Category: छत्तीसगढ़

  • रायपुर : उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सुकमा में आत्मसमर्पित नक्सलियों से की चर्चा: राज्य शासन की समस्त योजनाओं के लाभ दिलाने के दिए निर्देश

    रायपुर : उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सुकमा में आत्मसमर्पित नक्सलियों से की चर्चा: राज्य शासन की समस्त योजनाओं के लाभ दिलाने के दिए निर्देश

    रायपुर

    उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा सुकमा के एकदिवसीय दौरे पर पहुँचे। इस दौरान उन्होंने नक्सल पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया और आत्मसमर्पित नक्सलियों से मुलाकात कर उनके वर्तमान हालात, सरकार की पुनर्वास नीति तथा उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली।

    उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में शांति स्थापना और सामाजिक समावेश की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने आत्मसमर्पित नक्सलियों से संवाद करते हुए उनके पुनर्वास, शिक्षा, रोजगार और समावेशन की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि सरकार उनके समुचित पुनर्वास हेतु प्रतिबद्ध है। शासन की ओर से सभी ज़रूरी दस्तावेज – राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक पासबुक, वोटर आईडी और राजस्व संबंधी प्रमाणपत्र – बनाए जाएंगे।

    उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को लघुवनोपज आधारित प्रसंस्करण एवं कृषि संबंधित रोजगारमूलक प्रशिक्षण से जोड़ा जाए। उन्होंने पुनर्वास केंद्र में एक नियमित प्रशिक्षक (रेगुलर इंस्ट्रक्टर) की नियुक्ति तथा कौशल उन्नयन हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। साथ ही केंद्र में एक देवस्थली की स्थापना कर नियमित पूजा-अर्चना की व्यवस्था करने को भी कहा।

    उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पुनर्वास और विकास को लेकर पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। आत्मसमर्पण करने वालों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।

    इस अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप, महिला आयोग की सदस्य सुदीपिका सोरी, बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी., पंचायत विभाग के विशेष सचिव तारण प्रकाश सिन्हा, डीआईजी कमलोचन कश्यप, सुकमा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, एसपी किरण चव्हाण, जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे, जिला पंचायत सदस्य हुंगाराम मरकाम सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

  • रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय युवाओं के साथ ‘जय भीम पदयात्रा’ में हुए शामिल

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय युवाओं के साथ ‘जय भीम पदयात्रा’ में हुए शामिल

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय युवाओं के साथ ‘जय भीम पदयात्रा’ में हुए शामिल

    ‘पंचतीर्थ’ और संविधान दिवस से नई पीढ़ी बाबा साहब से ले रही है प्रेरणा: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री विष्णु देव सा ने प्रिएम्बल वाल पर हस्ताक्षर कर संविधान की मूल भावना के प्रति जताई प्रतिबद्धता

    मुख्यमंत्री ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया

    रायपुर

    भारत का संविधान हर नागरिक के लिए पवित्र ग्रंथ है, जो हमें गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार देता है। हमारा विशाल लोकतंत्र संविधान की मजबूत नींव पर खड़ा है और बाबा साहब इस ग्रंथ के शिल्पकार थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के तेलीबांधा तालाब से ‘जय भीम पदयात्रा’ का शुभारंभ करते हुए यह बात कही।

    मुख्यमंत्री युवाओं के साथ हुए पदयात्रा में शामिल

    मुख्यमंत्री स्वयं इस पदयात्रा में युवाओं के साथ शामिल हुए और पदयात्रा के अंतिम पड़ाव में अंबेडकर चौक स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं के साथ संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया और संविधान की मूल भावना के प्रति निष्ठा और प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए प्रिएम्बल वाल पर अपने हस्ताक्षर किए। उल्लेखनीय है कि ‘जय भीम पदयात्रा’ का आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग और नेहरू युवा केंद्र संगठन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था।

    बाबा साहब की दूरदर्शिता को बताया लोकतंत्र की नींव

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मध्यप्रदेश के मऊ में जन्म लेकर कठिन संघर्षों के बाद बाबा साहब ने उच्च शिक्षा प्राप्त की और भारत जैसे विशाल लोकतंत्र को एक समावेशी और शक्तिशाली संविधान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा साहब के जीवन से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को 'पंचतीर्थ' के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है, जिससे नई पीढ़ी उनके विचारों से प्रेरणा ले सके। साथ ही संविधान दिवस की घोषणा कर देशवासियों को संविधान के प्रति समर्पण का संदेश दिया है।

    लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण

    साय ने कहा कि बाबा साहब की दूरदर्शिता की वजह से आज भारत जैसा विशाल देश अपने लोकतांत्रिक मूल्यों को लगातार समृद्ध कर रहा है, वहीं भारत के साथ आज़ाद हुए अन्य देश लोकतंत्र को साथ लेकर नहीं चल पाए। उन्होंने युवाओं से भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और उन्हें मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

    कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का पूरा जीवन हम सबके लिए प्रेरणादायी है। उनके अगुवाई में ही देश के संविधान का निर्माण किया गया। उनके आदर्शों एवं बताए गए रास्तों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

    युवाओं को किया गया सम्मानित

    इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समाज में विशिष्ट योगदान देने वाले युवाओं को मुख्य मंच से सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक खुशवंत साहेब, विधायक अनुज शर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप सहित बड़ी संख्या में युवा, स्कूली बच्चे और आमजन उपस्थित थे।

  • रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के नव नियुक्त अध्यक्ष रामसेवक पैकरा के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और पैकरा को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी उपस्थित थे और उन्होंने पैकरा को नए दायित्व की बधाई दी।

    मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि रामसेवक पैकरा वरिष्ठ राजनेता हैं और सामाजिक जीवन का उन्हें लंबा अनुभव है। उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया है। वे हमेशा से आदिवासी और वनवासी समुदायों के प्रति संवेदनशीलता और धरातल से जुड़कर कार्य करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उन्हें वन विकास निगम की बड़ी जिम्मेदारी मिलने से जनजातीय समाज को इसका लाभ मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 44 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र से आच्छादित है, जो न केवल जैव विविधता और पर्यावरण के लिए बल्कि आदिवासी संस्कृति और आजीविका के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने वनवासी समुदायों के हित में सरकार द्वारा की जा रही पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लगभग 4 करोड़ पौधों के रोपण एवं वितरण का लक्ष्य रखा गया है, वहीं बिगड़े वनों के सुधार हेतु 310 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘एक पेड़ माँ के नाम’ योजना का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य में अब तक 3 करोड़ 50 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।

    इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित विभिन्न मंडल आयोगों के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर उन्हें किया नमन

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर उन्हें किया नमन

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत के संविधान निर्माता, समाज सुधारक और स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मंत्री भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर को उनकी जयंती (14 अप्रैल) के अवसर पर नमन किया है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर एक विलक्षण व्यक्तित्व के धनी थे। वे बहुभाषाविद्, प्रखर विधिवेत्ता, कुशल अर्थशास्त्री, सामाजिक न्याय के पक्षधर, और दूरदर्शी राजनेता थे। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण सामाजिक विषमताओं के उन्मूलन और समानता, स्वतंत्रता तथा बंधुत्व के मूल्यों को प्रतिष्ठित करने हेतु समर्पित किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में भारत को वह मजबूत नींव प्रदान की, जिस पर आज हमारा देश विविधताओं में एकता की मिसाल बनकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से दलितों, वंचितों, श्रमिकों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कई ऐतिहासिक संवैधानिक प्रावधानों को स्थापित किया।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा साहेब का राष्ट्र निर्माण में योगदान न केवल अतुलनीय है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत भी है। मुख्यमंत्री साय ने सभी नागरिकों से संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक आदर्शों और सामाजिक न्याय के मूल्यों को आत्मसात करने और उन्हें और अधिक सशक्त बनाने के लिए सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

  • हुनरमंद बनकर नई जिंदगी जी रहे नक्सली:  90 लोगों के बैच में पहले चरण का प्रशिक्षण शुरू

    हुनरमंद बनकर नई जिंदगी जी रहे नक्सली: 90 लोगों के बैच में पहले चरण का प्रशिक्षण शुरू

    बीजापुर

    बस्तर संभाग में एक समय बंदूक थामे जंगलों में खून-खराबा करने वाले पूर्व नक्सली आज हुनरमंद बनकर नई जिंदगी जी रहे हैं। सरेंडर के बाद ये लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं और अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में सरकार द्वारा संचालित विशेष प्रशिक्षण शिविरों में 90-90 लोगों के बैच में पूर्व नक्सलियों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन शिविरों में प्रशिक्षण ले रहे लोग अपने अतीत पर पछतावा जताते हुए वर्तमान से संतुष्ट नजर आते हैं।

    पूर्व पीएलजीए सदस्य सुकराम बताते हैं, "मैं पहले दूसरे राज्य में मजदूरी करता था। नक्सलियों ने मेरे परिवार को परेशान किया, जिसके चलते मजबूरी और जोश में मैं संगठन में शामिल हो गया। खून-खराबा किया, लेकिन बाद में समझ आया कि यह गलत है। मैंने सरेंडर किया और अब राजमिस्त्री का प्रशिक्षण ले रहा हूं।" सुकराम जैसे कई युवा परिवार की सुरक्षा और अन्य मजबूरियों के चलते नक्सलवाद में शामिल हुए थे, जो अब इन शिविरों में नई राह तलाश रहे हैं।

    कौशल विकास और रोजगार पर जोर
    सरकार इन पूर्व नक्सलियों को उनकी रुचि के अनुसार ट्रेड सिखा रही है, ताकि उन्हें भविष्य में आसानी से रोजगार मिल सके। आइटीआइ और लाइवलीहुड मिशन के तहत राजमिस्त्री, खेती-किसानी, पशुपालन, मछली पालन जैसे कौशल सिखाए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के साथ-साथ एक्सपोजर विजिट भी करवाई जा रही हैं, जहां ये लोग विभिन्न जिलों के संस्थानों में जाकर व्यवसायों को करीब से समझ रहे हैं।

    नक्सलवाद से हुनर की ओर
    बस्तर, खासकर बीजापुर, एक समय नक्सलवाद का गढ़ माना जाता था। अब सरेंडर करने वाले नक्सलियों के लिए सरकार विशेष प्रयास कर रही है, ताकि वे बेरोजगारी के कारण दोबारा उसी दलदल में न लौटें। प्रशिक्षण शिविरों में 90 लोगों के बैच में पहले चरण का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। यहां सुबह पांच बजे योग से दिन की शुरुआत होती है, फिर दिनभर विभिन्न ट्रेड की ट्रेनिंग दी जाती है। साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत पढ़ाई, टीवी देखने का समय और शाम को खेलकूद का आयोजन भी किया जाता है।

    पछतावे से नई शुरुआत तक
    इन शिविरों में ऐसे पूर्व नक्सली भी शामिल हैं, जो कभी बम बनाने और हथियार चलाने जैसे कामों में लिप्त थे। अब वे खेती, पशुपालन और अन्य रोजगारपरक कौशल सीख रहे हैं। सरकार का उद्देश्य इन्हें जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक बनाना है। प्रशिक्षण ले रहे पूर्व नक्सलियों का कहना है कि बंदूक छोड़ने के बाद उनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आया है।

     

  • बुलेट बाइक के लिए आरोपी ने की पत्नी के साथ मारपीट, तीन तलाक देकर की दूसरी शादी, मामला दर्ज

    बुलेट बाइक के लिए आरोपी ने की पत्नी के साथ मारपीट, तीन तलाक देकर की दूसरी शादी, मामला दर्ज

    भिलाई
    दहेज की मांग पूरी न होने पर तीन तलाक देने का एक मामला सामने आया है। आरोपी ने अपनी पत्नी को तीन तलाक देकर तुरंत बाद दूसरी औरत से शादी भी कर ली। पीड़िता ने पद्मनाभपुर थाना में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मारपीट और मुस्लिम विवाह विच्छेद अधिनियम 2019 की धारा के तहत प्राथमिकी की है। आरोपी पति फरार है, जिसकी पतासाजी की जा रही है।
     
    बुलेट बाइक के लिए की मारपीट
    पुलिस ने बताया कि पीड़िता रेशमा फातेमा की शिकायत पर उसके पति रजा फायर वर्क्स के पास कसारीडीह दुर्ग निवासी आरोपी मोहम्मद रईस खोखर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके पिता की 7 साल पहले मौत हो चुकी है। पिता की मौत के बाद मां ने उसे और उसके चार अन्य भाई बहनों को पाल पोसकर बड़ा किया। 16 नवंबर 2023 को पीड़िता की शादी मोहम्मद रईस खोखर से हुई थी। शादी के समय पीड़िता की मां ने आरोपी को सलामी के रूप में 1 लाख 7 हजार 786 रुपये दिए थे। शादी के कुछ दिन तक ही आरोपी पति और ससुराल वालों का व्यवहार ठीक रहा। उसके बाद पति के व्यवहार में बदलाव आ गया। वो बुलेट बाइक और रुपयों को लिए उससे मारपीट करने लगा। उसकी छोटी बहन मदीना फातेमा की शादी उसके देवर बशीर खोखर से हुई थी। दोनों एक ही परिवार में रहते थे। वो अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ आवाज उठाती, तो उसकी बहन के जीवन पर भी असर पड़ सकता था। पीड़िता दो साल तक सब कुछ सहन करती रही।

    मारपीट कर दे दिया तीन तलाक
    पीड़िता रेशमा फातेमा ने पुलिस को बताया कि उसके पति ने रुपयों की मांग को लेकर उससे मारपीट की। 18 दिसंबर 2024 को उसे तीन तलाक दे दिया। तलाक देने के बाद उसने रूबीना नाम की लड़की से दूसरी शादी कर ली। आरोपी अपनी दूसरी बीवी के साथ भोपाल में जाकर रह रहा है। पीड़िता ने इन सभी में अपनी सास ताराबी और ससुर अकरम खोखर की भी संलिप्तता होने का दावा किया है। पीड़िता की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

     

  • कोंडागांव में जमकर गिरे ओले

    कोंडागांव में जमकर गिरे ओले

    कोंडागांव

    छत्तीसगढ़ का कोंडागांव आज अचानक शिमला बन गया. वो इसलिए क्योंकि यहां करीब 40 मिनट तक लगातार ओले गिरे. करीब 40 मिनट तक कोंडागांव में जमकर ओले गिरे और दिखने में ये देसी आलू जैसे थे.

    तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं. ओलों की मार से खेतों में खड़ी मक्के की फसल को भारी नुकसान हुआ है. किसानों ने बताया कि इस समय मक्के की फसल तैयार थी, ऐसे में पौधों का गिरना सीधे तौर पर उनके मेहनत पर पानी फेर सकता है. रबी फसलों के भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. मौसम की इस मार से न सिर्फ खेती प्रभावित हुई है, बल्कि आम जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया. तेज हवा, ओले और बारिश से कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई है. हालांकि तापमान में गिरावट से गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन इसका खामियाजा किसानों को भारी नुकसान के रूप में चुकाना पड़ सकता है.

  • राजधानी के इंडस्ट्रियल एरिया में मिले 6 गायों के शव, जांच शुरू

    राजधानी के इंडस्ट्रियल एरिया में मिले 6 गायों के शव, जांच शुरू

    रायपुर

    राजधानी के इंडस्ट्रियल एरिया उरला से लगे ग्राम कन्हैरा में शमशान घाट के पास आज 6 गायों के शव मिले हैं. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गौवंशों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. आशंका जताई जा रही हैं कि गौवंशों की मौत वहां फेंके गए औद्यौगिक अपशिष्ट खा लेने से हुई होगी. गायों की संदिग्ध तरीके से मौत को लेकर पशु प्रेमी और गौ-सेवकों समेत ग्रामीणों में आक्रोश है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.

    कांग्रेस ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार
    वहीं इस मामले को लेकर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि सरकार के लापरवाही के कारण राजधानी में 50 गायों की मौत हो गई है. शासकीय गोदाम के साढ़े गले सामानों को फेंका गया, जिसे गायों ने खा लिया, उससे गायों की मौत हो गई. उन्होंने आगे कहा कि गांव में गौठान हैं, लेकिन बंद कर दिया गया है. गौठानों को बंद नहीं किया जाता, तो गायों के चारा-पानी की व्यवस्था होती. इस मौत के लिए सरकार जिम्मेदार है.

    मंत्री रामविचार नेताम ने पशुपालकों से की अपील
    गायों के मौत को लेकर प्रदेश के मंत्री रामविचार नेताम ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गर्मियों में चारे और पानी की समस्या बढ़ जाती है, जिससे बेसहारा गायें इधर-उधर भटकती रहती हैं. उन्होंने लोगों से अपील की है कि जिनके पास गायें हैं, वे उन्हें सुरक्षित रखें और उनकी देखरेख करें. मंत्री नेताम ने बताया कि राज्य सरकार ने घुमंतू गायों के संरक्षण के लिए गौ अभयारण्य योजना शुरू की है, जिसके तहत इन बेसहारा पशुओं को शरण दी जाएगी.

  • जांजगीर-चांपा में धर्मांतरण,  बजरंग दल के हंगामे के बाद चार गिरफ्तार

    जांजगीर-चांपा में धर्मांतरण, बजरंग दल के हंगामे के बाद चार गिरफ्तार

    जांजगीर चांपा

    चांपा शहर में शनिवार को धार्मिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने और कथित धर्मांतरण का मामला सामने आया है। चांपा के बीडीएम अस्पताल चौक स्थित एक तीन मंजिला इमारत में प्रार्थना सभा के आयोजन के दौरान तनाव बढ़ गया। इस सभा में जांजगीर के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी लोग शामिल हुए। जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया और भारतीय न्याय संहिता बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

    जानकारी के अनुसार, बीडीएम अस्पताल चौक की इमारत में शनिवार को प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था। इस दौरान महिलाओं, बच्चों और पुरुषों की भीड़ धीरे-धीरे इकट्ठा हुई। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर सभा में शामिल लोगों से बातचीत की, जहां उन्हें धर्मांतरण की आशंका हुई। पुलिस को सूचना देने पर चांपा थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। जांच के दौरान पुलिस को आयोजन स्थल से धर्मांतरण से संबंधित सामग्री, पुस्तकें और पोस्टर मिले। साथ ही प्रार्थना के नाम पर बीमारियों को ठीक करने का दावा भी किया जा रहा था।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया और धार्मिक उन्माद फैलाने तथा धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने की धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की। यह घटना हनुमान जयंती के दिन हुई, जब देशभर में हिंदू समुदाय धार्मिक आयोजनों में व्यस्त था। पुलिस की समय पर कार्रवाई से माहौल को नियंत्रित किया गया और सभा में शामिल ग्रामीणों को उनके घर भेज दिया गया।

  • बस्तर की बेटी यशस्वी सिंह ने नेशनल लेवल पर लहराया परचम!

    बस्तर की बेटी यशस्वी सिंह ने नेशनल लेवल पर लहराया परचम!

    बस्तर की बेटी यशस्वी सिंह ने नेशनल लेवल पर लहराया परचम!

    बिलासपुर/जगदलपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी की “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और “खेलो इंडिया” जैसी योजनाओं को साकार करते हुए, भारत सरकार के खेल विभाग द्वारा दिनांक 9 अप्रैल से 12 अप्रैल 2025 तक बिलासपुर के बहतराई स्थित इंडोर स्टेडियम में “अस्मिता – खेलो इंडिया” के तत्वावधान में सब-जूनियर नेशनल पेनकैक सिलाट चैम्पियनशिप का भव्य आयोजन किया गया।

    इस प्रतियोगिता में बस्तर की प्रतिभाशाली बेटी यशस्वी सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया और साथ ही उन्हें केस अवार्ड के तहत 8000 रुपये की नगद राशि से सम्मानित किया गया।

    यशस्वी के पिता जी स्वर्गीय संतोष सिंह छत्तीसगढ़ के इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में वरिष्ठ पत्रकार थे,मम्मी कविता धुर्वे जो कि जगदपुर जिले में टीआई है।