बस्तर की धरती के जनप्रतिनिधि और सांसद महेश कश्यप बुधवार को अपने परिवार — धर्मपत्नी चंपा कश्यप और पुत्री क्षमता कश्यप — के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सांसद भवन, नई दिल्ली में सौजन्य मुलाकात करने पहुंचे। यह मुलाकात न केवल आत्मीय रही बल्कि इसमें बस्तर की पहचान और संस्कृति की झलक भी देखने को मिली।

इस मौके पर सांसद महेश कश्यप ने प्रधानमंत्री मोदी को विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा का आमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने इस आमंत्रण को पूरे आत्मीय भाव से स्वीकार किया और समय निकालकर बस्तर दशहरे में शामिल होने का आश्वासन भी दिया।

मुलाकात के दौरान सांसद कश्यप ने प्रधानमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया और बस्तर में केंद्र सरकार की योजनाओं से हो रहे विकास कार्यों के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले ग्यारह वर्षों में देश ने ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं।

सांसद कश्यप ने उल्लेख किया कि धारा 370 और 35ए हटाने का साहसिक निर्णय हो या अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, इन कदमों ने भारत की आत्मा को पुनर्जीवित कर दुनिया में एक नई पहचान दिलाई है।

बातचीत के दौरान उन्होंने बस्तर की बदलती तस्वीर का भी ज़िक्र किया। कभी नक्सलवाद से जूझते इस आदिवासी अंचल में अब विकास और शांति की बयार बह रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2026 तक बस्तर को पूरी तरह नक्सलवाद मुक्त बनाने की ठोस योजना पर काम हो रहा है।

सांसद कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री बार-बार बस्तर का ज़िक्र अपने कार्यक्रमों में करते हैं, जो इस क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है और यह दर्शाता है कि बस्तर प्रधानमंत्री के हृदय के बेहद निकट है।

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