Category: छत्तीसगढ़

  • प्रदेश में अब तक लगभग 93.44 लाख मीट्रिक टन धान की हो चुकी है खरीदी

    प्रदेश में अब तक लगभग 93.44 लाख मीट्रिक टन धान की हो चुकी है खरीदी

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है. वहीं धान खरीदी व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है. राज्य में 14 नवम्बर 2024 से शुरू हुआ धान खरीदी का सिलसिला 31 जनवरी तक चलेगा.

    प्रदेश में अब तक लगभग 93.44 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है, जिसके एवज में 18.69 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 21 हजार 040 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है. धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी तक चलेगी.

    प्रदेश के समस्त पंजीकृत कृषकों को खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान विक्रय हेतु टोकन की सुविधा ऑनलाइन एप ‘टोकन तुंहर हाथ’ एवं उपार्जन केन्द्रों में 25 जनवरी 2025 तक के लिए उपलब्ध कराया गया है. किसान सुविधा अनुसार तिथी का चयन कर नियमानुसार धान विक्रय कर सकते है.

    धान खरीदी के साथ-साथ मिलर्स द्वारा धान का उठाव भी तेजी से हो रहा है. धान उठाव के लिए लगभग 62.72 लाख मीट्रिक टन धान के लिए डीओ और टीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध अब तक 36.38 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है.

    खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.78 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है. इसमें 1.59 लाख नए किसान शामिल है. इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है.

    खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 2 जनवरी 2025 को 62494 किसानों से 2.90 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है. इसके लिए 81 हजार 926 टोकन जारी किए गए थे. आगामी दिवस के लिए 83 हजार 303 टोकन जारी किए गए हैं.

  • छत्तीसगढ़ में दबंगों के हौसले बुलंद विधायक प्रतिनिधि को पीटा

    छत्तीसगढ़ में दबंगों के हौसले बुलंद विधायक प्रतिनिधि को पीटा

    कोरबा

    छत्तीसगढ़ में दबंगों के हौसले इतने बुलंद है कि उन्होंने विधायक प्रतिनिधि को भी नहीं छोड़ा. ताजा मामला कोरबा के दादर गांव से सामने आया है. दबंगों ने बीजेपी विधायक और मंत्री लखनलाल के प्रतिनिधि राजेंद्र पटेल के साथ मारपीट की है. मामला मानिकपुर पुलिस चौकी का है.

    बताया जा रहा है कि जमीन विवाद को लेकर हंगामा शुरू हुआ था. इसी बीच दबंग ने मंत्री लखनलाल देवांगन के विधायक प्रतिनिधि राजेंद्र पटेल को सरेआम तमाचा जड़ दिया. इस पूरे घटना का वीडियो भी सामने आया है.

    जानकारी के अनुसार, मानिकपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के दादर गांव में दबंगों ने सरेआम विधायक प्रतिनिधि राजेंद्र पटेल से साथ मारपीट की. एक दबंग ने गाली-गलौच करते हुए राजेंद्र को झन्नाटेदार थप्पड़ मार दिया. वहीं  एक महिला ने लकड़ी से राजेंद्र को मारा. घटना के बाद पीड़ित विधायक प्रतिनिधि ने मानिकपुर चौकी पुलिस से शिकायत कर कार्रक मांग की है. मंत्री लखनलाल देवांगन से भी मामले की शिकायत की गई है.

  • 36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ, पुलिस ने निकाली जागरूकता रैली

    36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ, पुलिस ने निकाली जागरूकता रैली

    गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही

    जिले में नए साल के साथ 36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ हुआ. पुलिस ने इस अवसर पर जागरूकता रैली और विशेष अभियान का आयोजन किया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एसपी आईपीएस भावना गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश्वर शर्मा और एडिशनल एसपी ओम चंदेल थे.

    पुलिस कंट्रोल आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसपी भावना गुप्ता ने ग्रीन फ्लैग दिखाकर यातायात जागरूकता रथ और जागरूकता रैली को रवाना किया. जागरूकता रथ ने पूरे जिले में सड़क सुरक्षा का संदेश दिया. इसके साथ जिले के ऑटो चालक संघ ने यातायात जागरूकता पोस्टर्स अपनी ऑटो में चस्पा किए. चालकों को जागरूकता फैंपलेट्स वितरित किए गए.

    50 से अधिक युवाओं ने हेलमेट पहनकर बाइक रैली में भाग लिया. युवाओं और ऑटोचालकों ने यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प लिया. रैली पुलिस कंट्रोल रूम से शुरू होकर संजय चौक, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और ज्योतिपुर चौक होते हुए कंट्रोल रूम में समाप्त हुई.

    केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशानुसार, 1 से 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत कई जागरूकता कार्यक्रम और विशेष अभियान चलाए जाएंगे. इसके अलावा अभियानों के तहत शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर, तेज गति और गलत दिशा में गाड़ी चलाने वालों की जांच, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा.

    इस अवसर पर एसपी भावना गुप्ता ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें. उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और इन नियमों का पालन करके दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है. कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ हुआ.

    कार्यक्रम को सफल बनाने में डीएसपी दीपक मिश्रा, थाना प्रभारी गौरेला निरीक्षक नवीन बोरकर, थाना प्रभारी पेंड्रा उप निरीक्षक गंगा प्रसाद बंजारे, यातायात शाखा से प्रधान आरक्षक सुशांत वर्मा, आरक्षक उदय, सनी कोशले, और अन्य गौरेला थाना एवं ट्रैफिक स्टाफ की अहम भूमिका रही.

  • राज्य सरकार पर्यटन और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों को चिन्हांकित कर पर्यटन स्थल के रूप में कर रहे हैं विकसित

    राज्य सरकार पर्यटन और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों को चिन्हांकित कर पर्यटन स्थल के रूप में कर रहे हैं विकसित

    रायपुर :  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन और ऐतिहासिक, धार्मिक व पौराणिक महत्व के स्थलों को चिन्हांकित कर धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के अंतर्गत पर्यटन और रोमांच से भरपूर सरायपाली स्थित शिशुपाल पर्वत नए पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में उभर कर सामने आया है। इस पर्वत का ऐतिहासिक, धार्मिक और पौराणिक महत्व भी है। मकर संक्रांति और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां विशाल मेला का आयोजन भी होता है।
    महासमुंद जिले के सरायपाली स्थित शिशुपाल पर्वत ट्रैकिंग और एडवेंचर के शौकीन युवाओं के लिए एक शानदान डेस्टिनेशन है। यह स्थान अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्त्व के लिए जाना जाता है। राजधानी रायपुर से 157 किमी और सरायपाली से लगभग 20 किमी की दूरी पर स्थित यह पर्वत पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाने का एक शानदार अवसर प्रदान करता है।
    शिशुपाल पर्वत (बूढ़ा डोंगर) समुद्र तल से 900 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए रोमांचक ट्रैकिंग मार्ग है, जो रोमांचक ट्रैकिंग का नया अनुभव कराता है। यह पर्यटन स्थल साहसिक गतिविधियों के प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। ट्रैकिंग मार्ग घने जंगलों, चट्टानों और प्राकृतिक पगडंडियों से होकर गुजरता है। पहाड़ के ऊपर एक विशाल मैदान है, जहां से वर्षा ऋतु के दौरान पानी 1100 फीट नीचे गिरकर घोड़ाधार जलप्रपात का निर्माण करता है। यह झरना और उसके चारों ओर हरियाली एक अद्वितीय दृश्य प्रस्तुत करता है। पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए, दो साल पहले पर्यटन मंडल ने इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल की। यहां पहुंचने वाले सैलानियों के लिए आधारभूत सुविधाओं का निर्माण किया गया, जिससे उनकी यात्रा सुखद और आरामदायक हो सके।
    शिशुपाल पर्वत की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण इसे एक आदर्श पर्यटन स्थल के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। यहां का वातावरण, झरने की आवाज, ठंडी हवा एवं प्राकृतिक सुंदरता व शांति का संगम पर्यटकों को मानसिक शांति और सुकून का अनुभव कराती है। यह स्थान फोटोग्राफी और प्रकृति के अद्भुत दृश्यों के लिए भी प्रसिद्ध है। शिशुपाल पर्वत न केवल रोमांचक ट्रैकिंग स्थल है, बल्कि इतिहास और प्रकृति का अद्भुत संगम भी है। यह स्थान ट्रैकिंग, फोटोग्राफी और प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। यदि आप प्राकृतिक सुंदरता, रोमांच और इतिहास का अनुभव करना चाहते हैं, तो शिशुपाल पर्वत आपकी सूची में होना चाहिए। अपनी ऐतिहासिक महत्व और प्राकृतिक आकर्षण के साथ, शिशुपाल पर्वत आज के दौर में पर्यटन का नया केंद्र बनता जा रहा है।
    शिशुपाल पर्वत पर्यटन स्थल में हर वर्ष मकर संक्रांति और महाशिवरात्रि के अवसर पर भारी संख्या में भक्त दर्शन और पूजन के लिए आते हैं। इस दौरान मंदिर के आसपास भव्य मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें लोग धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ मेले की चहल-पहल का आनंद लेते हैं। मकर संक्रांति पर लगने वाला यह मेला इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम है। धार्मिक आस्था, ऐतिहासिकता, साहसिक पर्यटन का अद्भुत अनुभव इसे एक संपूर्ण पर्यटन स्थल बनाता है। यह मेला न केवल स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि दूर-दूर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहा है।
    शिशुपाल पर्वत का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्त्व है। इसे लेकर स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शिशुपाल पर्वत (बूढ़ा डोंगर) का नाम स्थानीय लोककथाओं से जुड़ा हुआ है। इस संदर्भ में किंवदंती है कि इस पहाड़ पर कभी राजा शिशुपाल का महल हुआ करता था। यहां का गौरवशाली इतिहास रहा है पर्वत के उपर ही अभेद्य दुर्ग, सुरंग एवं शिवमंदिर का निर्माण किया गया है, जिसका भग्नावशेष आज भी अतीत की गौरवगाथा सुनाती है। जब अंग्रेजों ने राजा को घेर लिया, तो उन्होंने वीरता का प्रदर्शन करते हुए अपने घोड़े की आंखों पर पट्टी बांधकर पहाड़ से छलांग लगा दी। इस घटना के कारण इस पर्वत का नाम शिशुपाल पर्वत और यहां स्थित झरने का नाम घोड़ाधार जलप्रपात पड़ा। यह बारहमासी झरना अत्यधिक ऊँचाई से गिरने के कारण अद्भुत सौंदर्य का अप्रतिम उदाहरण है।
    इस क्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किए जाने की पहल शासन द्वारा विश्ेाष प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले दिनों वन विभाग द्वारा पर्यटन और रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए स्थल का निरीक्षण किया गया। चूंकि आसपास के क्षेत्र में बंसोड़ जाति बहुतायत संख्या में पाए जाते हैं, जो बांस की कलाकृति बनाते हैं। उन्हें भी रोजगार से जोड़ा जा सके। साथ ही एक पर्यटन परिपथ के रूप में भी विकसित किया जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि यहां से चंद्रहासिनी देवी मंदिर, गोमर्डा अभ्यारण, सिंघोड़ा मंदिर, देवदरहा जलप्रपात एवं पर्यटन स्थल नरसिंहनाथ को जोड़ा जा सकता है।

  • सरकार निर्माण के साथ विकास के कार्याें को दे रही प्राथमिकता: मंत्री टंक राम वर्मा

    सरकार निर्माण के साथ विकास के कार्याें को दे रही प्राथमिकता: मंत्री टंक राम वर्मा

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार शहरों के साथ-साथ गॉंव के चहुँमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार निर्माण कार्याे के साथ अन्य विकास के कार्याे को प्राथमिकता से कर रही है। विगत पांच वर्षों में जो काम नहीं हुआ है, ऐसे कामों को भी पूरा किया जा रहा है। नई शिक्षा नीति से बच्चों को भविष्य निर्माण में सुविधा होगी। विद्यार्थी अपने प्रतिभा और लक्ष्य के अनुरूप विषयों का चयन कर भविष्य निर्माण कर सकते हैं। आमजनों की आवश्यकता और बुनियादी चीजों को ध्यान रखते हुए सरकार कार्य कर रही है।

    राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने रायपुर जिले के ग्राम खपरीकला, ताराशिव और सरोरा में आयोजित सामुदायिक भवन के लोकार्पण और शाला वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में कहा। उन्होंने कहा कि प्रतिभा बच्चों में जन्म से ही होता है, जरूरत इस बात है कि उस प्रतिभा को अवसर मिलें। विद्यार्थी अपने लक्ष्य का निर्धारण पहले करें और उसके अनुरूप मेहनत करें। मेहनत के बिना सफलता की कल्पना करना कठिन है। इस अवसर पर उन्होंने खपरीकला हायर सेकंडरी स्कूल में शेड निर्माण के लिए 10 लाख रुपए के साथ-साथ मंच निर्माण और स्कूल में अहाता निर्माण के लिए 5-5 लाख रुपए और ताराशिव में विभिन्न निर्माण कार्यो के लिए 15 लाख रुपए  की घोषणा की। इस अवसर पर जिला पंचायत रायपुर के सभापति, जनप्रतिनिधिगण, संबंधित अधिकारी-कर्मचारी, विद्यार्थी सहित बडी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

  • पारंपरिक खेती छोड़ परिमल ने शुरू की गेंदे के फूलों की खेती, बंपर उत्पादन से दुगुनी हुई कमाई

    पारंपरिक खेती छोड़ परिमल ने शुरू की गेंदे के फूलों की खेती, बंपर उत्पादन से दुगुनी हुई कमाई

    सफल बागवानी करने उद्यानिकी विभाग से मिली मदद

    अम्बिकापुर

     अम्बिकापुर के चठिरमा निवासी परिमल व्यापारी गेंदे के फूलों की खेती कर रहे हैं। पारंपरिक खेती की तुलना में बागवानी या फूलों की खेती किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। उन्नत किसान के रूप में परिमल का जीवन इन फूलों की ही तरह महकने लगा है। परिमल बताते हैं कि वो तीन वर्षों से गेंदे की खेती कर रहें हैं। शुरुआती दो वर्ष में जानकारी के अभाव में उनकी आमदनी कम होती थी, तब उन्होंने उद्यानिकी विभाग से सम्पर्क किया। विभाग के द्वारा उन्हें वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत 1280 पौधे  एवं 6400 रुपए की अनुदान सहायता राशि प्राप्त हुई। इसके बाद विभाग की मदद एवं सलाह से उत्पादन में वृद्धि हुई। उन्होंने बताया कि उन्हें ड्रिप पद्धति से खेती की जानकारी दी गई, समय-समय पर दवा के छिड़काव सहित अन्य उपायों के बारे में भी बताया गया।

    बंपर उत्पादन से हुई दुगुनी कमाई-
    परिमल बताते हैं कि गेंदे की खेती से महज तीन माह में ही  आमदनी मिलनी शुरू हो जाती है। वे एक वर्ष में 2 सीजन में खेती करते हैं, उन्होंने अपने 0.400 एकड़ रकबे में  गेंदा लगाया है। पहले प्रति सीजन मात्र 15 से 20 हजार तक होने वाली कमाई अब विभागीय सहायता के कारण 45 से 50 हजार तक हो जा रही है। तीज-त्यौहारों के समय तो मांग बढ़ने से आमदनी और बढ़ जाती है।

    लागत में कमी के साथ पानी की भी होती है बचत-
    इससे पहले वे पारम्परिक खेती करते थे, जिसमें लागत अधिक था। वहीं पानी की खपत भी अधिक थी, बेमौसम बारिश एवं अन्य आपदाओं के कारण नुकसान का डर बना रहता था। फूलों की खेती कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर हम उद्यानिकी विभाग से भी सम्पर्क कर लेते हैं।

  • किसानों के लिए उपयोगी है कृषि दर्शिका: कृषि मंत्री नेताम

    किसानों के लिए उपयोगी है कृषि दर्शिका: कृषि मंत्री नेताम

    रायपुर : कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने आज यहां नया रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि दर्शिका 2025 का विमोचन किया। कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि दर्शिका में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे अनुसंधान एवं विस्तार कार्यों के साथ ही नवीनतम कृषि प्रौद्योगिकी तथा किसानों के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारियों को शामिल किया गया है। यह कृषि दर्शिका किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कृषि विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के किसानों के हित में इसी प्रकार निरंतर प्रयासरत रहे। मंत्री नेताम ने कृषि दर्शिका के प्रकाशन हेतु इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल एवं उनके सहयोगियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कृषि मंत्री को विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि दर्शिका 2025 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि दर्शिका में छत्तीसगढ़ राज्य की सामान्य जानकारी, कृषि क्षेत्रफल, प्रमुख कृषि फसलों, उनकी उत्पादन तकनीक, कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे अनुसंधान एवं विस्तार कार्य योजनाओं, गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी शामिल किया गया है। दर्शिका में विभिन्न खरीफ एवं रबी फसलों जिनमें अनाज, दलहन, तिलहन, लघु धान्य फसलें, चारा फसलें, औषधीय एवं सुगंधित फसलें तथा फल, फूल एवं सब्जी वाली फसलों की उन्नत कृषि कार्यमाला प्रकाशित की जाती है। इसके साथ ही कृषि विश्वविद्यालय की विगत वर्ष की गतिविधियों एवं उपलब्धियों, विश्वविद्यालय द्वारा विकसित विभिन्न फसलों की उन्नत किस्मों तथा विश्वविद्यालय द्वारा विकसित एवं प्रसारित कृषक उपयोगी प्रौद्योगिकी की जानकारी भी प्रकाशित की जाती है। विभिन्न फसलों के प्रमुख कीट एवं प्रमुख रोग तथा उनका प्रबंधन भी शामिल किया जाता है। इसके साथ ही केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए संचालित विकास एवं कल्याण योजनाओं, उनके तहत दी जाने वाली सुविधाओं एवं अनुदान के संबंध में जानकारी दी जाती है। कृषि दर्शिका में कृषि विश्वविद्यालय, कृषि तथा संबंधित विभागों एवं किसानों के लिए उपयोगी अन्य संपर्क सूत्रों की जानकारी भी प्रकाशित की गई है। विमोचन समारोह में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेश विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टुटेजा, डॉ. नीता खरे, डॉ. ज्योति भट्ट, डॉ. दीप्ति झा एवं संजय नैयर उपस्थित थे।

  • मंत्री राजवाड़े ने सक्ती जिले में ली समीक्षा बैठक

    रायपुर :  महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सक्ती जिले के कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में सभी विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में मंत्री राजवाड़े ने जिले में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन करते हुए आमजन को ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को विभिन्न ग्राम पंचायतों में जाकर स्व-सहायता समूह को स्वच्छ भारत मिशन सहित अन्य कार्यों के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए है।

         समीक्षा बैठक में सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े, पूर्व विधायक डॉक्टर खिलावन साहू, जिला पंचायत सदस्य विद्या सिदार, जिला पंचायत सदस्य श्री टिकेश्वर गबेल, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा सहित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

         मंत्री राजवाड़े ने समीक्षा बैठक में सक्ती जिले में अब तक किये गए पौधरोपण के कार्यों की जानकारी लेते हुए रोपित किये गए पौधों की देख रेख करने के निर्देश दिए। मंत्री ने समीक्षा बैठक में जिले के विभिन्न ग्रामों में मनरेगा अंतर्गत कौन-कौन से कार्य चल रहे है तथा कितने लोगों को मनरेगा अंतर्गत कार्य उपलब्ध कराया गया है की विस्तारपूर्वक जानकारी ली। राजवाड़े ने जिले के किसानों को धान के बदले अन्य फसल लेने के लिए कृषि विभाग के मैदानी अमलांे द्वारा जमीनी स्तर पर जागरुक करते हुए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य अधिकारी से धान खरीदी कार्याे की जानकारी ली। जिले में बारदानो की उपलब्धता, धान उठाव की स्थिति, संग्रहण केन्द्रों की भण्डारण क्षमता, छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत जारी किये गए राशनकार्ड की संख्या सहित अन्य कार्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी लेते हुए सुव्यवस्थित रूप से धान खरीदी कार्य कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में विभिन्न निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण करने के निर्देश दिए।

         मंत्री ने समीक्षा बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, गर्भवती महिलाओ की संख्या, शिशुवती माताओं की संख्या, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, पोषण पुनर्वास केंद्र, नोनी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सुकन्या समृधि योजना सहित अन्य विभिन्न विभागीय योजनाओं व कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। मंत्री ने सक्ती जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका भर्ती प्रक्रिया के वर्तमान स्थिति की जानकारी ली तथा उक्त भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और उचित ढंग से नियमानुसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने महतारी वंदन योजना के लक्ष्य और उसके विरुद्ध किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। मंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी को जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों की व्यवस्थाए अच्छी रखने तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले बच्चों को नैतिक शिक्षा देने कहा।

         मंत्री राजवाड़े ने कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों के योजनाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी जरूरतमंद को मिले।

  • वय वंदन योजनाः बुजुर्गाे को मिल रही विशेष स्वास्थ्य सहायता, विशेष शिविर का आयोजन कर बनाए जा रहे कार्ड

    वय वंदन योजनाः बुजुर्गाे को मिल रही विशेष स्वास्थ्य सहायता, विशेष शिविर का आयोजन कर बनाए जा रहे कार्ड

    रायपुर : देश में 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत विशेष स्वास्थ्य सहायता प्रदान की जा रही है। आयुष्मान वय वंदन कार्ड के माध्यम से बुजुर्गाे को यह स्वास्थ्य सेवा दी जा रही है जिसके तहत उन्हें 5 लाख रूपए की चिकित्सा सहायता प्राप्त होगी। बुजुर्गाे ने इस योजना को वरदान बताया है और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का आभार जताया है।

    बुजुर्ग झाडूराम कश्यप ने बताया कि उनकी उम्र 77 वर्ष हो गई है और यह योजना हम जैसे बुजुर्गाे के लिए वरदान है। उम्र के इस पड़ाव पर हमें अनेक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ता है। सरकार की इस संवेदनशील पहल से उन जैसे लाखों बुजुर्गाे को राहत मिल रही है। 5 लाख की स्वास्थ्य सहायता मिलने से अब उनकी अस्पताल के खर्चाे की चिंता समाप्त हो गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया।

    बिलासपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रमोद तिवारी ने बताया कि इस नई योजना के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक के सभी नागरिकों का वय वंदन कार्ड बनाया जा रहा है जिससे उन्हें 5 लाख रूपए तक के इलाज की सुविधा मिलेगी। जिन वरिष्ठ नागरिकों का नाम पहले से आयुष्मान कार्ड में दर्ज है उन्हें इस योजना के तहत दोबारा पंजीकरण कराना होगा। पंजीयन के लिए नागरिकों को अपना आधार कार्ड प्रस्तुत करना होगा जिससे उनकी आयु का सत्यापन किया जा सके। पंजीयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान वय वंदन कार्ड जारी किया जाएगा जिससे पंजीकृत स्वास्थ्य केन्द्रों में उन्हें 5 लाख रूपए तक की स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि जिले में वय वंदन कार्ड बनाने का कार्य तेजी से जारी है। सामुदायिक केन्द्रों, च्वाईस सेंटर और विशेष शिविर के साथ ही स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर वय वंदन कार्ड बना रहे हैं। जिले में अब तक 2000 से अधिक कार्ड बनाए जा चुके हैं।

    डॉ. तिवारी ने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए वरिष्ठ नागरिक अपना आधार कार्ड लेकर नजदीकी लोक सेवा केन्द्र (च्वाईस सेंटर), सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र या प्राथमिक केन्द्र में जाकर भी निःशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं। योजना के विषय में अधिक जानकारी या सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 104 पर संपर्क किया जा सकता है। 

  • नवा रायपुर बन रहा है नया आईटी हब, 10 हजार से ज्यादा नौकरियां पैदा करना लक्ष्य

    नवा रायपुर बन रहा है नया आईटी हब, 10 हजार से ज्यादा नौकरियां पैदा करना लक्ष्य

    रायपुर: राज्य सरकार नवा रायपुर को आईटी हब के रूप में विकसित कर रही है। आने वाले दिनों में यहां आईटी सेक्टर में 10 हजार नई नौकरियां मिलने की उम्मीद है। फिलहाल स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज और टेली परफॉरमेंस जैसी बड़ी आईटी कंपनियों ने सेवाएं शुरू की हैं, जिससे अब तक 260 से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिला है।

    स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज ने 180 और टेली परफॉरमेंस ने 80 पदों पर भर्ती की है। टेली परफॉरमेंस ने 100 और कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना बनाई है। सीएसएम टेक्नोलॉजीज ने 200 प्रोफेशनल्स की भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

    सरकार की योजना

    नवा रायपुर को आईटी हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। रायपुर और नवा रायपुर के बीच आईटी प्रोफेशनल्स के लिए मुफ्त बस सेवा और स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज के कर्मचारियों के लिए आवासीय समाधान की योजना है। साथ ही सीबीडी सेक्टर 21 में अत्याधुनिक कार्यालय बनाए जा रहे हैं।

    आईटी और आईटी आधारित सेवाएं विकसित हो रही हैं

    राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रोजगार के अवसरों पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर क्षेत्र में आईटी और आईटी आधारित सेवाओं का विकास हो रहा है। राज्य सरकार की योजनाओं और संस्थाओं की पहल से नवा रायपुर युवाओं के लिए रोजगार और विकास का प्रमुख केंद्र बन रहा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज और टेली परफॉरमेंस जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों ने नवा रायपुर में अपनी सेवाएं शुरू की हैं, जिसमें युवाओं को रोजगार मिल रहा है।