Category: राज्य

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को किया नमन

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को किया नमन

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रयागराज कहे जाने वाले राजिम में आयोजित कुंभ कल्प के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राजिम  कुंभ कल्प आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प का आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का महापर्व है। यहाँ माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक हजारों श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान करते हैं और संत महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प को भव्यता प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने हर संभव प्रयास किए हैं। इस आयोजन से राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  हमारी सरकार ने राजिम कुंभ कल्प की भव्यता को पुनः स्थापित किया है और इसे और भी भव्य स्वरूप देने के लिए संकल्पबद्ध है।

    मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2005 में राजिम कुंभ कल्प की शुरुआत हुई थी, जिसे छत्तीसगढ़ की जनता का आशीर्वाद और संतों का सान्निध्य निरंतर मिलता रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों में इस आयोजन में कुछ बाधाएँ आई थीं, लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता ने 2023 में पुनः आशीर्वाद देकर सरकार को सशक्त बनाया, जिससे यह महाकुंभ अपने परंपरागत स्वरूप में लौटा। उन्होंने कहा कि अब 54 एकड़ भूमि में इस मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिससे इसकी भव्यता और व्यवस्थाओं में विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस आयोजन को और अधिक सुसंगठित और भव्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

    श्रीरामलला दर्शन योजना – श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक पहल

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम के ननिहाल में बसे रामभक्तों की श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना’ शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 20,000 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पाँच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। यह हम सबके लिए गौरव का क्षण है।

    छत्तीसगढ़ की कृषि समृद्धि – किसानों को सशक्त बना रही सरकार

    मुख्यमंत्री साय ने कहा  कि छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। पिछले वर्ष 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई थी, जबकि इस वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा गया है। सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने का वादा किया था, जिसे पूरा किया गया है। किसानों को उनकी फसल का अंतर भुगतान एक सप्ताह के भीतर सीधे खातों में जमा कराया गया है।

    मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हाल ही में प्रयागराज महाकुंभ में 144 वर्षों बाद 70 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जो भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी अपने आध्यात्मिक आयोजन को इसी स्तर पर पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास करेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा  कि उत्तर प्रदेश सरकार से समन्वय कर छत्तीसगढ़ को प्रयागराज में साढ़े चार एकड़ भूमि प्राप्त हुई, जहाँ छत्तीसगढ़ पवेलियन का निर्माण किया गया। इस पहल के तहत 25,000 से अधिक श्रद्धालुओं को वहाँ भोजन, आवास और आध्यात्मिक सेवाएँ निशुल्क प्रदान की गईं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    संस्कृति और लोककला को बढ़ावा देने के लिए प्रयास

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प में राष्ट्रीय और आंचलिक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को और भी भव्य बनाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प मेला-स्थल को और अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। सरकार आने वाले वर्षों में मेला क्षेत्र के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प हमारी आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का पर्व है। यह आयोजन हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और हमारी सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखता है।

    इस अवसर पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि राजिम कुंभ हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण और विकास आवश्यक है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि हम सभी को इस पावन अवसर पर संकल्प करना चाहिए कि जलस्रोतों और पावन नदियों के प्रति श्रद्धाभाव रखते हुए जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाएं।

    इस अवसर पर कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, राजिम विधायक रोहित साहू, बसना विधायक संपत अग्रवाल, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू, पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, रामप्रताप सिंह, धर्मस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, रायपुर आयुक्त महादेव कावरे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के एमडी विवेक आचार्य, गरियाबंद कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में साधु संत गण एवं श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

  • रायपुर : बस्तर में बदलती तस्वीर: अब सड़क मार्ग से पहुँची बोर्ड परीक्षा की गोपनीय सामग्री

    रायपुर : बस्तर में बदलती तस्वीर: अब सड़क मार्ग से पहुँची बोर्ड परीक्षा की गोपनीय सामग्री

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना और सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती का एक और सकारात्मक पहलू देखने को मिला है। जहां पहले नक्सली खतरे के कारण जगरगुंडा जैसे अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों में हेलीकॉप्टर के माध्यम से बोर्ड परीक्षा की गोपनीय सामग्री भेजी जाती थी, वहीं इस बार पहली बार सड़क मार्ग से यह सामग्री सुरक्षित रूप से पहुँचाई गई। सड़क मार्ग से परीक्षा सामग्री की सुरक्षित आपूर्ति सिर्फ एक प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि यह बस्तर में बढ़ती सुरक्षा और शांति की झलक है। यह सिर्फ परीक्षा सामग्री पहुँचने की बात नहीं, बल्कि बस्तर अंचल में सुरक्षा और विश्वास की एक नई सुबह की दस्तक है।    

    छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा मार्च के पहले सप्ताह से आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए 18 परीक्षा केंद्रों में गोपनीय सामग्री भेजी गई। इनमें से 15 केंद्र संवेदनशील और 3 अति संवेदनशील घोषित किए गए थे। बावजूद इसके, प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इतने आत्मविश्वास और नियंत्रण की स्थिति बनी कि पहली बार जगरगुंडा तक सड़क मार्ग से परीक्षा सामग्री भेजी गई।

    बस्तर के सुदूर इलाकों में वर्षों तक नक्सली गतिविधियाँ बड़ी चुनौती बनी रहीं। लेकिन शासन-प्रशासन और सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों से अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। पहले जहाँ नक्सली खतरे के चलते जगरगुंडा में हवाई मार्ग से ही आवश्यक सामग्रियाँ भेजनी पड़ती थीं, वहीं अब सड़क मार्ग से सामग्री का सुरक्षित पहुँचाना इस बात का प्रमाण है कि इलाके में कानून व्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से सड़कों का विस्तार, सुरक्षा बलों की तैनाती और विकास कार्यों के चलते बस्तर अब नई राह पर आगे बढ़ रहा है।

    सभी 18 परीक्षा केंद्रों के लिए परीक्षा सामग्री निकटतम पुलिस थानों और चौकियों में सुरक्षित रखी गई है, जिससे परीक्षाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके। इस वर्ष हाई स्कूल पाकेला और हाई स्कूल तालनार को दो नए परीक्षा केंद्र के रूप में शामिल किया गया है। इस पूरे अभियान के दौरान माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर से आए अधिकारियों मोहम्मद फिरोज, नारायण नेताम, जिला शिक्षा अधिकारी जी आर मंडावी, समन्वयक केंद्र प्राचार्य पी. अनिल कुमार समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी और केंद्राध्यक्ष उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान राजीव लोचन की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान राजीव लोचन की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान राजीव लोचन मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री साय ने त्रिवेणी संगम में स्थित भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव का जलाभिषेक कर छत्तीसगढ़ की उन्नति और प्रगति की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम है।

    महानदी मैया की महाआरती में हुए शामिल

    राजिम कुंभ कल्प के अंतर्गत आयोजित महानदी मैया की भव्य महाआरती में मुख्यमंत्री साय  मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के मध्य विधि-विधान से शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने महानदी मैया से प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

    इस अवसर पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, वन एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप, राजिम विधायक रोहित साहू, बसना विधायक संपत अग्रवाल तथा अन्य गणमान्य नागरिक, संत महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘छावा’ हिंदी फिल्म को किया टैक्स फ्री घोषित

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘छावा’ हिंदी फिल्म को किया टैक्स फ्री घोषित

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऐतिहासिक वीर गाथा पर आधारित हिंदी फिल्म ‘छावा’ को राज्य में  टैक्स फ्री घोषित करने की घोषणा की है। उन्होंने आज राजिम कुंभ के आयोजन उपरांत मीडिया से चर्चा के दौरान यह घोषणा की।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छावा फिल्म को टैक्स फ्री करने का निर्णय छत्तीसगढ़ की जनता को देश के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने और युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम एवं शौर्य की भावना जागृत करने के उद्देश्य से लिया गया है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘छावा’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि ऐतिहासिक परंपराओं, वीरता और स्वाभिमान की गाथा है, जिसे हर नागरिक को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फिल्म युवा वर्ग को प्रेरित करेगी और छत्रपति संभाजी महाराज के शौर्य, बलिदान और नेतृत्व को व्यापक रूप से प्रस्तुत करेगी।

    मुख्यमंत्री साय के इस फैसले से राज्य के सिनेमाघरों में फिल्म देखने के इच्छुक दर्शकों को मूल्य में राहत मिलेगी, जिससे अधिक से अधिक लोग इसे देख सकेंगे और भारतीय इतिहास की समृद्ध विरासत से प्रेरणा ले सकेंगे।
     
    उल्लेखनीय है कि फिल्म छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने मुगलों और अन्य आक्रांताओं के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने अदम्य साहस, रणनीतिक कौशल और बलिदान की अमर गाथा लिखी। फिल्म उनके अदम्य साहस और बलिदान को जीवंत करती है और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करती है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो समाज को प्रेरणा देती हैं और सांस्कृतिक चेतना को जाग्रत करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति से जुड़ी फिल्मों को प्रोत्साहित करती रहेगी, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से जुड़ी रहे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता, विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे इस फिल्म को देखें और भारतीय इतिहास के उन स्वर्णिम पन्नों को समझें, जो आज भी हमारे जीवन को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।

  • रायपुर : संघर्ष की मिट्टी से बनी सरिता की तक़दीर

    रायपुर : संघर्ष की मिट्टी से बनी सरिता की तक़दीर

    रायपुर
    गाँव की उस कच्ची पगडंडी पर सरिता बाई नगेशिया अक्सर नंगे पाँव चला करती थीं। धूप कितनी भी तेज़ हो, बारिश कितनी भी ज़ोर से बरस रही हो, या ठंड कितनी भी कड़ाके की हो उन्हें हर हाल में रोज़ की मजदूरी पर जाना ही होता था। उनके लिए दिन का मतलब था सुबह से शाम तक खेतों में मेहनत, और रात का मतलब था अगले दिन के काम की चिंता।

    मेरे पास सपने थे, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए साधन नहीं, सरिता बाई अक्सर खुद से कहतीं। दो वक्त की रोटी जुटाने में ही जीवन बीत रहा था। उनके बच्चे स्कूल जाना चाहते थे, मगर किताबों और फीस के लिए पैसे कहाँ थे ? घर की दीवारें कच्ची थीं, और सपनों की नींव भी उतनी ही कमजोर लगती थी। एक दिन गाँव की कुछ महिलाओं ने उनसे सीताराम महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने की बात की। सरिता बाई को यकीन नहीं था कि क्या इससे सच में कुछ बदल सकता है? लेकिन उनके पास खोने को कुछ नहीं था, तो वे जुड़ गईं। धीरे-धीरे वे समूह की बैठकों में जाने लगीं, और वहाँ उन्होंने कुछ ऐसी कहानियाँ सुनीं, जो उनकी अपनी कहानी से मिलती-जुलती थीं। उन महिलाओं ने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी ज़िंदगी बदल दी थी।

    सरिता बाई ने भी हिम्मत जुटाई और सीआईएफ से लोन लेकर ईंट बनाने का काम शुरू किया। शुरुआत में मुश्किलें आईं, गाँव के कुछ लोग हँसते थे, कुछ ताने मारते थे, और कुछ कहते कि यह काम महिलाओं के लिए नहीं है। लेकिन सरिता बाई ने किसी की बातों पर ध्यान नहीं दिया। मिट्टी गूँधने से लेकर ईंटें पकाने तक, उन्होंने सब कुछ खुद किया। उनका हाथ खुरदरा हो गया, लेकिन आत्मविश्वास पहले से कहीं ज्यादा मज़बूत हो गया।

        धीरे-धीरे उनका काम चल निकला। जब उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 1 लाख रुपये का लोन लिया, तो उनका व्यवसाय और भी बढ़ गया। अब वे हर साल दो लाख रुपये से ज्यादा कमाने लगीं। जिन लोगों ने उन पर ताने कसे थे, वही अब उनकी मेहनत की तारीफ करने लगे। जहाँ कभी उनके पास साइकिल तक नहीं थी, अब उन्होंने अपने लिए स्कूटी खरीद ली और अपने पति के लिए बाइक। खेतों में भी वे अब मजदूरी नहीं करतीं, बल्कि अपनी खुद की ज़मीन पर खेती करती हैं। सबसे बड़ी बात यह कि अब उनके बच्चे स्कूल जा रहे हैं, और उनका भविष्य सुरक्षित हो गया है।

    सरिता बाई अब सिर्फ़ एक मजदूर नहीं, बल्कि एक सफल उद्यमी हैं। वे कहती हैं, पहले मैं दूसरों के खेतों में मजदूरी करती थी, लेकिन अब मैं अपनी मेहनत से खुद का व्यवसाय चला रही हूँ। मैंने अपनी काबिलियत को पहचाना और अपनी तक़दीर खुद लिखी। गाँव की वही पगडंडी, जिस पर वे कभी नंगे पाँव चला करती थीं, अब उन्हें देखकर गर्व से सर उठाकर चलना सिखा रही थी। क्योंकि अब वे सिर्फ़ अपने परिवार की तक़दीर नहीं, बल्कि पूरे गाँव की महिलाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी थीं।

  • छत्तीसगढ़ में आज मौसम शुष्क रहने की संभावना

    छत्तीसगढ़ में आज मौसम शुष्क रहने की संभावना

    रायपुर

     छत्तीसगढ़ में आज मौसम शुष्क रहने की संभावना है. आगामी दिनों में प्रदेश में पारा चढ़ेगा. अधिकांश क्षेत्रों में दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई है. वहीं अधिकतर इलाकों में बारिश की कोई संभावना नहीं है. मंगलवार को प्रदेश में अधिकतम तापमान दुर्ग में 34.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग के अनुसार दो मार्च तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है.

    मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश के मध्य और उत्तर भाग में 1 मार्च तक न्यूनतम और अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री वृद्धि होने की संभावना है. बस्तर संभाग के जिलों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 मार्च तक 3 डिग्री के आसपास वृद्धि होने की संभावना है. वहीं दो मार्च से उत्तर छत्तीसगढ़ में हल्के बादल रह सकते हैं. तब तक मौसम शुष्क रहने की सम्भावना है.

    प्रदेश में मंगलवार को सबसे गर्म दुर्ग रहा, यहां अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा, यहां न्यूनतम तापमान 11.1 डिग्री रहा.

    राजधानी में आज का मौसम
    राजधानी रायपुर में आज मौसम मुख्यतः साफ़ रहने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है.

  • एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रवेश हेतु प्राक्चयन परीक्षा 2 मार्च को

    एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रवेश हेतु प्राक्चयन परीक्षा 2 मार्च को

    रायपुर,

    प्रदेश में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु प्राक्चयन परीक्षा 2 मार्च को आयोजित होगी। यह परीक्षा प्रदेश के 26 जिलों में स्थित 151 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की जाएगीप्रदेश के 26 जिलों में स्थित 151 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी, जिसमें लगभग 42,000 छात्रों ने पंजीयन कराया है। परीक्षा का आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा। इस संबंध में आयुक्त श्री पदुम सिंह एल्मा द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

    प्रवेश परीक्षा की व्यवस्था को लेकर अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं। परीक्षार्थियों की ओएमआर शीट सावधानीपूर्वक भरवाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही परीक्षा केन्द्रों पर शुद्ध पेयजल, चिकित्सा और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

    वर्तमान में प्रदेश में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 10 कन्या, 6 बालक एवं 59 संयुक्त विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक प्रति कक्षा 60 सीटों के अनुसार 420 छात्रों को प्रवेश देने का प्रावधान है। शिक्षण सत्र 2024-25 में इन विद्यालयों में 25,860 सीटें स्वीकृत थीं, जिनमें 25,074 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

    प्रदेश के एकलव्य विद्यालयों के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2023-24 में 3 विद्यार्थियों ने जेईई और 5 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा क्वालिफाई किया है। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति, नई दिल्ली द्वारा प्रवर्तित हैं। ये विद्यालय शत-प्रतिशत सहायता प्राप्त हैं और इनमें अनुसूचित जनजाति के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आवासीय शिक्षा के माध्यम से शैक्षणिक, मानसिक, बौद्धिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए श्रेष्ठ सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।

  • मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान श्री राजीव लोचन की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान श्री राजीव लोचन की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

    रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान श्री राजीव लोचन मंदिर में आज पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने त्रिवेणी संगम में स्थित भगवान श्री कुलेश्वरनाथ महादेव का जलाभिषेक कर छत्तीसगढ़ की उन्नति और प्रगति की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम है।

    महानदी मैया की महाआरती में हुए शामिल

    राजिम कुंभ कल्प के अंतर्गत आयोजित महानदी मैया की भव्य महाआरती में मुख्यमंत्री श्री साय मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के मध्य विधि-विधान से शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने महानदी मैया से प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

    इस अवसर पर खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, वन एवं जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजिम विधायक श्री रोहित साहू, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल तथा अन्य गणमान्य नागरिक, संत महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर किया नमन

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर किया नमन

    रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 27 फरवरी को महान स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायक थे, जिनके भीतर मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और अपराजेय साहस था। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आजाद जी ने अपने जीवन की अंतिम सांस तक स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया, लेकिन कभी भी ब्रिटिश हुकूमत के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया। उनका बलिदान देशभक्ति, स्वाभिमान और वीरता का अद्वितीय उदाहरण है, जिसने हजारों युवाओं के हृदय में क्रांति की मशाल प्रज्वलित कर दी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद जी का जीवन हमें त्याग, साहस और निडरता की सीख देता है। चंद्रशेखर आजाद जी की देशभक्ति की भावना आज भी राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना रखते हुए देशहित में निरंतर कार्य करने की प्रेरणा हम सभी को देती है।

  • होलकर विज्ञान महाविद्यालय में हुई घटना के संबंध में कलेक्टर श्री आशीष सिंह द्वारा कराई गई जांच की रिपोर्ट हुई प्राप्त

    होलकर विज्ञान महाविद्यालय में हुई घटना के संबंध में कलेक्टर श्री आशीष सिंह द्वारा कराई गई जांच की रिपोर्ट हुई प्राप्त

    प्राचार्य द्वारा प्रस्तुत शिकायत सत्य पाई गई

    इंदौर। इंदौर के होलकर विज्ञान महाविद्यालय में गत दिनों हुई घटना के संबंध में कलेक्टर श्री आशीष सिंह द्वारा कराई गई जांच की रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। यह जांच अपर कलेक्टर श्री राजेंद्र सिंह रघुवंशी द्वारा की गई थी। जांच में पाया गया कि प्राचार्य द्वारा प्रस्तुत शिकायत सत्य हैं।

    जांच रिपोर्ट में बताया गया कि छात्रों द्वारा बिना प्राचार्य की अनुमति के महाविद्यालय परिसर में होली उत्सव मनाने के पोस्टर 23 फरवरी 2025 को लगाये थे, जिसे प्राचार्य के निर्देश पर हटवाया गया था। जिसके विरोध में छात्रों द्वारा प्रदर्शन किया गया। आलेख द्विवेदी, पीयूष, सचिन राजपूत एवं सना द्वारा छात्र-छात्राओं के आन्दोलन का नेतृत्व किया जा रहा था। आन्दोलनकारी छात्रों द्वारा ही यशवन्त हॉल के दरवाजे की चिटकनी लगाकर दरवाजा बन्द करने एवं हॉल में विद्युत सप्लाई बाधित करने का कार्य किया गया था। छात्रों का उक्त कृत्य निश्चित रुप से अनुशासनहीनता हैं। इसको देखते हुए नेतृत्वकर्ता आलेख द्विवेदी, पीयूष, सचिन राजपूत एवं सना के विरुद्ध महाविद्यालय की अनुशासन समिति से कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाने की अनुशंसा की गई हैं।