New Delhi. नई दिल्ली। संसद के बालयोगी सभागार में भारत के शहरों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ रविवार को नई दिल्ली में एक अभूतपूर्व कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना,टी वी मुक्त भारत अभियान,सांसद खेलों महोत्सव कार्यक्रम, बालक संस्कृति सफ़र तथा सांसद क्षेत्र में सक्रियता के नवाचार पूर्ण विचारों सहित विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा हुई। बैठक में शहरी क्षेत्र की विकास योजनाओं सहित सांसदों द्वारा किए गए अनुकरणीय कार्यों पर चर्चा की गई। रायपुर के

सांसद और वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल के मॉडरेशन में में आयोजित इस सत्र में असम, बिहार, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, तेलंगाना और राजधानी दिल्ली सहित 14 राज्यों के 41 सांसदों ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य केंद्र ‘स्वच्छता’ रहा, जिसमें पिछले एक दशक में शहरी भारत के कायाकल्प की नींव रखने वाली सरकारी योजनाओं और शहरों द्वारा अपनाई गई सर्वोत्तम प्रथाओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

प्रशिक्षण कार्यशाला को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव, केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सहित 40 सांसदों ने भी अपने अनुभवों को साझा किया। कार्यशाला का संचालन करते हुए, बृजमोहन अग्रवाल ने सभी उपस्थित सांसदों का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा, “पिछले 10 वर्षों में हमने अपने शहरों को बदलते देखा है, एक ऐसा बदलाव जो अभूतपूर्व है। आज हम इसी सकारात्मक

बदलाव की नींव और उस पर संरचित शहरों के विकास पर चर्चा करने के लिए एकत्रित हुए हैं। हमारा विशेष फोकस स्वच्छता पर रहेगा, जो एक स्वस्थ और समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला है।” चर्चा का पहला स्तंभ उन दूरदर्शी सरकारी योजनाओं पर केंद्रित रहा, जिन्होंने शहरी भारत के कायाकल्प की नींव रखी है। सूरत के सांसद मुकेश कुमार चंद्रकांत दलाल, बेंगलुरु सेंट्रल के सांसद पीसी मोहन,भुवनेश्वर की सांसद अपराजिता सारंगी ने भी नवाचार के अपने विचार साझा किया।

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