Category: राज्य

  • प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन बना श्रद्धा, सेवा और संस्कृति का केंद्र

    प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन बना श्रद्धा, सेवा और संस्कृति का केंद्र

    रायपुर

    प्रयागराज महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं की आस्था का विराट संगम देखने को मिल रहा है। 13 जनवरी से प्रारंभ हुए इस महापर्व में अब तक करोड़ों श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान कर चुके हैं। यह दिव्य आयोजन 26 फरवरी 2025 तक जारी रहेगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने प्रदेशवासियों की सुविधा के लिए विशेष सेवा केंद्र स्थापित किया है, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन (मंडप) की स्थापना की गई है, जहां राज्य से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क ठहरने और भोजन की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। इस पवेलियन में अब तक 25 हजार से अधिक श्रद्धालु ठहरकर इसका लाभ उठा चुके हैं। छत्तीसगढ़ पवेलियन श्रद्धालुओं के लिए सेवा, सुविधा और आस्था का केंद्र बन चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदृष्टि और संवेदनशीलता से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु बिना किसी कठिनाई के महाकुंभ के दिव्य माहौल का आनंद ले रहे हैं।

    श्रद्धालुओं ने सराहा छत्तीसगढ़ सरकार की सेवा भावना

    बिलासपुर से अपने परिवार के साथ प्रयागराज आए आशीष सिंह ने छत्तीसगढ़ पवेलियन में ठहरने के बाद अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाएं अत्यंत सराहनीय हैं। स्वच्छता, सुरक्षा, समय पर नाश्ता और भोजन, मोबाइल चार्जिंग सुविधा, गर्म कंबल, गद्दे और बिस्तर जैसी सुविधाओं ने उनकी यात्रा को सुखद और आरामदायक बना दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस सेवा के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रही है।

    छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोककला का विशेष आकर्षण

    छत्तीसगढ़ पवेलियन केवल श्रद्धालुओं के ठहरने का स्थान नहीं है, बल्कि यह राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी परिचायक है। यहां विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य, लोकगीत और संगीत की शानदार प्रस्तुतियाँ श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी भी यहां लगाई गई है, जिससे श्रद्धालु इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर लाभ उठा सकें।

    महाकुंभ: आस्था और सेवा का महापर्व

    महाकुंभ हिंदू धर्म में आस्था का सबसे बड़ा और पवित्र आयोजन है, जिसे स्नान, सेवा और आध्यात्मिक शुद्धि का महोत्सव कहा जाता है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क ठहरने और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराना, उनके लिए एक बड़ी राहत और सहूलियत का कार्य है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस संवेदनशील और दूरदर्शी प्रयास से छत्तीसगढ़ के हजारों श्रद्धालु महाकुंभ के आयोजन का लाभ ले रहे हैं। यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी नीतियों को दर्शाती है, बल्कि राज्य की आस्था और संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता को भी उजागर करती है।

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  • रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय मंत्री  प्रहलाद जोशी का किया आत्मीय स्वागत

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी का किया आत्मीय स्वागत

    केंद्रीय मंत्री  प्रहलाद जोशी का किया आत्मीय स्वागत

    रायपुर

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  शाम नया रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में केंद्रीय खाद्य मंत्री श्री प्रहलाद जोशी का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। उल्लखेनीय है कि केंद्रीय मंत्री श्री प्रहलाद जोशी छत्तीसगढ़ प्रवास के तहत रायपुर पहुंचे थे। इस महत्वपूर्ण भेंट के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में किसानों के हित में सरकार द्वारा संचालित योजनाओं और प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी।

    बैठक के दौरान खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल,  श्री सौरभ सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

  • पत्नी की सहमति के बिना अननेचुरल सेक्स करना अपराध नहीं, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

    पत्नी की सहमति के बिना अननेचुरल सेक्स करना अपराध नहीं, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पत्नी के साथ सेक्सुअल रिलेशन के एक मामले में अहम टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि किसी बालिग पत्नी के साथ सहमति के साथ या फिर उसके बिना यौन संबंध बनाने के लिए पति पर रेप या अप्राकृतिक संबंध का आरोप नहीं लगाया जा सकता है. सेक्सुअल रिलेशन बनाना या अप्राकृतिक संबंध में पत्नी की सहमति जरूरी नहीं है.

    टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को सुनाए अपने फैसले में कोर्ट ने एक शख्स पर लगाए आरोपों को खारिज कर दिया. इसके साथ ही आरोपी को आईपीसी की धारा 376, 377 और 304 से बरी कर दिया और जेल से उसकी फौरन उसकी रिहाई का आदेश दिया.

    कोर्ट ने क्या कहा
    अदालत ने कहा कि अगर पत्नी की उम्र 15 साल से कम नहीं है, तो पति का अपनी पत्नी के साथ किए गए किसी भी सेक्सुअल एक्ट को ऐसी परिस्थितियों में रेप नहीं कहा जा सकता है. ऐसे में अप्राकृतिक यौन संबंध के लिए पत्नी की सहमति होने की जरूरी नहीं है. इसलिए अपीलकर्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और 377 के तहत केस नहीं बनता है.
     जानें कोर्ट का फैसला?

    कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अगर पत्नी की उम्र 15 वर्ष से कम नहीं है तो पति द्वारा किसी भी यौन कृत्य को किसी भी परिस्थिति में बलात्कार नहीं कहा जा सकता है। इस तरह से अप्राकृतिक कृत्य के लिए पत्नी की सहमति के अभाव का महत्व खत्म हो जाता है। इस कारण अपीलकर्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और 377 के तहत अपराध नहीं बनता है।

    कोर्ट ने कहा कि जहां तक अपीलकर्ता को धारा 304 के तहत दोषी ठहराया है, जो विकृति और पेटेंट अवैधता के अलावा और कुछ नहीं है। कोर्ट ने कहा कि ये इस अदालत के हस्तक्षेप के योग्य है। इस कारण कोर्ट ने अपीलकर्ता पति को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। कोर्ट ने पति को तुरंत जेल हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया है।

    जानें क्या है पूरा मामला?
    दरअसल कोर्ट में अपीलकर्ता मृतक-पीड़िता का पति है। Live Law के मुताबिक, अपीलकर्ता ने पीड़िता के साथ उसकी सहमति के विरुद्ध अप्राकृतिक यौन संबंध बनाया था। पीड़िता ने दर्द की शिकायत की थी और इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा मौत से पहले पीड़िता का बयान दर्ज किया गया था। पीड़िता ने बयान दिया था कि पति द्वारा जबरन यौन संबंध बनाने के कारण वह बीमार हो गई थी। इसके बाद उसी दिन पीड़िता की मौत हो गई।

    ट्रायल कोर्ट ने माना था दोषी
    Bilaspur High court: ट्रायल कोर्ट ने पति को धारा 377 (अप्राकृतिक अपराध), 376 (बलात्कार के लिए सजा) और 304 (गैर इरादतन हत्या के लिए सजा) के तहत अपराध करने के लिए दोषी ठहराया था। इसके खिलाफ पति ने उच्च न्यायालय के समक्ष अपील दायर की थी।

    दरअसल, मृतक पीड़िता का पति 11 दिसंबर 2017 की रात को कथित तौर पर अपनी पत्नी की इच्छा के विरुद्ध उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए. इसके बाद तबियत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस मामले में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज की गई और अपीलकर्ता के खिलाफ धारा 377 आईपीसी के तहत जुर्म दर्ज की गई. पीड़िता का मृत्यु पूर्व बयान एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने दर्ज किया, जिसमें उसने कहा कि वह अपने पति द्वारा जबरदस्ती किए गए यौन संबंध के कारण बीमार पड़ गई. उसी दिन उसकी मृत्यु हो गई.

    साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के बाद ट्रायल कोर्ट ने अपीलकर्ता को आईपीसी की धारा 377 (अप्राकृतिक अपराध), 376 (बलात्कार के लिए सजा) और 304 (हत्या के लिए दोषी न होने वाली गैर इरादतन हत्या के लिए सजा) के तहत दोषी ठहराया. उन्हें डिफॉल्ट शर्तों के साथ 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई. इस फैसले के खिलाफ उन्होंने उच्च न्यायालय के समक्ष आपराधिक अपील दायर की.

    मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि धारा 375, 376 और 377 आईपीसी के अवलोकन से यह बिल्कुल स्पष्ट है कि धारा 375 आईपीसी की संशोधित परिभाषा के मद्देनजर पति और पत्नी के बीच धारा 377 आईपीसी के तहत अपराध का कोई स्थान नहीं है. इस तरह बलात्कार नहीं किया जा सकता है. धारा 375 आईपीसी के अपवाद 2 पर जोर देते हुए न्यायालय ने फैसला सुनाया कि एक पुरुष और उसकी पत्नी के बीच यौन संबंध या यौन क्रियाएं यदि पत्नी 15 वर्ष से अधिक उम्र की है तो बलात्कार नहीं माना जाता है. नतीजतन भले ही एक पति अपनी वयस्क पत्नी के साथ धारा 377 आईपीसी के तहत परिभाषित अप्राकृतिक यौन संबंध बनाता है, यह अपराध नहीं माना जाता है.

    न्यायालय ने धारा 304 आईपीसी के तहत अपीलकर्ता की दोषसिद्धि के संबंध में इसे “विकृत” माना और टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा, आईपीसी की धारा 304 के तहत अपराध मामले के वर्तमान तथ्यों से कैसे जुड़ा है और अभियोजन पक्ष द्वारा कैसे साबित किया गया है, फिर भी इसने अपीलकर्ता को धारा 304 आईपीसी के तहत दोषी ठहराया है, जो विकृति और स्पष्ट अवैधता के अलावा और कुछ नहीं है, जिस पर इस न्यायालय द्वारा हस्तक्षेप किया जाना चाहिए.” कोर्ट ने अपीलकर्ता को सभी आरोपों से बरी करते हए उसे जेल से रिहा करने का आदेश दिया.

  • छत्तीसगढ़ में 108 एंबुलेंस सेवा संचालित करने वाली कंपनी के खिलाफ आयकर विभाग की कार्रवाई

    छत्तीसगढ़ में 108 एंबुलेंस सेवा संचालित करने वाली कंपनी के खिलाफ आयकर विभाग की कार्रवाई

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ में 108 एंबुलेंस सेवा संचालित करने वाली कंपनी के खिलाफ आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है। आयकर विभाग के 8 से 10 अधिकारी अवंती विहार स्थित कंपनी के ऑफिस, संचालक धर्मेंद्र सिंह के घर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं।

    आईटी अधिकारी इस दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच कर रहे हैं। इसके अलावा कंपनी के खिलाफ जमीन खरीदी-बिक्री में भी गड़बड़ी की शिकायत प्राप्त हुई है।

  • 27 हजार में उज्बेकिस्तान से पहुंची थी युवती, आरोपित ऑनलाइन एप के माध्यम से कस्टमर को युवतियों को पहुंचाते थे

    27 हजार में उज्बेकिस्तान से पहुंची थी युवती, आरोपित ऑनलाइन एप के माध्यम से कस्टमर को युवतियों को पहुंचाते थे

    रायपुर
    रायपुर में बीते पांच फरवरी की देर रात हुए हादसे के बाद बड़ा राजफाश हुआ है। पुलिस ने बताया कि जिस विदेशी युवती की गाड़ी से एक्सीडेंट हुआ था वह युवती देह व्यापार के लिए उज्बेकिस्तान से पहुंची थी। आरोपित ऑनलाइन एप के माध्यम से कस्टमर को युवतियों को पहुंचाते थे। इसके विदेशी के साथ पश्चिम बंगाल की लड़कियां शामिल हैं। दरअसल, बीते पांच फरवरी की दरम्यानी रात थाना तेलीबांधा क्षेत्रांतर्गत वीआइपी रोड में शराब के नशे में धुत्त विदेशी युवती ने अपनी कार से एक्टिवा वाहन को ठोकर मारकर एक्सीडेंट कर दिया गया था। घटना में एक्टिवा सवार तीन व्यक्तियों को गंभीर चोट लगी, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान अरूण कुमार विश्वकर्मा की मौत हो गई थी।

    देह व्यापार के लिए पहुंची थी युवती
    तेलीबांधा पुलिस द्वारा कार में सवार आरोपित युवती सहित आरोपित भावेश आचार्य से पूछताछ की गई। इस दौरान आरोपित लगातार पुलिस को गुमराह कर रहा था। कड़ाई से पूछताछ में उसने बताया कि कार सवार विदेशी युवती उज्बेकिस्तान अण्डी जान क्षेत्र की निवासी है। विदेशी युवती जुगल कुमार के बुलाए जाने पर देह व्यापार के लिए मुंबई से रायपुर आकर होटल में रूकी थी।

    जांच के बाद खुला पूरा राज
    आईजी अमरेश मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए। थाना तेलीबांधा एवं एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त टीम द्वारा दोनों आरोपितों से देह व्यापार में संलिप्त दलालों के संबंध में पूछताछ कर जांच शुरू की गई।
    टीम के सदस्यों द्वारा देह व्यापार में शमिल आरोपितों की पतासाजी करते हुए आरोपित रवि ठाकरे निवासी आरडीए कालोनी बोरियाखुर्द, जागेंद्र उके उर्फ मोहन निवासी हनुमान नगर पहाड़ीपारा गुढ़ियारी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई।
    आरोपितों द्वारा अपने साथी जुगल सहित अन्य के साथ मिलकर देह व्यापार संचालित करना बताया। लोकेंटो एप के माध्यम से अपने ग्राहकों को युवतियों का फोटो व रेट उपलब्ध कराते थे। दोनों आरोपितों को 10 फरवरी को न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया।

     

  • 8 साल से रायपुर में रह रहे थे तीन बांग्लादेशी, तीनों भाई करते थे कबाड़ी का काम, मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार

    8 साल से रायपुर में रह रहे थे तीन बांग्लादेशी, तीनों भाई करते थे कबाड़ी का काम, मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार

    रायपुर
    एटीएस ने तीन बांग्लादेशी सगे भाइयों के इराक भागने की कोशिश को नाकाम करते हुए मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। तीनों तीन दिन तक पुलिस की रिमांड में हैं। तीनों रायपुर में पिछले आठ वर्षों से रह रहे थे। एटीएस ने तीनों को उनकी भाषा, रहन-सहन के आधार पर लंबे अरसे से निगरानी करने के बाद गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। एटीएस को जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक मोहम्मद इस्माइल, शेख अकबर शेख साजन ने शेख अली के माध्यम से रायपुर में अपना ठिकाना बनाया था।
     
    पहले भी कई जा चुके हैं इराक और बगदाद
    शेख अली के बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है। अब तक हुई पूछताछ में सामने आया है कि पूर्व में कई बांग्लादेशी घुसपैठिए रायपुर के दस्तावेजों के सहारे इराक के बगदाद का वीजा लेकर जा चुके हैं। रायपुर से कितने बांग्लादेशी नागरिक इराक गए हैं, पुलिस के पास इस बात की कोई ठोस जानकारी नहीं है। तीनों के मोबाइल जब्त किए गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि उनके मोबाइल से डाटा नष्ट किया गया। उसे फारेंसिक लैब भेजा जाएगा।

    कबाड़ी का काम कर रहे थे
    टिकरापारा टीआई विनय सिंह बघेल के मुताबिक इस्माइल तथा उसके भाई रायपुर में रहकर कबाड़ी का काम कर रहे थे। तीनों संतोषी नगर सहित शहर के अलग-अलग इलाकों में घूम-घूमकर कबाड़ खरीदी-बिक्री का काम कर रहे थे। तीनों भाइयों के मोबाइल फोन जब्त कर पुलिस बांग्लादेशी नागरिकों के कॉल डिटेल खंगाल रही है।

    बगदाद जाने की फिराक में थे
    एटीएस ने जिन बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। उनके पास बगदाद जाने का वीजा मिला है। पुलिस को जो जानकरी मिली है, उसके मुताबिक कई बांग्लादेशी रायपुर से इराक, बगदाद वीजा लेकर पूर्व में जा चुके हैं।

    रायपुर से ऐसे जुड़ा तार
    पुलिस ने जिन तीन बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। उनके दादा का देश विभाजन के पूर्व मुर्शिदाबा में कृषि भूमि थी। विभाजन के बाद इस्माइल के दादा पश्चिमी पाकिस्तान (बांग्लादेश) चले गए। पुलिस को जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक इस्माइल के पिता और उसके परिजन उनसे मिलने चोरी छिपे नागपुर आते थे।

  • सनातन धर्म के उत्थान और सामाजिक जागरूकता में गहिरा गुरु संत समाज की है महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    सनातन धर्म के उत्थान और सामाजिक जागरूकता में गहिरा गुरु संत समाज की है महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर

    ग्राम गहिरा में विष्णु महायज्ञ में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय: सामूहिक विवाह में नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वादग्राम गहिरा में विष्णु महायज्ञ में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय: सामूहिक विवाह में नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र स्थित ग्राम गहिरा के संत गहिरा गुरु आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने परम पूज्य गहिरा गुरु जी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया और विष्णु महायज्ञ में सम्मिलित होकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने संत गहिरा गुरु जी के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम गहिरा से उनका गहरा आत्मीय संबंध रहा है, यह पूज्य संत गहिरा गुरु जी की जन्मस्थली और एक पवित्र धाम है। उन्होंने स्मरण किया कि पहली बार रायगढ़ संसदीय क्षेत्र से सांसद बनने का सौभाग्य भी उन्हें इसी पवित्र भूमि के आशीर्वाद से प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के प्रधानमंत्री कार्यकाल में सांसदों को अपने क्षेत्र के किसी एक गांव को गोद लेकर विकास कार्य करने के लिए कहा गया था, तब उन्होंने ग्राम गहिरा को चुना और यहां विकास कार्य किए, हालांकि कुछ कार्य अधूरे रह गए थे। मुख्यमंत्री के रूप में पुनः ग्राम गहिरा आने पर उन्होंने कहा कि शायद यह उन्हीं अधूरे कार्यों को पूरा करने का अवसर है।

    मुख्यमंत्री साय ने गहिरा गुरु संत समाज द्वारा सनातन धर्म और सामाजिक उत्थान में किए जा रहे योगदान की सराहना करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब जनजातीय समुदाय में धर्मांतरण, सामाजिक बुराइयाँ और व्यसन बढ़ रहे थे, तब संत गहिरा गुरु जी ने समाज सुधार का बीड़ा उठाया, गांव-गांव में यज्ञ कराए, रामचरितमानस के पाठ करवाए और समाज को आध्यात्मिक रूप से जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आज यह संस्था पूरे प्रदेश में सनातन धर्म को सुदृढ़ करने, समाज को जागरूक करने और संस्कृत की शिक्षा को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस बात की भी प्रशंसा की कि संस्था के माध्यम से जनजातीय समुदाय के बच्चे संस्कृत में अध्ययन कर रहे हैं और सनातन संस्कृति के संवर्धन में एक सराहनीय पहल करते हुए विद्यालय व महाविद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया था, जिसके प्रमाण आज भी प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर विद्यमान हैं। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ के लिए प्रदेशवासियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं के ठहरने की संपूर्ण व्यवस्था छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में सतत विकास और सुशासन को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे प्रत्येक नागरिक को समृद्धि और सुशासन का लाभ मिले।

    मुख्यमंत्री साय ग्राम गहिरा में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए और नवविवाहित जोड़ों से परिचय प्राप्त कर उन्हें मंगलमय दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में संत गहिरा गुरु जी के आशीर्वाद से सुशासन और विकास का कार्य निरंतर जारी है। हमारी सरकार राज्य की संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने के लिए दृढ़संकल्पित हैं।

    इस अवसर पर संत समाज संस्था अध्यक्ष बबरूवाहन महाराज, सचिव खीरेंद्र महाराज, रवि भगत, शान्ता भगत, मनोज सतपती, भास्कर बेहरा,  मधुकर सिंघानिया एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति ने की सौजन्य मुलाकात

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति ने की सौजन्य मुलाकात

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  शाम यहां उनके निवास कार्यालय में महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय सांकरा, पाटन दुर्ग के कुलपति प्रोफेसर रवि आर.सक्सेना ने सौजन्य मुलाकात की।

    मुख्यमंत्री ने कुलपति प्रोफेसर सक्सेना से चर्चा के दौरान प्रदेश में,  विकासखंडवार उपजाए जाने वाले विशिष्ट फलों और सब्जियों की खेती को प्रोत्साहित करने, खेती की अत्याधुनिक तकनीकी और अनुसंधान कार्यों को किसानों तक पहुंचाने की जरूरत पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने तथा क्षमता विकास के लिए स्किल डेवलपमेंट के कोर्स प्रारंभ करने की पहल विश्वविद्यालय द्वारा की जानी चाहिए, जिससे अधिक से अधिक संख्या में किसान और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें।

  • इंद्रावती नेशनल पार्क के जंगल में बुलाई थी बैठक, 100 KM पैदल चलकर जवानों ने ढेर किए 31 नक्सली

    इंद्रावती नेशनल पार्क के जंगल में बुलाई थी बैठक, 100 KM पैदल चलकर जवानों ने ढेर किए 31 नक्सली

    नई दिल्ली
    छत्तीसगढ़ पुलिस ने बीजापुर में एक साथ 31 नक्सलियों को मार गिराया। पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से लॉन्च किए गए इस ऑपरेशन से नक्सली हक्का-बक्का रह गए। दोनों ओर से हुई भीषण गोलीबारी में दो जवान भी शहीद हो गए, जबकि दो जख्मी हो गए। रविवार को इंद्रावती नेशनल पार्क एरिया में एक जंगली पहाड़ी पर हुई इस मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में कई बेहद खूंखार और 11 महिलाएं भी शामिल हैं।

    एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'हमें नक्सलियों के तेलंगाना स्टेट कमिटी, वेस्ट बस्तर डिवीजन और नेशल पार्क एरियार कमिटी के कैडर की मौजूदगी की सूचना मिली थी। टेक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन (TCOC) से पहले इंद्रावती नेशनल पार्क के जंगल में उन्होंने एक बैठक बुलाई थी।' नक्सली मार्च से जून के बीच TCOC करते हैं, जिस दौरान वे अपनी गतिविधियों को बढ़ाते हैं।

    अधिकारी ने बताया कि 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ पुलिस की कॉम्बैट यूनिट्स, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG), स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और बस्तर फाइटर्स को अलग-अलग दिशाओं एरिया में बुलाया गया था। उन्होंने कहा, 'सरप्राइज एलिमेंट को रणनीति के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए, कुछ टीमों को इंद्रावती नेशनल पार्क में महाराष्ट्र पुलिस के लॉन्चिंग पैड्स से बुलाया गया।'

    रविवार सुबह पट्रोलिंग टीमें पहाड़ी तक पहुंची, जहां नक्सलियों को देखा गया था। पहाड़ी को घेरते हुए सुरक्षाकर्मी आगे बढ़ते रहे और सुबह 8 बजे गोलीबारी शुरू हुई। अधिकारी ने बताया, 'गोलीबारी के बीच नक्सली दो समूहों में बंट गए। एक समूह जिसमें तेलंगाना कमिटी के कैडर थे, पीछे हटने लगा, जबकि दूसरा समूह फायरिंग में जुटा रहा।' महाराष्ट्र की तरफ से घुसी टीम को देख नक्सली हैरान रह गए, क्योंकि उन्होंने इस दिशा से इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों के आने की उम्मीद नहीं की थी। शाम चार बजे तक रुक-रुककर फायरिंग होती रही। अधिकारी ने बताया कि रूट में बदलाव की रणनीति ने एक बड़ी सफलता को पाने में मदद की, जिसमें 31 नक्सली ढेर हो गए।

    मुठभेड़ स्थल बीजापुर जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर और महाराष्ट्र सीमा से 40 किलोमीटर दूर है। तीन दिन के ऑपरेशन सुरक्षाबल करीब 100 किलोमीटर तक पैदल चलकर वहां पहुंचे थे। मारे गए नक्सलियों, शहीद जवानों के शव और घायलों को एयरलिफ्ट किया गया। कुछ जवानों, जिनमें अधिकतर महिला कमांडो थीं, डिहाइड्रेशन का शिकार हो चुकी थीं। सभी को एयरलिफ्ट करके बीजापुर लाया गया।

    मुठभेड़ स्थल से 24 हथियार, बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए। मारे गए 31 नक्सलियों में से 5 की पहचान बेहद खूंकार कैडर के रूप में हुई जिन पर कुल 25 लाख रुपए का इनाम था। पश्चिम बस्तर डिवीजन के डिवीजनल कमिटी मेंबर हंगा करमा पर 8 लाख रुपए का इना घोषित था। इस साल छत्तीसगढ़ में 81 नक्सली मारे जा चुके हैं, जिनमें से 65 बस्तर में ढेर हुए हैं। पिछले साल 219 नक्सली मारे गए थे।

  • रायपुर : नगरीय निकाय निर्वाचन 2025 : राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने किया अपने मताधिकार का प्रयोग

    रायपुर : नगरीय निकाय निर्वाचन 2025 : राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने किया अपने मताधिकार का प्रयोग

    नगरीय निकाय निर्वाचन 2025

    रायपुर

    राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने आज सपरिवार रायपुर नगर निगम के महापौर एवं वार्ड  पार्षद निर्वाचन के लिए  प्राथमिक शाला पुरैना मतदान केंद्र में मतदान किया।मतदान के बाद उन्होंने प्रदेशवासियों से लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए अपने मताधिकार का  प्रयोग अवश्य करने की अपील की।