Category: छत्तीसगढ़

  • CM विष्णुदेव साय की पहल पर शुरू होगा पालक-शिक्षक संवाद अभियान

    CM विष्णुदेव साय की पहल पर शुरू होगा पालक-शिक्षक संवाद अभियान

    रायपुर। सीएम विष्णु देव साय की पहल पर राज्य के सभी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र के दौरान वर्ष में तीन बार पालक-शिक्षक बैठकों का आयोजन किया जाएगा। पहली बैठक अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में आयोजित की जाएगी, जबकि द्वितीय एवं तृतीय बैठकें तिमाही और अर्धवार्षिक परीक्षाओं के 10 दिवस के भीतर संपन्न होंगी। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने सभी कलेक्टरों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि प्रत्येक जिले में इन बैठकों के आयोजन हेतु कार्ययोजना तैयार की जाए और सुनिश्चित किया जाए कि सभी विद्यालयों में यह प्रक्रिया प्रभावी रूप से लागू हो।

    पालक-शिक्षक बैठकें न केवल शैक्षणिक संवाद का मंच होंगी, बल्कि वे बच्चों की संपूर्ण प्रगति पर सामूहिक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर भी देंगी। इन बैठकों के माध्यम से पालकों को यह समझाने का प्रयास किया जाएगा कि घर में बच्चों की पढ़ाई के लिए कैसा वातावरण होना चाहिए, उनकी दिनचर्या कैसी हो, परीक्षा के तनाव से कैसे निपटना है, और संवाद की आदत कैसे विकसित करनी है। साथ ही, ‘बस्ता रहित शनिवार’ जैसी पहल पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा जिससे बच्चे मानसिक रूप से हल्का महसूस करें और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लें।

    बैठकों के दौरान पालकों को बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के उपायों पर भी जानकारी दी जाएगी। विशेष रूप से उन्हें यह समझाया जाएगा कि बच्चों को खुलकर बोलने के लिए अवसर प्रदान करना, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण में भागीदारी सुनिश्चित करना, और जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने हेतु आयोजित शिविरों में बच्चों को शामिल करना कितनी महत्वपूर्ण पहल है। इसके अतिरिक्त ‘न्योता भोजन’ जैसी सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए भी पालकों को प्रेरित किया जाएगा। इस पहल में डिजिटल शिक्षा को भी विशेष स्थान दिया गया है। बैठक के दौरान पालकों को दीक्षा ऐप, ई-जादुई पिटारा, डिजिटल लाइब्रेरी जैसे संसाधनों के बारे में बताया जाएगा, ताकि वे घर पर भी अपने बच्चों को तकनीक आधारित शिक्षण सामग्री से जोड़ सकें। इससे न केवल बच्चों की पढ़ाई में रोचकता बढ़ेगी, बल्कि पालक स्वयं भी शिक्षा के सक्रिय सहभागी बन सकेंगे।

    स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगस्त के प्रथम सप्ताह में आयोजित होने वाली पहली पालक-शिक्षक बैठक को प्रत्येक स्कूल में भव्य, सुव्यवस्थित और संवाद-प्रधान रूप से संपन्न किया जाएगा। तदनुसार, तिमाही एवं अर्धवार्षिक परीक्षाओं के बाद होने वाली द्वितीय और तृतीय बैठकें भी सुनियोजित ढंग से कराई जाएंगी। इन बैठकों में बच्चों की अकादमिक प्रगति, पाठ्येतर गतिविधियों, स्वास्थ्य, और सामाजिक व्यवहार के संबंध में पालकों को अवगत कराते हुए, उनके व्यक्तित्व विकास पर चर्चा की जाएगी—ताकि स्कूल और परिवार मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कार्य कर सकें।

  • शुभांशु का शुभागमन, सीएम साय ने अनोखे अंदाज में दी बधाई

    शुभांशु का शुभागमन, सीएम साय ने अनोखे अंदाज में दी बधाई

    रायपुर। शुभांशु का शुभागमन हो गया है, सीएम साय ने अनोखे अंदाज में बधाई दी और कहा, Axiom-4 मिशन की ऐतिहासिक सफलता और सुरक्षित वापसी पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला जी व उनके साथी अंतरिक्ष यात्रियों को हार्दिक बधाई।

    अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने वाले भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री के रूप में शुभांशु शुक्ला की यह उपलब्धि, गगनयान मिशन की ओर बढ़ते भारत के आत्मनिर्भर और वैज्ञानिक कदमों का प्रतीक है। शुभांशु की यह उपलब्धि देश के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा है और उनके सपनों को एक नई उड़ान देने वाली है। पुनः समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला जी का हार्दिक अभिनंदन।

  • राजनांदगांव के नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने की मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट:प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए जताया आभार

    राजनांदगांव के नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने की मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट:प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए जताया आभार

    रायपुर, 15 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में राजनांदगांव जिले के नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ निरंतर जनहित में कार्य कर रही है। प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए सभी प्रक्रियाओं को चरणबद्ध रूप से ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को सुगम, सरल और सुलभ सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 24 अप्रैल को ‘राष्ट्रीय पंचायत दिवस’ के अवसर पर प्रदेश की चयनित ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की शुरुआत की गई है। इन केंद्रों के माध्यम से अब ग्राम पंचायत स्तर पर ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल ग्रामीणों को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में प्रदेश की अन्य पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा।

    राजनांदगांव से आए नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने जिले में प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर, एवं अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया।

    इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिले में बीते डेढ़ वर्षों के भीतर पेयजल विस्तार, सड़क निर्माण, और अन्य अधोसंरचनात्मक कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विभिन्न निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनका प्रत्यक्ष लाभ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को मिल रहा है। यह जनकल्याण और विकास की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार संतुलित, समावेशी और सतत विकास के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ को सतत विकास की ओर अग्रसर करने के लिए कटिबद्ध है।

    इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री प्रदीप गांधी, श्री कोमल राजपूत, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारीगण और राजनांदगांव जिले के गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे।

  • “स्कूटी दीदी” बनीं आत्मनिर्भर भारत की प्रतीक – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सराहा एनु का जज़्बा

    “स्कूटी दीदी” बनीं आत्मनिर्भर भारत की प्रतीक – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सराहा एनु का जज़्बा

    भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने की सराहना

    रायपुर 15 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के एक छोटे से गांव उमरदा की निवासी एनु आज पूरे देश में “स्कूटी दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एनु की जीवटता, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उनके योगदान की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि एनु जैसी बेटियाँ ही आत्मनिर्भर भारत की असली पहचान हैं। उनके साहस, समर्पण और संकल्प से छत्तीसगढ़ के गांवों की तस्वीर बदल रही है।

    एनु की प्रेरक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज़्बा हो, तो संसाधनों की कमी, सामाजिक दबाव और परंपरागत सोच भी राह नहीं रोक सकती। एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मीं एनु ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी पढ़ाई जारी रखी और अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया, एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, और समय पर ऋण को चुका कर आर्थिक अनुशासन की मिसाल पेश की।

    एनु को समझ थी कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए गतिशीलता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ‘प्रथम संस्था’ से स्कूटी चलाना सीखा और शुरुआत में समाज के तानों और व्यंग्य के बावजूद अपना आत्मविश्वास बनाए रखा और हार नहीं मानी। जब वे गांव-गांव स्कूटी से महिलाओं से जुड़ने लगीं, तभी उन्हें “स्कूटी दीदी” के नाम से पहचाना जाने लगा।

    वर्ष 2023 में एनु ने “महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र” की स्थापना की। शुरुआत में केवल 2-3 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया, लेकिन धीरे-धीरे यह पहल ग्रामीण समाज में एक क्रांति बन गई। अब तक वे 30 से अधिक महिलाओं को स्कूटी चलाना सिखा चुकी हैं, जो अब स्वयं आंगनबाड़ी, स्कूल, बैंक और स्वास्थ्य केंद्र जैसे स्थानों तक स्वतंत्र रूप से पहुँचना शुरू कर चुकी हैं।

    एनु की इस पहल से न केवल महिलाओं की दैनिक गतिशीलता आसान हुई है, बल्कि पूरे सामाजिक दृष्टिकोण में भी परिवर्तन आया है। अब गांवों में माता-पिता स्वयं अपनी बेटियों और बहुओं को एनु के पास प्रशिक्षण हेतु भेज रहे हैं। उनका सपना है कि वे 1000 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं और शीघ्र ही चारपहिया वाहन प्रशिक्षण केंद्र शुरू करें।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि एनु जैसे लोग छत्तीसगढ़ की नई पहचान हैं। राज्य सरकार ‘बिहान’ जैसी योजनाओं के माध्यम से ऐसे नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो जमीनी स्तर पर परिवर्तन ला रहे हैं।

    एनु का योगदान केवल ड्राइविंग प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई, एलईडी असेंबली, मनरेगा कार्यों, और घरेलू प्रबंधन में भी महिलाओं को दक्ष बनाया है। उनके प्रयासों को देखते हुए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति शर्मा और धमतरी के कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने स्वयं उमरदा गांव जाकर एनु से मुलाकात की और उनके कार्यों की सराहना की।

    ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने भी एनु की कहानी को फेसबुक पोस्ट के माध्यम से साझा करते हुए कहा कि जीवन में संसाधनों की कमी थी, लेकिन एनु के हौसले को कोई डिगा नहीं सका।उन्होंने एम.ए. की पढ़ाई पूरी कर ‘बिहान’ और ‘प्रथम संस्था’ से प्रशिक्षण प्राप्त कर न केवल आत्मनिर्भरता पाई, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनीं।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की बेटियाँ केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवर्तन की वाहक बन रही हैं। राज्य सरकार हर ऐसी पहल का स्वागत करेगी जो महिला सशक्तिकरण को गति देगी।

  • घर की बाड़ी में महुआ शराब बनाने वाली महिला गिरफ्तार

    घर की बाड़ी में महुआ शराब बनाने वाली महिला गिरफ्तार

    धमतरी। महिला महुआ शराब के साथ गिरफ्तार हुई है, मगरलोड पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम जामली निवासी एक महिला द्वारा अवैध रूप से कच्ची शराब संग्रह कर बिक्री हेतु रखी गई है। सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए मगरलोड पुलिस टीम द्वारा बताए गए स्थान पर दबिश दी गई।

    जांच में आरोपिया जागृती मसीह पति अरुण कुमार, उम्र 35 वर्ष, निवासी जामली, थाना मगरलोड के घर की बाड़ी में बिना किसी वैध दस्तावेज के रखी गई 35 लीटर कच्ची महुआ शराब, जिसकी अनुमानित कीमत 5,250/- रूपये है, बरामद की गई। उक्त आरोपिया के विरुद्ध थाना मगरलोड में धारा 34(2) छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज कर आरोपिया को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। उक्त कार्यवाही में थाना मगरलोड से प्रआर.दीनू मारकंडे,आर.प्रफुल्ल रात्रे,कुनाल साहू,म.आर. त्रिवेणी ध्रुव,सैनिक खोमन गायकवाड़,धरम निषाद का विशेष योगदान रहा।

    आरोपी का नाम

    जागृती मसीह पति अरुण कुमार, उम्र 35 वर्ष, निवासी जामली, थाना मगरलोड,जिला-धमतरी (छ.ग.)

  • छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस से पहले रायपुर को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा दिया जाये, केन्द्र से बृजमोहन ने की मांग

    छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस से पहले रायपुर को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा दिया जाये, केन्द्र से बृजमोहन ने की मांग

    रायपुर। नई दिल्ली, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल रायपुर को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में अपने दिल्ली प्रवास के दौरान मंगलवार को सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय नागर

    विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के स्थापना के रजत जयंती 1 नवंबर से पहले रायपुर को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा दिए जाने का प्रस्ताव रखा। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मंत्री से छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस से पहले रायपुर को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा दिलाने को कहा। इसके अलावा बृजमोहन अग्रवाल ने भिलाई के नंदनी एयरपोर्ट में फ्लाइंग स्कूल खोलने का और रायपुर एयरपोर्ट की कैपेसिटी बढ़ाते हुए यहां नया टर्मिनल बनाने का भी अनुरोध किया।

    बृजमोहन अग्रवाल ने मंत्री नायडू से रायपुर से बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर हवाई मार्ग में कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी बात की। साथ ही रायपुर में अंतरराष्ट्रीय कार्गो को शुरू करने का भी आग्रह किया। सांसद बृजमोहन अग्रवाल के अनुसार रायपुर को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा मिलने से रायपुर के आर्थिक विकास को और नए पँख लगेंगे। कनेक्टिविटी में बेहतर सुधार होगा। मंत्री नायडू ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल को प्रस्ताव पर जल्द से जल्द कदम उठाने का आश्वासन दिया है। मुलाकात के दौरान रायपुर एयरपोर्ट कमेटी के मेंबर और एविएशन गुरू डॉक्टर सुमीत सुशीलन भी उपस्थित रहे।

  • छत्तीसगढ़ में पारदर्शी, वैज्ञानिक और जनहितैषी खनिज नीति के तहत रेत खनन व्यवस्था को मिल रहा नया स्वरूप

    छत्तीसगढ़ में पारदर्शी, वैज्ञानिक और जनहितैषी खनिज नीति के तहत रेत खनन व्यवस्था को मिल रहा नया स्वरूप

    रायपुर, 15 जुलाई 2025/ राज्य में रेत खनन नीति को अधिक पारदर्शी, संगठित, पर्यावरण-संवेदनशील और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से व्यापक कदम उठाए गए हैं। पूर्ववर्ती सरकार के शासन काल के दौरान राज्य में संचालित रेत खदानों की संख्या 300 से घटकर लगभग 100-150 रह गई थी, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुए और अवैध खनन को बढ़ावा मिला। वर्तमान सरकार द्वारा खनिज नीति में सुधार कर रेत खनन की व्यवस्था को संगठित, नियंत्रित और जनहितकारी बनाया गया है।

    पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया में तीव्रता

    राज्य में पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया को गति देने के लिए भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त कर तीन राज्य स्तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण समितियों का गठन किया गया है। पूर्व में केवल एक समिति कार्यरत थी। इस निर्णय से लंबित प्रकरणों के शीघ्र निपटारे की प्रक्रिया सुगम हुई है।

    वैध खदानों की संख्या में वृद्धि

    वर्तमान में 119 रेत खदानें पर्यावरणीय स्वीकृति के साथ विधिवत संचालित हैं, जबकि 94 अन्य खदानों की मंजूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। साथ ही, आगामी 1 से 1.5 वर्षों में 300 से अधिक नई खदानों को स्वीकृति दिए जाने की योजना है, जिससे रेत की आपूर्ति सुलभ बनी रहेगी और निर्माण कार्यों को गति मिलेगी।

    IIT रुड़की की रिपोर्ट: वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खनन

    प्रमुख नदियों पर खनन के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर IIT रुड़की से कराए गए अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है कि विधिवत और नियंत्रित रेत खनन से नदियों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। यह रिपोर्ट राज्य की वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित खनिज नीति को समर्थन प्रदान करती है।

    अवैध खनन पर सख्त कार्यवाही

    वर्ष 2024-25 से जून 2025 तक 6,331 अवैध खनन प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से ₹18.02 करोड़ की वसूली, 184 मशीनों की जब्ती, 56 एफआईआर तथा 57 न्यायालयीन परिवाद दायर किए गए। जिला एवं राज्य स्तरीय टास्क फोर्सों द्वारा लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है, जिसमें खनिज, राजस्व, पुलिस, परिवहन और पर्यावरण विभाग के अधिकारी सम्मिलित हैं।

    विवादों पर त्वरित कार्यवाही

    राजनांदगांव और बलरामपुर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में रेत से संबंधित विवादों एवं घटनाओं पर त्वरित कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाही की गई है। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी में राहत

    15 मार्च 2024 को लिए गए निर्णय के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को रेत पर रॉयल्टी से छूट प्रदान की गई है। इस निर्णय से गरीबों और जरूरतमंदों को प्रत्यक्ष राहत मिली है।

    भविष्य की नीति: पारदर्शिता और संतुलन

    छत्तीसगढ़ शासन की नीति स्पष्ट है — खनिज संसाधनों के दोहन को जनहित, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संतुलन के सिद्धांतों पर आधारित करना। संगठित, वैज्ञानिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से तैयार की गई यह नई रेत खनन नीति राज्य के समग्र विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए सशक्त आधार बनेगी।

  • 90 प्रतिशत से अधिक किसानों ने संतुलित उर्वरक का उठाव कर लाभ प्राप्त किया

    90 प्रतिशत से अधिक किसानों ने संतुलित उर्वरक का उठाव कर लाभ प्राप्त किया

    Bemetra. बेमेतरा। बेमेतरा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत सेवा सहकारी समिति नवागढ़ ने खरीफ सीजन 2025 में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस सीजन में समिति से जुड़े कुल 1905 केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) धारक कृषकों में से 1720 कृषक बंधुओं ने संतुलित उर्वरकों का उठाव कर लाभ प्राप्त किया है, जो कुल कृषकों का 90 प्रतिशत से भी अधिक है। कलेक्टर रणबीर शर्मा एवं कृषि विभाग के मार्गदर्शन और समिति की सतत प्रेरणा के फलस्वरूप किसानों ने यूरिया, डीएपी, एसएसपी, पोटाश और एनपीके जैसे संतुलित उर्वरकों का समुचित उपयोग किया। इस दौरान किसानों द्वारा कुल 795.38 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया गया, जिसके अंतर्गत यूरिया 366.38 मीट्रिक टन, डीएपी 65 मीट्रिक टन, एसएसपी 100 मीट्रिक टन, पोटाश 76 मीट्रिक टन, एनपीके 188 मीट्रिक टन शामिल हैं।

    सिर्फ उर्वरक ही नहीं, बल्कि किसानों ने उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीजों का भी उठाव किया, जिनमें धान स्वर्णा के 210 क्विंटल एवं महामाया प्रजाति के 150 क्विंटल बीज शामिल हैं। इससे कृषक अपने खेतों में गुणवत्तापूर्ण और लाभकारी खेती कर पा रहे हैं। यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ भी क्षेत्रीय किसानों को मिला है। शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर खाद, बीज और नगद ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसी क्रम में सेवा सहकारी समिति नवागढ़ के माध्यम से अब तक 4.5 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों को वितरित की जा चुकी है, जिससे खेती-किसानी का कार्य निर्बाध रूप से चल रहा है। सेवा सहकारी समिति नवागढ़ में कार्यरत कर्मचारी मनोज पुरबिया ने जानकारी दी कि कृषि विभाग के निर्देशन में किसानों को संतुलित उर्वरक के उपयोग हेतु लगातार जागरूक किया गया। डीएपी की उपलब्धता सीमित होने पर उसके विकल्प के रूप में एसएसपी, यूरिया, पोटाश एवं एनपीके का महत्व बताया गया। इसका सकारात्मक असर देखने को मिला और कृषकों ने विकल्पों का प्रभावी उपयोग करते हुए लक्ष्य का 90 प्रतिशत से अधिक उठाव कर लिया। इस प्रयास से जहां किसानों की लागत में कमी आई है, वहीं उपज की गुणवत्ता और मात्रा में भी सुधार हुआ है। नवागढ़ की सेवा सहकारी समिति प्रदेश में एक सफल उदाहरण बनकर उभरी है, जहाँ कृषि विभाग, सहकारी समिति और किसानों के सामूहिक प्रयासों से खरीफ सीजन 2025 में कृषि उन्नति की नई कहानी लिखी जा रही है।

  • हॉस्पिटल, शिविर और घर घर में किया जा रहा बीपी, शुगर और कैंसर जांच

    हॉस्पिटल, शिविर और घर घर में किया जा रहा बीपी, शुगर और कैंसर जांच

    Sarangarh Bilaigarh. सारंगढ़ बिलाईगढ़। कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे के निर्देश पर डॉ एफ आर निराला के देखरेख में नेशनल हेल्थ मिशन अंतर्गत जिले के सभी हॉस्पिटल, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, शिविर और घर घर जाकर गैर संचारी रोगों का स्क्रीनिंग किया जा रहा है। वर्ष 2025 के लिए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास जारी है। जिले में 2 लाख 71 हजार 695 लोगों की जिनकी उम्र 30 वर्ष से ऊपर हो चुके है, मधुमेह की जांच करनी थी। इसके विरुद्ध जून 2025 तक 161548 यानी 59% की जांच 3 माह में हो चुकी है।

    इतने की जांच में 13 हजार 553 व्यक्ति मधुमेह से ग्रसित पाए गए हैं। इनकी लाइन लिस्टिंग करके उपचार दी जा रही है इनमें से 4353 की फॉलोअप भी की गई है, जबकि 3650 लोगों की मधुमेह कंट्रोल में है। ऐसे ही 2 लाख 71 हजार 695 लोगों की उच्चारक्त चाप याने ब्लड प्रेशर की जांच करने की लक्ष्य में से 1 लाख 58 हजार 493 लोगों की ब्लड प्रेशर की जांच की गई। इसमें 22011 लोगों का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ पाया गया, जिसे उपचार में रखा गया। साथ ही साथ इनका समय समय पर फॉलोअप भी किया गया। फॉलोअप किए ब्लड प्रेशर के मरीज 7467 है। 7766 लोगों की ब्लड प्रेशर कंट्रोल में चल रहा है। सभी को नियमित रूप से आयुष्मान आरोग्य मंदिर हॉस्पिटल से दवाइयां प्रदाय की जाती है।

    मधुमेह और रक्तचाप दोनों बीमारी की रोकथाम के लिए दवाई के अलावा खानपान में और जीवन शैली में भी बदलाव करने होते हैं। ये मरीज अकेले दवाई दे देने से ही ठीक नहीं होते बल्कि इनकी उत्तम जीवन शैली को अपनाने से ही ये दोनों बीमारी कंट्रोल में आते हैं। शरीर में जब शक्कर (ग्लूकोस) की मात्रा बढ़ जाती है। शक्कर को पचाने के लिए इंसुलिन की जरूरत पड़ती है। जब शरीर के पैंक्रियाज से इंसुलिन नहीं बनती तब शक्कर की पाचन नहीं होती परिणाम खून में शक्कर की मात्रा बढ़ जाती है। ऐसे व्यक्ति को शक्कर की कम मात्रा लेनी होती है तथा शरीर की गतिविधि को बढ़ानी होती है जिसमे पैदल चलना, साइकिल चलाना, पानी में तैरना, डांस में से कोई भी कार्य करना जरूरी होता है तब जाकर शक्कर की खपत खून से होती है। खून में शक्कर की खपत बढ़ाने के लिए ही दवाइयां दी जाती है।

    ब्लड प्रेशर बढ़ने से कुछ विशेष परहेज की जाती है जिसमें भरपूर नीद लेना, चिंता को त्यागना, नमक की सेवन कम करना, तंबाखू, गुड़ाखू, बीड़ी, सिगरेट या नशा करने की आदत हो तो उसे छोड़ना, त्याग देने से ही ब्लड प्रेशर सामान्य होगी। जरूरत के हिसाब से दवाइयां दी जाती है लेकिन जीवन शैली में बदलाव नहीं करने से अकेले दवाइयों से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में नहीं आती। 30 वर्ष के कम उम्र के भी लोगों को हार्ट अटैक हो रही है। हृदय में नए नए स्ट्रोक भी हो रही है। गैर संचारी रोगों की श्रेणी में तीसरा बड़ा रोग कैंसर है, जिसमें ओरल (मुंह) स्तन और सर्वाइकल कैंसर मुख्य है। इसकी भी स्क्रीनिंग नियमित रूप से की जा रही है। समुदाय में जिले अंतर्गत 30 प्लस 8 % लोगो को मधुमेह और 14 % लोग उच्चारक्त चाप से पीड़ित पाए गए। सीएमएचओ डॉ निराला ने सभी मरीजों से आग्रह किया है कि मधुमेह और ब्लड प्रेशर की शिकायत हो तो परहेज के साथ दवाइयां ले तथा योगा, कसरत भी करे। याद रहे आज की जीवन शैली में सर्वाधिक मौत के लिए यही मधुमेह और ब्लड प्रेशर ही है। आज गैर संचारी रोगों के कारण ही मौतें ज्यादा हो रही है अतः हमे अपने जीवन शैली में बदलाव जरूर करनी चाहिए। सभी नागरिक इन बीमारियों की जांच कराए और स्वच्छ जीवन शैली अपनाए है।

     

  • राज्यपाल डेका से छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष ने की सौजन्य भेंट

    राज्यपाल डेका से छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष ने की सौजन्य भेंट

    रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने रायपुर जिले के ग्राम कुंवरगढ़ में बुनकरों द्वारा किए जा रहे कार्यो की जानकारी दी और उन कार्यो का अवलोेकन करने का अनुरोध राज्यपाल से किया।