Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्वयं को मुख्यमंत्री का ओएसडी बताकर धमकी देने वाले आरोपी को पुलिस ने चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। आरोपी की पहचान विशाल नगर, तेलीबांधा निवासी अखिलेश सिंह के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी चिंतामणी पंडा, निवासी खमतराई ने थाना सिविल लाइन में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि पारिवारिक विवाद के कारण वह कुछ दिनों से अपनी पत्नी से अलग रह रहा है। इसी बीच दिनांक 15 दिसंबर 2025 को दोपहर के समय लोधीपारा चौक के पास एक अज्ञात मोबाइल नंबर से उसे फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को मुख्यमंत्री का ओएसडी रवि मिश्रा बताते हुए प्रार्थी पर दबाव बनाया।

आरोपी ने फोन पर कहा कि वह अपनी पत्नी से आपसी सुलह कर ले, अन्यथा उसकी पत्नी द्वारा दिए गए आवेदन को बड़े-बड़े अधिकारियों तक पहुंचाकर उसे सबक सिखाया जाएगा। आरोपी की भाषा और ओहदे का हवाला देने से प्रार्थी डर गया और इसे गंभीर मामला मानते हुए तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना सिविल लाइन में अज्ञात मोबाइल धारक के विरुद्ध अपराध क्रमांक 663/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 319(2), 336(3), 340(2) और 351(3) के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। संयुक्त टीम ने सबसे पहले प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ की। इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की साइबर विंग टीम द्वारा उस मोबाइल नंबर का तकनीकी विश्लेषण शुरू किया गया, जिससे प्रार्थी को धमकी भरा फोन आया था।

तकनीकी जांच के दौरान मोबाइल नंबर की लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान विशाल नगर, तेलीबांधा निवासी अखिलेश सिंह के रूप में की गई। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की पतासाजी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी अखिलेश सिंह ने स्वीकार किया कि प्रार्थी की पत्नी उसकी मुंहबोली बहन है। उसने बताया कि वह दोनों पति-पत्नी के बीच समझौता कराकर उन्हें फिर से एक साथ रहने के लिए मजबूर करना चाहता था। इसी उद्देश्य से उसने खुद को

मुख्यमंत्री का ओएसडी रवि मिश्रा बताकर प्रार्थी को धमकी दी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। आरोपी के विरुद्ध नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी व्यक्ति द्वारा शासकीय पद या अधिकारी का नाम लेकर धमकी देना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को किसी बड़े अधिकारी या प्रभावशाली पद पर पदस्थ बताकर डराने-धमकाने का प्रयास करे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें और ऐसे फोन कॉल या संदेशों से सतर्क रहें।

Author Profile

Knock India
Exit mobile version