Category: छत्तीसगढ़

  • CG News- डायलिसिस सेंटर बना संजीवनी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से कुनकुरी में किडनी मरीजों को बड़ी राहत…

    CG News- डायलिसिस सेंटर बना संजीवनी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से कुनकुरी में किडनी मरीजों को बड़ी राहत…

    रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी पहल और संवेदनशील नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कुनकुरी में स्थापित चार बिस्तरों वाला डायलिसिस सेंटर किडनी रोगियों के लिए वरदान साबित हो रहा है।

    21 फरवरी 2025 से शुरू हुए इस डायलिसिस सेंटर में अब तक 315 से अधिक डायलिसिस सेशन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं। रोजाना दो से तीन मरीज यहां उपचार हेतु पहुँच रहे हैं। अत्याधुनिक डायलिसिस मशीनों से सुसज्जित यह सेंटर मरीजों को न केवल समय पर इलाज उपलब्ध करा रहा है, बल्कि उन्हें बाहर अन्य शहरों की ओर रुख करने से भी राहत मिल रही है।इससे मरीजों के समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है।

    डायलिसिस सेंटर बना संजीवनी

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत गरीब और जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में जिले में तीन डायलिसिस यूनिट कार्यरत हैं। जिला अस्पताल जशपुर में 5 बिस्तरों की, पत्थलगांव में 3 बिस्तरों की और अब कुनकुरी में 4 बिस्तरों की यूनिट शुरू की गई है।

    स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन की दिशा में मुख्यमंत्री श्री साय की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उनकी अगुवाई में कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए बजटीय प्रावधान किए गए हैं। साथ ही जशपुर में प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना का निर्णय लिया गया है।

    डायलिसिस सेंटर बना संजीवनी

    छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने हेतु सतत प्रयासरत है। कुनकुरी में डायलिसिस सेंटर की शुरुआत इसी प्रयास का प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिससे स्थानीय नागरिकों को घर के पास ही जीवन रक्षक स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो रही हैं।

  • CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देश सेवा में समर्पित सभी सिविल सेवकों को राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस की दी शुभकामनाएं…

    CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देश सेवा में समर्पित सभी सिविल सेवकों को राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस की दी शुभकामनाएं…

    रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस (21 अप्रैल) के अवसर पर देश सेवा में समर्पित सभी सिविल सेवकों एवं उनके परिवारजनों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह दिन न केवल सिविल सेवकों के अमूल्य योगदान को स्मरण करने का अवसर है, बल्कि यह भविष्य की चुनौतियों के संदर्भ में आत्ममंथन और नवचिंतन का भी दिवस है। यह अवसर हमें याद दिलाता है कि प्रशासनिक तंत्र राष्ट्र के विकास पथ का मूल आधार है, और सिविल सेवकों की दक्षता, निष्ठा और दूरदृष्टि ही नीतियों को ज़मीन तक पहुँचाने में सहायक होती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सिविल सेवक वह कड़ी हैं जो सरकार की योजनाओं और जनता की अपेक्षाओं के बीच सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा सिविल सेवकों की प्रतिबद्धता और परिश्रम से ही देश और प्रदेश सुशासन के पथ पर अग्रसर होता है।

    उन्होंने सिविल सेवकों को निष्ठापूर्वक अपने कर्तव्यों का वहन करते हुए देश और प्रदेश की उन्नति में अपना बहुमूल्य योगदान देने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आपकी प्रतिबद्धता एवं कर्मठता ही भारत को एक समर्थ, समावेशी और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की नींव है।

  • पीएसओ ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर की आत्महत्या

    पीएसओ ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर की आत्महत्या

    बलौदाबाजार

    भाटापारा कांग्रेस विधायक इंद्र साव की सुरक्षा में तैनात पीएसओ ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. इस बात की जानकारी होते ही हड़कंप मच गया. घटना की सूचना मिलते ही भाटापारा शहर पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है.

    जानकारी के अनुसार, भाटापारा विधायक इंद्र साव के घर के सामने ही उनकी सुरक्षा में तैनात पीएसओ डिगेश्वर गागड़ा का सरकारी निवास है. आज दोपहर उसने छत पर चढ़कर अपने सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली. इस बात की जानकारी लगते ही हड़कंप मच गया और भाटापारा शहर पुलिस को जानकारी दी गई. फिलहाल, आत्महत्या करने के पीछे वजह सामने नहीं आई है.

  • विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में चैंबर ऑफ कॉमर्स की है महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में चैंबर ऑफ कॉमर्स की है महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

    रायपुर। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में व्यापार, व्यवसाय और उद्योग तेजी से विकास कर रहे हैं, जिसके कारण जीएसटी कलेक्शन में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का संकल्प लिया है। इसके लिए हम सबको मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाना होगा।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में चैंबर के अध्यक्ष श्री सतीश थौरानी, महामंत्री श्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष श्री निकेश बरड़िया सहित अन्य पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज 62 वर्षों से कार्यशील है, जिससे 12 लाख व्यापारी जुड़े हैं। प्रदेश के इस सबसे बड़े व्यापारी संगठन के इतिहास में पहली बार सर्वसम्मति से निर्वाचन संपन्न हुआ है, जो संगठन की एकजुटता का प्रमाण है। इस परंपरा को यह संगठन आगे भी कायम रखे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योग और व्यापार की उन्नति के लिए राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने छोटे व्यापारियों को हमेशा प्राथमिकता दी है। ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। हमने पेट्रोल पर वैट 1 रुपये प्रति लीटर कम किया है। व्यापारियों को राहत देते हुए 10 साल पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारी को माफ किया गया है। इसका लाभ प्रदेश के 40 हजार व्यापारियों को मिल रहा है।

    नई औद्योगिक नीति : प्रदेश में साढ़े चार लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई उद्योग नीति से उद्योगों के लिए प्रदेश में सकारात्मक वातावरण बना है। इसके लागू होने के बाद से अब तक प्रदेश में साढ़े चार लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए हाल ही में प्लांट का भूमिपूजन हुआ है। हाल ही में हमने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में इन्वेस्टर मीट का आयोजन किया। देशभर के कारोबारियों और उद्योगपतियों में इसे लेकर गजब का उत्साह है। वे छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में शामिल होना चाहते हैं।

    नई औद्योगिक नीति का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह

    मुख्यमंत्री ने चैंबर के पदाधिकारियों से राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया, जिससे प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित हो सके। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।

    इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बाजार में धन का प्रवाह आवश्यक है। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की धुरी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान की रिकॉर्ड खरीदी की। दो साल का धान बोनस भी दिया गया। प्रदेश का बजट 6000 करोड़ से बढ़कर अब 1 लाख 60 हजार करोड़ रुपये का हो गया है। देश में सर्वाधिक ऑटोमोबाइल विक्रय छत्तीसगढ़ में हो रहा है, जो यह दर्शाता है कि हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ देश के प्रथम तीन विकसित राज्यों में शामिल होगा। प्रदेश के विकास में चैंबर की भी उल्लेखनीय भागीदारी होगी।

    पूर्व सांसद और पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस ने कहा कि छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार उद्योग और व्यापार की उन्नति के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इसी प्रकार उद्योग जगत भी प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे रहा है। जब दोनों पहिए साथ-साथ चलते हैं, तो विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ती है। रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सर्वसम्मति से चैंबर के चुनाव होना यह दर्शाता है कि व्यापार जगत तेजी से आगे बढ़ेगा। जो देश व्यापार, व्यवसाय और उद्योग को बढ़ावा देता है, उसकी तरक्की को कोई नहीं रोक सकता। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में यह कार्य कुशलता से किया जा रहा है। उन्होंने चैंबर के सदस्यों से आग्रह किया कि गर्मियों में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए पानी, पना और मठा का वितरण करें।

    इस अवसर पर संत साईं उदय शदाणी, साईं लालदास, अम्मा महंत मीरा देवी, अनेक जनप्रतिनिधि, निगम-मंडलों के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • उपाध्याय के नेतृत्व में कुम्हारी टोल प्लाजा पर कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन

    उपाध्याय के नेतृत्व में कुम्हारी टोल प्लाजा पर कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन

    रायपुर

     पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में आज सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आमजनों ने कुम्हारी टोल प्लाजा पर अवैध वसूली के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया. इस दौरान इसे ‘भारतीय जनता पार्टी गब्बर सिंह टैक्स वसूली’ का नाम देते हुए बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा गया. प्रदर्शन में टोल प्लाजा के अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘बेशर्म का फूल’ भेंट किया गया, जबकि आम जनता को गुलाब का फूल देकर अनोखा प्रदर्शन किया गया.

    कड़ी धूप में लगातार दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान चक्का जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई. विकास उपाध्याय ने कहा कि टोल नाके की अवधि समाप्त होने के बावजूद वसूली का सिलसिला जारी है. रायपुर और दुर्ग-भिलाई के वाहनों को छूट देने का वादा किया गया था, लेकिन फास्टट्रैक सिस्टम के कारण उनके खातों से भी पैसे कट रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी इस टोल के जरिए अपनी जेबें भर रही है और बार-बार टेंडर निकालकर इसे आगे बढ़ाया जा रहा है.

    विकास उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर कुम्हारी टोल प्लाजा को हटाए जाने संबंधित चर्चा के लिए समय की मांग की थी, जिसका अब तक किसी भी प्रकार का जवाब नहीं आया है. उन्होंने कहा कि जब तक कुम्हारी टोल प्लाजा हटाया नहीं जाता तब तक कांग्रेस पार्टी चरणबद्ध आंदोलन कर सड़क की लड़ाई लड़ती रहेगी. कुछ दिनों पूर्व एनएचएआई के दफ्तर में जाकर कुम्हारी टोल प्लाजा को हटाए जाने के संबंध में अधिकारियों से चर्चा किए थे, लेकिन आज दिनांक तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई. इसीलिए केंद्रीय मंत्री से चर्चा के लिए समय की मांग की गई थी ताकि वस्तुस्थिति से उनको अवगत कराया जा सके. उपाध्याय ने आगे कहा कि इसके लिए हम अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ेंगे और आने वाले दिनों में दिल्ली में भी प्रदर्शन करेंगे.

    विकास उपाध्याय ने बताया कि कुम्हारी टोल प्लाजा में हो रही अवैध वसूली को लेकर लगातार मुद्दे उठ रहे हैं. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी का दिनांक 19 मार्च 2021 का न्यूज है कि सदन में उन्होंने कहा था कि बहुत जल्द संपूर्ण भारत में टोल नाके बंद किए जाएंगे और सिर्फ जीपीएस की सहायता से रोड पर चल रहे वाहनों पर टैक्स लिया जाएगा एवं उन्होंने यह तक घोषणा किए थे कि 60 किलोमीटर के भीतर सिर्फ एक टोल प्लाजा संचालित होगा, लेकिन छत्तीसगढ़ में ही दुर्ग स्थित और राजनांदगांव स्थित टोल प्लाजा की दूरी, कुम्हारी और मंदिर हसौद टोल प्लाजा की दूरी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि 60 किलोमीटर दायरे वाला जो कथन है उसका भी पालन नहीं किया जा रहा है.

    उपाध्याय ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र द्वारा सड़कें तो बनाई जा रही हैं लेकिन आम जनता की जेबों में सीधे डाका डालने का काम सरकार कर रही है. छत्तीसगढ़ में ही 20 से अधिक टोल प्लाज़ा संचालित हैं, जनता जब वाहन क्रय करते समय रोड टैक्स दे रही है तो फिर उनसे टोल लेना न्यायसंगत नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि महंगाई के इस दौर में जनता को जिस क्षेत्र में लाभ मिल सके सरकार को सोचना चाहिए लेकिन ठीक इसके विपरीत सरकार जनता जनार्दन को लूटने का काम कर रही है.

  • जीत कुनेडू मार्शल आर्ट फेडरेशन ऑफ इंडिया के खोंगापानी से गोपाल दास बने जनरल सेकेटरी

    जीत कुनेडू मार्शल आर्ट फेडरेशन ऑफ इंडिया के खोंगापानी से गोपाल दास बने जनरल सेकेटरी

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी
    जीत कुनेडू मार्शल आर्ट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया जो कि एशियन जीत कुनेडो मार्शल आर्ट्स फेडरेशन और जीत कूने फेडरेशन से संबंधित मान्यतां प्राप्त है कि नेशनल जनरल सेकेट्री शीफू लायन विकास गिहारा द्वारा मास्टर गोपाल दास को जीत कूनेडो एसोशिएशन ऑफ छ.ग. का जनरल सेकेट्री नियुक्त किया गया है। जीत कूने मार्शल आर्ट्स स्पोर्ट्स, स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, खेलो इंडिया से मान्यता प्राप्त है।

    मास्टर गोपाल दास वेस्ट झगराखाण्ड कॉलरी (खोंगापानी) के साथ ही संपूर्ण मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले एवं समस्त छ.ग. राज्य में जीत कुनेडो स्पोर्ट्स मार्शल आर्ट्स (फाउंडेट बाई हॉलीवुड स्टार वर्ल्ड फेमस मार्शल आर्ट्स ब्रुसली) द्वारा इजाद की गई है।

  • लचर कानून व्यवस्था के विरोध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला दहन

    लचर कानून व्यवस्था के विरोध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला दहन

    मनेंद्रगढ़/एमसीबी
    भाजपाइयों ने फूंका ममता बनर्जी का पुतला मनेन्द्रगढ़.भारतीय जनता पार्टी, नागपुर मण्डल द्वारा नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी जैसे आरोपियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही कार्रवाई के समर्थन में, तथा कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों, हिन्दुओं के नरसंहार और पश्चिम बंगाल की लचर कानून व्यवस्था के विरोध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला दहन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति, भ्रष्टाचार और ममता बनर्जी के नेतृत्व में हो रहे हिंदू समाज पर अत्याचारों के खिलाफ तीव्र आक्रोश प्रकट किया गया। कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष एवं पूर्व संसदीय सचिव चम्पा देवी पावले, भाजपा जिला उपाध्यक्ष जमुना पांडे, जिला पंचायत सदस्य ताराबहरा उजीत नारायण सिंह, मण्डल अध्यक्ष मुनीम सिंह, जनपद सदस्य सरभोका रमाशंकर सिंह, पूर्व मण्डल अध्यक्ष धनेश यादव, श्याम बिहारी, पूर्व मण्डल अध्यक्ष केल्हारी परमानंद यादव, जिला कार्यसमिति सदस्य संजय राय, पूर्व जनपद अध्यक्ष कन्याकुमारी, मण्डल महामंत्री अमित राय, सरपंच मालती सिंह, ललन सिंह, मण्डल मंत्री मनोज शुक्ला, उर्मिला सिंह, प्रतिमा जायसवाल, दीपक यादव, गणेश, पवन सिंह, नील कमल, आशीष राय, पुनीत चंदेल, गोकुल यादव, विष्णु जायसवाल, सोनू साहू, राकेश यादव, गंगा सिंह, कृष्णा कुर्रे, आंचल जायसवाल, सरोज जायसवाल, दिनेश यादव तथा मण्डल के सभी कार्यकर्ता मौजूद रहें।

  • छत्तीसगढ़ गांव के उस तालाब की कहानी जिसका कभी नहीं सूखता पानी, पत्नी का अपमान और पति की जिद

    छत्तीसगढ़ गांव के उस तालाब की कहानी जिसका कभी नहीं सूखता पानी, पत्नी का अपमान और पति की जिद

    दुर्ग
    छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के एक गांव में स्थित एक तालाब की बड़ी चर्चा है। यह तालाब आज से 150 साल पहले बनवाया गया था और तब से लेकर आज तक यह कभी नहीं सूखा। भीषण गर्मी के मौसम में यह गांववालों के लिए किसी लाइफलाइन से कम नहीं है। दुर्ग शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर कंदरका गांव में स्थित इस तालाब को 'बड़ा तालाब'के नाम से लोग जानते हैं। यह तालाब वर्षों से लोगों के रोजाना पानी की जरूरतों और सिंचाई में मदद करता है। जब क्षेत्र के अन्य तालाब और संसाधन गर्मी के मौसम में सूख जाते हैं, तब यह आसपास के छह गांवों के लिए पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।

    क्या है इस तालाब की कहानी?
    दुर्ग लोकसभा सदस्य विजय बघेल ने भी कहा कि तालाब कभी नहीं सूखा और इसके संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए एक योजना तैयार की जाएगी। स्थानीय निवासी जीवन लाल ने पीटीआई को बताया कि उनके नाना के परदादा गुरमिन गौटिया,जो उस समय एक जमींदार थे,ने अपनी पत्नी के लिए यह तालाब बनवाया था। उन्होंने कहा कि 150 साल पहले कंदरका में पानी की कमी थी और स्थानीय लोगों को अपनी पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए पास के गांवों में जाना पड़ता था। गौटिया की पत्नी को नहाने के लिए 2 किलोमीटर दूर दूसरे गांव पैदल जाना पड़ता था। लाल ने कहा कि एक दिन,जब वह नहा रही थी,तो कुछ ग्रामीणों ने उस पर हंसते हुए कहा कि एक जमींदार भी अपने गांव में अपनी पत्नी के लिए पानी का इंतजाम नहीं कर सकता। वह तुरंत अपने गांव लौट आई और उसके सिर पर मिट्टी लगी हुई थी।

    पत्नी का वचन और पानी की खोज
    अपनी पत्नी को ऐसी हालत में देखकर,जमींदार ने कारण पूछा। उसने घटना सुनाई और अपने पति को बताया कि इसलिए वह अधूरा स्नान करके लौट आई। जमींदार की पत्नी इस घटना से इतनी आहत हुई कि उसने अपने गांव में तालाब बनने तक स्नान न करने का फैसला कर लिया। जीवन लाल ने बताया कि अपनी पत्नी की इच्छा पूरी करने के लिए,जमींदार ने एक तालाब बनाने की योजना बनाई,लेकिन समस्या यह थी कि इसे कहां खोदा जाए क्योंकि गांव में कोई भूमिगत जल स्रोत नहीं था। कहा जाता है कि भगवान उनकी मदद करते हैं जो अपनी मदद करते हैं। कुछ दिनों के संघर्ष के बाद,जमींदार ने गांव में दो-तीन दिनों से लापता कुछ मवेशियों पर मिट्टी और घास देखी। उसने सोचा कि जब गांव में पानी का कोई स्रोत नहीं है,तो मवेशियों के शरीर पर मिट्टी और घास कैसे लग गई। अगले दिन,जब गौटिया और अन्य ग्रामीणों ने कुछ मवेशियों का पीछा किया,तो वे एक ऐसी जगह पर पहुंचे जहां घास और मिट्टी थी। बाद में,उसी जगह को खोदा गया और उन्हें पानी का एक छोटा स्रोत मिल गया।

    कभी नहीं सूखता तालाब
    जीवन लाल ने आगे बताया कि तालाब खोदने का काम शुरू करने से पहले,जमींदार ने अपनी पत्नी को पूरे जलाशय के खुद जाने तक उसी छोटे से जल स्रोत का उपयोग नहाने के लिए करने के लिए राजी किया। लाल ने बताया कि कुल्हाड़ियों और फावड़ों से तालाब खोदने के लिए बाहर से करीब 100 मजदूर बुलाए गए थे और यह काम पांच महीने तक चला। तभी से,यह तालाब इलाके के लगभग आधा दर्जन गांवों के लिए पानी का एक निरंतर स्रोत बना हुआ है क्योंकि यह कभी नहीं सूखता। एक अन्य स्थानीय निवासी नरोत्तम पाल ने भी कहा कि तालाब कभी नहीं सूखा और यह कंदरका और आसपास के गांवों में खेतों की सिंचाई में मदद करता है,खासकर गर्मी के मौसम में जब अन्य जल स्रोत सूख जाते हैं।

    उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण कई सालों से इस तालाब का संरक्षण कर रहे हैं और उन्होंने इसके आसपास अतिक्रमण नहीं होने दिया है। जब दुर्ग लोकसभा सदस्य विजय बघेल से संपर्क किया गया,तो उन्होंने पीटीआई को बताया कि यह तालाब,जिसके बारे में माना जाता है कि यह एक सदी से भी ज़्यादा पुराना है,कभी नहीं सूखा है और भविष्य में इसके संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए एक योजना तैयार की जाएगी। बघेल ने आगे कहा कि जैव विविधता बनाए रखने और भूजल स्तर को रिचार्ज करने के लिए तालाबों का संरक्षण आवश्यक है।

  • नशे के खिलाफ पुलिस सख्त,  बाइक से गांजा तस्करी करने वाला गिरफ्तार

    नशे के खिलाफ पुलिस सख्त, बाइक से गांजा तस्करी करने वाला गिरफ्तार

    बलौदाबाजार-भाटापारा

    छत्तीसगढ़ पुलिस का “ऑपरेशन विश्वास” नशे के खिलाफ कारगर साबित हो रहा है. अभियान के तहत असामाजिक तत्वों, अवैध महुआ शराब बनाने वाले, जुआ सट्टा और गांजा तस्करी करने वालों की धरपकड़ कार्रवाई जारी है. इसी कड़ी में पुलिस को बाइक से गांजा तस्करी करने वाले को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है. आरोपी के कब्जे से 4,75,000 का गांजा बरामद किया गया है.

    दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि जिला मुख्यालय में गांजा खपाने की तैयारी है और मोटरसाइकिल से बड़ी मात्रा में गांजा लेकर व्यक्ति आ रहा है. जिसपर कोतवाली पुलिस टीम ने एक मोटर साइकिल की जांच की. इस दौरान बाइक पर रखी बोरी के अंदर गांजा मिला, जिसे बलौदाबाजार में खपाने की तैयारी थी. पुलिस की जांच में सामने आया कि बरामद किए गए 34 किलो गांजे कि कीमत 4,75,000 रूपये आंकी गई है.

    बता दें कि उडीसा से बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के रास्ते पर बड़ी मात्रा में गांजा की अवैध तस्करी लगातार होती है. गांजा तस्कर इस क्षेत्र को सुरक्षित मानते हैं और यह अधिकतर गिधौरी से शिवरीनारायण के रास्ते और लगन से जोंधरा बिलासपुर मस्तुरी मार्ग के रास्ते मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़ में खपाया जाता है.

  • संस्कृति की रक्षा और जनकल्याण में आर्य समाज की भूमिका अनुकरणीय : मुख्यमंत्री साय

    संस्कृति की रक्षा और जनकल्याण में आर्य समाज की भूमिका अनुकरणीय : मुख्यमंत्री साय

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत आज राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में महर्षि दयानंद सरस्वती जी की 200वीं जयंती और आर्य समाज के 150वें स्थापना वर्ष के शुभ अवसर पर आयोजित धर्मरक्षा महायज्ञ एवं वैदिक सनातन संस्कृति सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान धर्मरक्षा यज्ञ में हवन-पूजन कर प्रदेश कल्याण की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय और राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने छत्तीसगढ़ प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा द्वारा तैयार पुस्तिका "चुनौतियों का चिंतन" का विमोचन किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती का पुण्यस्मरण किया। उन्होंने कहा कि आर्य समाज को मानव कल्याण का कार्य करते हुए आज 150 वर्ष पूरे हो गए हैं। आर्य समाज के द्वारा निरंतर देश सेवा, धर्म-संस्कृति की रक्षा तथा जनजागरण का कार्य किया जा रहा है। श्री साय ने बताया कि वे महर्षि दयानंद के विचारों से प्रभावित होकर वर्ष 1999 से आर्य समाज से जुड़े हुए हैं और विभिन्न अवसरों पर समाज के मनीषियों का मार्गदर्शन उन्हें प्राप्त होता रहा है। आर्य समाज महर्षि दयानंद के विचारों को आगे बढ़ाते हुए संस्कार और शिक्षा का पुनीत कार्य कर रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जी प्राकृतिक खेती और देशी नस्ल की गायों के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रहे हैं। प्रदेश सरकार निश्चित रूप से इस दिशा में अपने प्रयासों को और अधिक गति देगी। श्री साय ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में हमारी सरकार ने मोदी की गारंटियों को पूरा करने का कार्य किया है। गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए हमने पहले ही कैबिनेट में 18 लाख आवास की स्वीकृति दी थी और अब आवास प्लस-प्लस का सर्वेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये, माताओं-बहनों को प्रति माह एक हजार रुपये, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना और रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों के तीर्थदर्शन के पुण्य संकल्प को भी पूरा किया जा रहा है।

    गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने महर्षि दयानंद सरस्वती को नमन करते हुए कहा कि उनके जीवन-मूल्यों और विचारों को आत्मसात करने से शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक उन्नति का संकल्प पूरा होगा। उन्होंने महर्षि दयानंद की संपूर्ण जीवन-यात्रा और उद्देश्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक कृषि और देशी गौवंश की रक्षा एवं उनका संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर यदि हम गौपालन को लाभकारी बनाएंगे, तो समाज में उसकी रक्षा हेतु स्वाभाविक चेतना विकसित होगी। इससे सड़कों पर पशुओं के विचरण की समस्या स्वतः समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जैविक खेती के माध्यम से हम स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं।

    इस अवसर पर योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, स्वामी धर्मानंद सरस्वती जी महाराज, सुरेश जी, कैप्टन रुद्रसेन, विनय आर्य, डॉ. राजेंद्र विद्या अलंकार, प्रबल प्रताप जूदेव, आर्य समाज के  रामकुमार पटेल सहित आर्यवीर और आर्य समाज के अनुयायी उपस्थित थे।