आज बुधवार 7 जनवरी 2026 को सर्राफा बाजार और वायदा बाजार (MCX) में सोने और चांदी की कीमतों में भारी उथल-पुथल देखी जा रही है. पिछले कुछ दिनों की रिकॉर्ड तेजी के बाद आज निवेशकों के मुनाफावसूली (Profit Booking) के कारण कीमतों में गिरावट आई है. अभी 10:15 बजे MCX पर फरवरी कॉन्‍ट्रैक्‍ट वाले सोने के भाव में 794 रुपये की ग‍िरावट देखी जा रही है. इसके बाद 24 कैरट सोने का भाव 138289 रुपये प्रत‍ि 10 ग्राम हो गया है. वहीं चांदी की कीमत में भी आज भारी ग‍िरावट देखी गई. चांदी की कीमत में 3,697 रुपये की अभी ग‍िरावट देखी जा रही है, ज‍िसके बाद प्रत‍ि क‍िलोग्राम चांदी का भाव 255114 रुपये के स्‍तर पर आ गया है.

कई द‍िनों से तेजी में था सोना

पिछले सेशन में, बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव और बढ़ी हुई ग्लोबल अनिश्चितता के बीच सेफ-हेवन डिमांड के कारण दोनों मेटल्स में तेजी आई थी. निवेशकों का सेंटिमेंट डिफेंसिव होने के कारण, बुलियन को मार्केट की अस्थिरता के खिलाफ हेज के तौर पर सपोर्ट मिल रहा है. इंटरनेशनल मार्केट में, स्पॉट गोल्ड पिछले सेशन में लगभग 3% की तेजी के बाद 0.6% गिरकर $4,469.04 प्रति औंस हो गया. अब सभी की नजरें फेडरल रिजर्व की इंटरेस्ट रेट की दिशा के बारे में संकेतों के लिए आने वाले US पेरोल डेटा पर हैं.

तनाव को बढ़ाते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कोलंबिया, क्यूबा और मैक्सिको को अवैध ड्रग शिपमेंट के बारे में कड़ी चेतावनी दी, जिससे बाजार में बेचैनी और बढ़ गई. मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, स्विस अधिकारियों ने कथित तौर पर उनकी संपत्ति फ्रीज करने का आदेश दिया, एक ऐसा कदम जिसके बारे में विश्लेषकों का मानना ​​है कि इससे सोने और चांदी में सेफ-हेवन फ्लो बढ़ सकता है.

क्‍यों ग‍िरा आज सोने चांदी का भाव

  1. रिकॉर्ड स्तर पर मुनाफावसूली (Profit Booking)
    पिछले कुछ दिनों से सोने और चांदी की कीमतें  अपने अब तक के सबसे उच्चतम स्तर (Record Highs) पर ट्रेड कर रही थीं. जब कीमतें बहुत अधिक बढ़ जाती हैं, तो निवेशक और बड़े फंड हाउस अपना मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बिकवाली शुरू कर देते हैं. आज बाजार में इसी सेलिंग प्रेशर की वजह से कीमतें नीचे आईं.
  2. अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना (Dollar Index)
    वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में मजबूती आई है. चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का व्यापार डॉलर में होता है, इसलिए डॉलर के मजबूत होने से अन्य देशों (जैसे भारत) के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है. इससे वैश्विक मांग में कमी आती है, जिसका असर कीमतों पर पड़ता है.
  3. आर्थिक आंकड़े और ब्याज दरें (Fed Policy)
    अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें थोड़ी कम हुई हैं. अगर ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो निवेशक सोने (जो ब्याज नहीं देता) के बजाय ट्रेजरी बॉन्ड्स और फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसा लगाना बेहतर समझते हैं. हालिया अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने सोने की इस तेजी पर ‘ब्रेक’ लगाने का काम किया है.

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Hasina
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