नई दिल्ली । विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इस महीने भारतीय शेयर बाजारों से 22,194 करोड़ रुपये की निकासी की है। यह निकासी दिसंबर माह के 15,446 करोड़ रुपये के निवेश के बाद आई है। विदेशी निवेशकों का एफपीआई बिकवाली के पीछे कुछ कारकों का इसमें जिम्मेदार माना जा रहा है। कंपनियों के तिमाही नतीजे कमजोर रहने, डॉलर में मजबूती, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन में शुल्क युद्ध तेज होने और साथ ही भारतीय बाजारों में असमंजस के कारण इस बिकवाली का मुख्य कारण भी माना जा रहा है। भारतीय रुपये के निचले स्तर अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल और भारतीय शेयर बाजार के ऊंचे मूल्यांकन के कारण भी विदेशी निवेशकों ने अपना निवेश घटाया है। अनुसंचारित आंकड़ों के अनुसार इस महीने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयरों से 22,194 करोड़ रुपये निकाले हैं। बाजार के जानकारों ने कहा कि डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी, 10 साल के बॉन्ड पर प्रतिफल और अन्य कारकों के कारण निवेशक उभरते बाजारों से निकासी कर रहे हैं। बीते साल उन्होंने भारतीय शेयरों में सिर्फ 427 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। वहीं 2023 में उन्होंने 1.71 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया था।

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News Desk
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