Category: छत्तीसगढ़

  • एमसीबी : खाली कार्टून क्रय करने संक्षिप्त निविदा

    एमसीबी : खाली कार्टून क्रय करने संक्षिप्त निविदा

    एमसीबी

    कार्यालय छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा जिले से नियंत्रित 4 देशी, 5 देशी कम्पोजिट, 6 विदेशी मदिरा दुकान तथा 03 विदेशी कम्पोजिट दुकानों में वित्तीय वर्ष 2025-26 अर्थात 01 अपैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि में संग्रहित खाली कार्टून (पुट्ठा) का विक्रय किया जाना है। खाली कार्टून प्रति नग की दर से इच्छुक निविदाकारों से बंद लिफाफा में निविदाएं (तकनीकी बिड/प्राईज बिड पृृथक-पृथक) 08 जुलाई 2025 को दोपहर 02ः00 बजे तक कार्यालय जिला प्रबंधक, सी.एस.एम.सी.एल. जिला एमसीबी में आमंत्रित की जाती है। बंद लिफाफा में निविदाएं निविदाकारों की उपस्थित में 08 जुलाई 2025 को सायं 04:00 बजे समिति द्वारा खोली जायेगी। निविदा की शर्ते/नियम निविदा प्रपत्र तथा मदिरा दुकानों की अवस्थित आदि की विस्तृत जानकारी अवकाश के दिवसों को छोड़कर निविदा प्रस्तुत करने हेतु निर्धारित अंतिम तिथि के एक दिवस पूर्व तक कार्यालीयन सयम पर कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी सह जिला प्रबंधक, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड जिला एमसीबी से रूपये 500/- के बैंक ड्राफ्ट ( जिला प्रबंधक, सी.एस.एम.सी.एल. जिला एमसीबी के पक्ष में) जमा कर प्राप्त की जा सकेगी।

  • एमसीबी : देशी मदिरा दुकान डोमनहिल हेतु बघनच्चा तथा देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान पोड़ीकालरी हेतु नागपुर के लिए जिला स्तर पर लघु निविदा सूचना

    एमसीबी : देशी मदिरा दुकान डोमनहिल हेतु बघनच्चा तथा देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान पोड़ीकालरी हेतु नागपुर के लिए जिला स्तर पर लघु निविदा सूचना

    एमसीबी

     कार्यालय छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की देशी मदिरा दुकान डोमनहिल हेतु बघनच्चा तथा देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान पोड़ीकालरी हेतु नागपुर के लिए भाड़े पर भवन लिये जाने हेतु इच्छुक निविदाकारों से बंद लिफाफा में निविदाएं (तकनीकी बिड/प्राईज बिड पृथक-पृथक) 08 जुलाई 2025 को दोपहर 02: 00 बजे तक कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी, जिला मनेन्द्रगढ-चिरमिरी भरतपुर में आमंत्रित की जाती है। बंद लिफाफा में प्राप्त निविदाएं उपस्थित निविदाकारों के समक्ष 08 जुलाई 2025 को दोपहर 04: 00 बजे समिति द्वारा खोली जावेंगी। निविदा की विस्तृत शर्तें/नियम, निविदा प्रपत्र आदि की विस्तृत जानकारी अवकाश के दिवसों को छोड़कर निविदा प्रस्तुत करने हेतु निर्धारित अंतिम तिथि के एक दिवस पूर्व तक कार्यालयीन समय पर कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी सह जिला प्रबंधक, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर से रूपये 500/-(पांच सौ मात्र) के बैंक ड्राफ्ट (प्रबंधक, सी.एस.एम.सी.एल. जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के नाम से) जमा कर प्राप्त की जा सकेगी।

     

  • रायपुर : अर्थाभावग्रस्त कलाकारों-छात्रों से छात्रवृत्ति प्रोत्साहन के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित

    रायपुर
    संस्कृति विभाग द्वारा राज्य के अर्थाभावग्रस्त होनहार कलाकारों-छात्रों से अर्थाभावग्रस्त होनहार कलाकार छात्रवृत्ति प्रोत्साहन के लिए आवेदन डाक के माध्यम से आमंत्रित की गई है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अगस्त 2025 निर्धारित है।
    गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा प्रदेश के होनहार किन्तु अर्थाभावग्रस्त युवा कलाकारों को उच्च प्रशिक्षण, शिक्षा के लिए ऐसे छात्र-छात्राएं जो संगीत, नृत्य, प्रदर्शनकारी कला विधा में शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्था में अध्ययनरत, गुरूशिष्य परंपरा के तहत पारंपरिक लोक कलाएं सीखने वाले बच्चों तथा बच्चों को संस्कृति विभाग द्वारा महत्वपूर्ण विधा के अनुरूप मासिक छात्रवृत्ति प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से ‘अर्थाभावग्रस्त होनहार’ युवा कलाकारों, छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना स्थापित किया गया है।

    प्रदर्शनकारी कला/विधा एवं उप विधाओं में छत्तीसगढ़ के लोक/पारंपरिक जनजातीय कलाएं (छत्तीसगढ़ की समस्त पारंपरिक जनजातीय और लोक नाट्य, नृत्य, गीत-संगीत, खेल, चंदैनी, भरथरी, गोपी-चंदा, पंडवानी, घोटुलपाटा, धनकुल, जगार तथा छत्तीसगढ़ की अन्य पारंपरिक लोक जनजातीय गाथाएं, वाद्य, पाक कला, सौन्दर्यकला, गायन, वादन आदि), शास्त्रीय संगीत (हिन्दुस्तानी एवं कर्नाटिक गायन-वादन), शास्त्रीय नृत्य तथा नृत्य संगीत (भरत नाट्यम, कत्थक, कुचिपुड़ी, मोहनी अट्टम, ओडिशी, मनिपुरी, कथककली, ओडिशी नृत्य और संगीत), रंग मंच (हिन्दी और छत्तीसगढ़ी नाट्य मंचन, नाचा, भतरा नाट्य तथा अन्य लोक जनजातीय नाट्य विधा सहित), दृश्य कला (ग्राफिक्स, मूर्तिकला, पेंटिंग, फोटोग्राफी, मृदभांड तथा मृणकला, छत्तीसगढ़ के विविध लोक जनजातीय परंपराओं के चित्रांकन की विधा) और सुगम शास्त्रीय संगीत (ठुमरी, दादरा, टप्पा आदि कव्वाली, गजल) शामिल हैं।

    आवेदन के लिए पात्रता एवं सामान्य शर्तें निर्धारित की गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ के वास्तविक निवासी हो, आवेदक की आयु 15 वर्ष से कम तथा 30 वर्ष से अधिक न हो, आवेदक अथवा उनके परिवार की वार्षिक आय 72000 रूपए से अधिक न हो, संस्कृति विभाग के चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य रूप से किया गया हो। इन आवेदकों को विभाग द्वारा निर्धारित वार्षिक प्रोत्साहन राशि न्यूनतम पांच हजार रूपए से अधिकतम दस हजार रूपए होगी। प्रोत्साहन की राशि डिमांड ड्राफ अथवा ई-पेमेंट के माध्यम से देय होगा। प्रोत्साहन योजना से संबंधित जानकारी विभागीय वेबसाईट 
    http://www.cgculture.in/ पर भी देखी जा सकती है।

  • रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रोहतक पहुंचकर स्वर्गीय परमेश्वरी देवी को अर्पित की श्रद्धांजलि

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रोहतक पहुंचकर स्वर्गीय परमेश्वरी देवी को अर्पित की श्रद्धांजलि

    रायपुर 

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज हरियाणा के रोहतक पहुंचे, जहाँ उन्होंने हरियाणा सरकार के पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के निवास सिंधु भवन पहुंचकर शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कैप्टन अभिमन्यु की पूज्य माताजी श्रीमती परमेश्वरी देवी जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने शोकाकुल परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

  • रायपुर : छत्तीसगढ़ के विकास के लिए मध्य क्षेत्रीय परिषद बना सार्थक मंच: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    रायपुर : छत्तीसगढ़ के विकास के लिए मध्य क्षेत्रीय परिषद बना सार्थक मंच: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    रायपुर : छत्तीसगढ़ के विकास के लिए मध्य क्षेत्रीय परिषद बना सार्थक मंच: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह परिषद केन्द्र और राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय का सशक्त मंच बन चुकी 

    छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, सांस्कृतिक पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास में परिषद की भूमिका निर्णायक रही 

    उत्तरप्रदेश के वाराणसी में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक

    रायपुर

    उत्तरप्रदेश के वाराणसी में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह परिषद केन्द्र और राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय का सशक्त मंच बन चुकी है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के विभिन्न क्षेत्रों के विकास को नई दिशा मिली है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में मध्य क्षेत्रीय परिषद ने ठोस योगदान दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य की अर्थव्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, सांस्कृतिक पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास में परिषद की भूमिका निर्णायक रही है।

    नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक बढ़त, बस्तर में विकास का नया युग

    मुख्यमंत्री साय ने नक्सल समस्या पर बोलते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध बड़ी सफलता मिली है। बसवराजू और सुधाकर जैसे शीर्ष नक्सली नेताओं के न्यूट्रलाइज होने को उन्होंने नक्सलवाद की रीढ़ टूटने जैसा करार दिया। उन्होंने बताया कि बस्तर के विकास के लिए बोधघाट-महानदी इंद्रावती लिंक जैसी कई हजार करोड़ की परियोजनाओं पर भी हम काम कर रहे हैं। रावघाट-जगदलपुर रेललाइन परियोजना को मिली मंजूरी भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    विकास और सुशासन की दिशा में ठोस कार्य

    मुख्यमंत्री ने परिषद को अवगत कराया कि पिछली बैठक में दिए गए सुझावों पर तेजी से अमल हुआ है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 28 नई बैंक शाखाएं, डॉयल-112 सेवा का विस्तार, 82 हजार से अधिक बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालना जैसी उपलब्धियाँ राज्य के विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने स्थानीय खेल और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच दिया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 87.2 प्रतिशत नागरिकों को कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, और 1075 में से 1033 शासकीय अस्पताल इससे जोड़े जा चुके हैं।

    ऊर्जा, निवेश और औद्योगिक विकास में राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर छत्तीसगढ़

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद राज्य को अब तक 5.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 3.5 लाख करोड़ पावर सेक्टर से हैं। छत्तीसगढ़ देश में विद्युत उत्पादन में दूसरे स्थान पर है और 2030 तक प्रथम स्थान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 23 घंटे 27 मिनट और शहरी क्षेत्रों में 23 घंटे 51 मिनट की औसत विद्युत आपूर्ति राज्य के ऊर्जा प्रबंधन की दक्षता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 6 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का कार्य प्रगति पर है।

    सुगम सेवाएँ, सशक्त पंचायतें और नई श्वेत क्रांति

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में डेढ़ लाख से अधिक सोलर कृषि पंप किसानों को सिंचाई सुविधा प्रदान कर रहे हैं। एनडीडीबी के साथ हुए एमओयू से राज्य में दुग्ध उत्पादन में नया विस्तार होगा। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र पंचायतों में डिजिटल सुशासन के सेतु बन रहे हैं और लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के प्रभावी क्रियान्वयन से सेवाओं की पारदर्शी और समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित हुई है।

    विकास और सुशासन में छत्तीसगढ़ बना मॉडल राज्य

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के अभियान में पूरी निष्ठा से सहभागी है। मध्य क्षेत्रीय परिषद के माध्यम से संवाद और समन्वय का यह मंच छत्तीसगढ़ को और भी आगे ले जाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।

  • छत्तीसगढ़ सरकार दे रही शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर, सरकारी स्कूलों का किया जाएगा ऑडिट

    छत्तीसगढ़ सरकार दे रही शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर, सरकारी स्कूलों का किया जाएगा ऑडिट

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ सरकार अब सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष जोर दे रही है। इसके तहत एक व्यापक पहल, मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था में बदलाव लाना और उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षा केंद्रों में परिवर्तित करना है। अभियान के तहत सबसे पहले सरकारी स्कूलों का सामाजिक ऑडिट किया जाएगा।

    इस ऑडिट के आधार पर स्कूलों को उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता के अनुसार ग्रेडिंग दी जाएगी। यह ग्रेडिंग प्रणाली स्कूलों के प्रदर्शन का आकलन करने और सुधार के क्षेत्रों करने में मदद करेगी। ग्रेडिंग के नतीजों के आधार पर स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे, ताकि कमजोरियों को दूर किया जा सके और शिक्षा का स्तर उठाया जा सके। कम ग्रेडिंग आने वाले स्कूलों के कमजोर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    निजी शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण

    प्रदेश में शिक्षा गुणवत्ता को सुधार करने के लिए शासकीय शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन इस इसमें बदलाव कर दिया है। अब निजी शिक्षकों को शासकीय शिक्षक की तरह राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा दिया जाएगा। इसके लिए एससीईआरटी ने समिति गठित कर दी है। समिति ही प्रशिक्षण के लिए कार्य योजना बनाएगी। बता दें कि लंबे समय से छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन और एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट प्रोफेशनल प्रशिक्षण की मांग की जा रही है। वहीं प्रदेश में अशासकीय स्कूलों में एक लाख से अधिक शिक्षक हैं। इसी तरह 140 से अधिक अशासकीय शिक्षा महाविद्यालय है।

    मॉडल शालाओं का होगा चयन

    अभियान में मॉडल शालाओं (आदर्श स्कूलों) का चयन किया जाएगा। इन मॉडल स्कूलों में शैक्षणिक पद्धतियों और अच्छी व्यवस्थाओं को कमजोर स्कूलों के शिक्षकों को दिखाया जाएगा। कमजोर स्कूलों के शिक्षकों को इन मॉडल स्कूलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा, ताकि वे वहां की व्यवस्था को सीख सकें और उन्हें अपने स्कूलों में लागू कर सकें। पालक और शिक्षकों की बैठक अनिवार्य शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के साथ नियमित पालक-शिक्षकों की बैठक होगी। यानी अभिभावक और शिक्षक मिलकर छात्रों की प्रगति पर चर्चा कर सकें और उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों को जान सकें।

    स्थानीय जनप्रतिधियों की भी रहेगी भागीदारी

    सरकार की इस पहल में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी रहेगी। यानी उनके सहयोग से शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत, कमजोर शालाओं (स्कूलों) की नियमित निगरानी विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से की जाएगी।

  • जशपुर में पहली बार आयोजित होगा एग्री-हॉटी क्रेता-विक्रेता सम्मेलन 2025

    जशपुर में पहली बार आयोजित होगा एग्री-हॉटी क्रेता-विक्रेता सम्मेलन 2025

    जशपुर में पहली बार आयोजित होगा एग्री-हॉटी क्रेता-विक्रेता सम्मेलन 2025

    जैविक उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय बाजार, कांट्रेक्ट फार्मिंग व फूड प्रोसेसिंग से बढ़ेगा स्वरोजगार

    पहली बार एग्री-हॉटी क्रेता-विक्रेता सम्मेलन 2025 का आयोजन किया जा रहा 

    रायपुर

    “कृषि क्रांति” अभियान के तहत यह दो दिवसीय सम्मेलन 28 और 29 जून को जिला पंचायत परिसर, जशपुर में आयोजित होगा, जिसका उद्देश्य जिले के किसानों को राष्ट्रीय स्तर पर बाजार से जोड़ते हुए उनके उत्पादों को बेहतर दाम दिलाना है। जशपुर जिले में कृषि, उद्यानिकी और रेशम उत्पादन को प्रोत्साहन देने हेतु जिला प्रशासन द्वारा पहली बार एग्री-हॉटी क्रेता-विक्रेता सम्मेलन 2025 का आयोजन किया जा रहा है।

    सम्मेलन के पहले दिन क्रेता-विक्रेता परिचय सत्र, फसल संग्रहण, संरक्षण और प्रसंस्करण संबंधी तकनीकी जानकारियों के साथ ही कृषि, उद्यानिकी, रेशम और वनोपज के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्ता मानकों, नियमों एवं विपणन व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी। साथ ही विविध फसलों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

    दूसरे दिन, 29 जून को देश के विभिन्न राज्यों से आए उद्यमियों द्वारा जिले के खेतों और उत्पादों का प्रत्यक्ष भ्रमण कराया जाएगा, जिससे वे किसानों के उत्पादों को जान सकें और संभावित करार कर सकें। यह किसानों और कंपनियों के बीच एफ.पी.ओ. (किसान उत्पादक संगठन) के माध्यम से सीधा संवाद और विपणन की दिशा में अहम कदम होगा। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा।

    जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि इस सम्मेलन में कृषि, उद्यानिकी, वनोपज और रेशम क्षेत्र से जुड़े राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतिष्ठानों, निर्यातकों, विशेषज्ञों और लघु वनोपज संघ के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। जशपुर जैविक खेती, रेशम पालन और वन औषधियों के लिए पहले से ही प्रसिद्ध है, ऐसे में इस आयोजन के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को देश के बड़े बाजारों से जोड़ा जा सकेगा।

    सम्मेलन में नाशपाती और आम उत्पादक कृषकों के मध्य फसल प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे गुणवत्ता पूर्ण उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, कांट्रेक्ट फार्मिंग और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भी किसानों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है।

  • छत्तीसगढ़ में शुरू हो गई मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना, बस ऑपरेटरों को सब्सिडी भी मिलेगी

    छत्तीसगढ़ में शुरू हो गई मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना, बस ऑपरेटरों को सब्सिडी भी मिलेगी

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ के कम यात्री परिवहन सुविधा वाले दूरस्थ अंचल के लोगों को सस्ता और सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना में शामिल बस ऑपरेटरों को सब्सिडी भी मिलेगी। परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पहले चरण में ग्रामीण सड़कों पर 100 बस दौड़ेंगी।

    इस योजना को सफल बनाने और बस ऑपरेटरों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार प्रति किलोमीटर 26 रुपये की सब्सिडी देगी। पहले साल 26 रुपये, दूसरे साल 24 रुपये और तीसरे साल 22 रुपये प्रतिकिलोमीटर की मदद दी जाएगी। 18 से 42 सीटर हल्के और मध्यम वाहनों को लाइसेंस जारी किया जाएगा। बस चलाने का काम स्थानीय लोगों को दिया जाएगा। इसमें एससी, एसटी और ओबीसी, महिलाओं और नक्सल प्रभावितों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना शुरू करने के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। इस योजना के तहत वाहन मालिकों को ग्रामीण सड़कों पर वाहन चलाने के लिए प्रथम परमिट तीन साल अधिकतम अवधि के लिए मासिक टैक्स में पूरी तरह छूट दी जाएगी।

    माओवाद हिंसा प्रभावितों को लगेगा आधा किराया

    दृष्टिहीन, बौद्धिक दिव्यांग, दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांग, 80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों, एड्स पीड़ितों को एक परिचारक के साथ किराया में पूरी छूट रहेगी, जबकि माओवाद हिंसा प्रभावित व्यक्तियों को आधा किराया लगेगा।

    कुछ दिन पहले हुई थी फैसले को लेकर मीटिंग

    पिछले दिनों राज्य स्तरीय समिति की बैठक परिवहन सचिव एवं आयुक्त एस. प्रकाश की अध्यक्षता में हुई। इसमें प्रदेश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा के बाद बस्तर में 55 तो सरगुजा में बस चलाने के लिए 16 नए मार्गों के प्रस्ताव आए। पहले चरण में बस्तर एवं सरगुजा संभाग के दूरदराज के इलाकों के गांव जहां पर सड़क हैं परंतु यात्री वाहन संचालित नहीं हैं, ऐसे मार्गों पर यात्री वाहन का संचालन करने का फैसला लिया गया है।

    गांवों की नई लाइफलाइन

    पहले चरण में 100 बसें बस्तर और सरगुजा संभाग के 71 नए ग्रामीण मार्गों पर दौड़ेंगी। बस्तर के 55 और सरगुजा के 16 मार्गों को चुना गया है, जो दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों से लेकर जशपुर, बलरामपुर तक फैले हैं। ये बसें न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएंगी, बल्कि ग्रामीणों को शहरों से जोड़कर उनकी आर्थिक और सामाजिक जिंदगी को नई दिशा देंगी।

    किराए में छूट, मुफ्त यात्रा का तोहफा

    योजना का सबसे बड़ा फायदा है किराए में राहत। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के यात्रियों को आधा किराया देना होगा। दृष्टिहीन, बौद्धिक दिव्यांग, 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग और एड्स पीड़ितों के लिए यात्रा पूरी तरह मुफ्त होगी। यह कदम ग्रामीणों, खासकर कमजोर वर्गों के लिए वरदान साबित होगा।

    बस संचालकों को प्रोत्साहन

    बस चलाने वालों को प्रति किलोमीटर 26 रुपये की सब्सिडी और पहले तीन साल तक मासिक टैक्स में छूट दी जाएगी। 25 करोड़ रुपये के बजट से शुरू इस योजना में पहले साल 26 रुपये, दूसरे साल 24 रुपये और तीसरे साल 22 रुपये प्रति किलोमीटर की सब्सिडी मिलेगी। इससे बस सेवा लंबे समय तक चलती रहेगी और आत्मनिर्भर बनेगी। टेंडर प्रक्रिया में स्थानीय एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाओं और नक्सल प्रभावित लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।

    ग्रामीणों के लिए क्या मायने?

    यह योजना सिर्फ बस सेवा नहीं, बल्कि ग्रामीणों के सपनों को पंख देने का जरिया है। अब गाँव की गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचना आसान होगा, बच्चे बिना रुकावट पढ़ाई कर सकेंगे, और किसान अपनी मेहनत का सही दाम पा सकेंगे। छत्तीसगढ़ के गांव अब सिर्फ नक्शे पर नहीं, बल्कि विकास की मुख्यधारा में शामिल होंगे। यह बस सेवा ग्रामीणों की सुविधा, सम्मान और समृद्धि का नया रास्ता खोलेगी।

  • CG Crime- सूटकेस कांड के बाद फिर सनसनी: चलती कार से फेंकी गई युवक की लाश, युवती समेत 3 संदिग्ध हिरासत में…

    CG Crime- सूटकेस कांड के बाद फिर सनसनी: चलती कार से फेंकी गई युवक की लाश, युवती समेत 3 संदिग्ध हिरासत में…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपराध की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सूटकेस में मिले किशोर पैकरा हत्याकांड का रहस्य पूरी तरह सुलझा भी नहीं था कि शहर में एक और सनसनीखेज वारदात ने हलचल मचा दी है। इस बार मामला कबीर नगर थाना क्षेत्र का है, जहां चलती कार से एक युवक की लाश फेंक दी गई। मृतक की पहचान मंदीप सिंह के रूप में हुई है, जिसकी कलाई पर खुद का नाम “Mandeep.S” गुदा हुआ मिला। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और एक युवती समेत तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

    चलती कार से फेंकी गई लाश

    घटना मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे की है। बाल्मीकि नगर, कबीर नगर रोड के पास एक सफेद क्रेटा कार (CG 04 PY 1388) से अचानक एक युवक की लाश बाहर फेंकी गई। राहगीरों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत शव को एम्स (AIIMS) रायपुर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    CCTV से मिली जानकारी, तीनों नशे की हालत में मिले

    घटना के बाद पुलिस ने इलाके की CCTV फुटेज खंगाली, जिसमें कार की पहचान की गई। इसके आधार पर पुलिस ने कार मालिक सहित एक युवती और एक अन्य युवक को हिरासत में ले लिया। प्राथमिक पूछताछ में मृतक के साथ साधना अग्रवाल उर्फ भूरी (19 वर्ष), कबीर नगर, संतोष मिश्रा (44 वर्ष), हीरापुर और एक अन्य युवक (नाम उजागर नहीं) कार में मौजूद थे और सभी नशे की हालत में पाए गए हैं। पुलिस ने सभी के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इन्होंने किस प्रकार का नशा किया था। घटना की सूचना मिलते ही कबीर नगर थाना प्रभारी, फोरेंसिक टीम और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।

    ओवरडोज से मौत की आशंका, लाश को फेंककर भागे

    प्रारंभिक पूछताछ में संदिग्धों ने पुलिस को बताया कि मृतक ड्रग्स नशा करता था, जो भूरी उर्फ साधना एवं संतोष के साथ नशा कर रहा था। बताया जा रहा है कि इंजेक्शन के माध्यम से मृतक मंदीप नस (veins) में नशीला पदार्थ को इंजेक्ट कर रहा था। तभी उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। जिसके बाद घबराकर आरोपियों ने उसे चलती कार से बाहर धकेल दिया और मौके से फरार हो गए।

    फिलहाल मृतक का शव AIIMS रायपुर में रखा गया है और कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया गया है । मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और ब्लड रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

  • CG News : तालाब में डूबने से दो चचेरे भाइयों की दर्दनाक मौत, गांव में छाया मातम…

    CG News : तालाब में डूबने से दो चचेरे भाइयों की दर्दनाक मौत, गांव में छाया मातम…

    महासमुंद. तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत से गांव में मातम पसर गया है. दोनों मृत बच्चे चचेरे भाई थे. इस घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है. यह घटना खल्लारी थाना क्षेत्र के सोरम सिंघी की है.

    जानकारी के मुताबिक 7 वर्षीय दुष्यंत निषाद और 8 वर्षीय द्रोण निषाद स्कूल से आने के बाद 8-10 बच्चों के साथ तालाब में नहाने गए थे, तभी ये हादसा हुआ. दुष्यंत और द्रोण को डूबता देख अन्य बच्चों ने आवाज लगाई, जिसे सुनकर ग्रामीण वहां पहुंचे, तब तक दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी.