप्टी सीएम साव ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

    रायपुर

    उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव की अध्यक्षता में आज रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में विभागीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें साव प्रदेशभर में चल रहे लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की. बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करें. फील्ड पर उतरकर कार्यों पर कड़ी नजर रखें और गुणवत्ता सुनिश्चित करें.

    मंत्री साव ने अधिकारियों से कहा, निर्धारित समय पर निर्माण कार्य पूरा करें. ठेकेदारों से समय-सीमा में काम पूरा कराएं. विभागीय कार्यों के बेहतर, शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी अभियंता अपनी इंजीनियरिंग और प्रशासनिक कौशल दक्षता के साथ उपयोग करें. अपनी योग्यता और क्षमता का फील्ड में पूर्ण उपयोग करते हुए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता व समय-सीमा सुनिश्चित करें. बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता वीके भतपहरी सहित मैदानी अधिकारी भी मौजूद हैं.

  • मुख्यमंत्री साय से केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सौजन्य मुलाकात की

    मुख्यमंत्री साय से केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सौजन्य मुलाकात की

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने केंद्रीय मंत्री रेड्डी का पुष्पगुच्छ, शॉल एवं बेल मेटल से बने प्रतीक चिन्ह नंदी भेंट कर अभिनंदन किया।