Durg. दुर्ग। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के तहत सोमवार 01 दिसंबर 2025 को दुर्ग जिले में 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केन्द्रों में कुल 14,879 किसानों से 78,707.80 मे. टन धान खरीदी गई। इस दौरान किसानों को शासन की पारदर्शी व्यवस्था और तुंहर टोकन के माध्यम से सभी सुविधाएं प्रदान की गईं, जिससे वे आसानी से और निर्धारित तिथि पर उपार्जन केन्द्रों में अपनी फसल बेचने पहुंचे। प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने आज बिरेझर उपार्जन केन्द्र का निरीक्षण किया। मंत्री ने किसानों से सीधे संवाद किया और खरीदी की प्रक्रिया, भुगतान प्रणाली और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के हित में धान खरीदी में पारदर्शिता लाने के लिए अनेक पहल की हैं। तुंहर टोकन प्रणाली के जरिए किसानों को लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ रही और भुगतान समय पर किया जा रहा है।

मंत्री ने किसानों को बताया कि यह नई व्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक प्रभाव डाल रही है और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार खरीदी केन्द्रों में सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। किसानों ने मंत्री को अवगत कराया कि जिला प्रशासन ने खरीदी केन्द्रों में बारदाना की उपलब्धता, इलेक्ट्रॉनिक तौल की व्यवस्था, पेयजल और विश्राम की सुविधा तथा तुंहर टोकन प्रणाली जैसी सुविधाओं का प्रबंध किया है। किसानों ने बताया कि निर्धारित तिथि पर वे अपने धान को बेचने उपार्जन केन्द्र पहुंच रहे हैं और व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं।

मंत्री गजेंद्र यादव ने इस दौरान समिति प्रबंधक को किसानों के हित में और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि आने वाले समय में धान खरीदी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के प्रयास किए जाएंगे। इस निरीक्षण के दौरान मंत्री ने किसानों से उनकी समस्याओं और सुझावों के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को देखते हुए सरकारी टीम तुरंत सुधारात्मक कदम उठाएगी। मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि तुंहर टोकन की ऑनलाइन प्रणाली से समय की बचत हो रही है और किसानों को अपने गांव के निकट ही धान बेचने में सुविधा मिल रही है। जिले में धान खरीदी के दौरान किसानों को मिलने वाली सुविधाओं, तौल और भुगतान की पारदर्शिता, पेयजल और विश्राम की उचित व्यवस्था ने किसानों में संतोष की भावना पैदा की है। मंत्री गजेंद्र यादव का यह निरीक्षण किसानों के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आया कि सरकार हमेशा उनके हित में निर्णय ले रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सतत प्रयास कर रही है।

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