सुकमा। एक गांव में आधी रात इंसानियत की परीक्षा हुई. जंगल से आती रोने की आवाज ने ग्रामीणों को चौंका दिया. अंधेरे और सूनसान इलाके में नवजात लावारिस पड़ा मिला. बिना देर किए गांव की महिलाएं और युवक मौके पर पहुंचे. बच्चे को सुरक्षित गांव लाया गया. सूचना मिलते ही जनप्रतिनिधि भी सक्रिय हुए. रात में ही एम्बुलेंस की व्यवस्था कराई गई.

स्वास्थ्य अमले को तत्काल अलर्ट किया गया. खुले में पड़े रहने से शिशु को कीड़े-मकोड़ों ने काटा था. समय पर मदद न मिलती तो जान का खतरा था. जिला अस्पताल में इलाज शुरू किया गया. डॉक्टरों के मुताबिक हालत स्थिर है. ग्रामीणों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

घर बैठे कमाई का सपना युवक को भारी पड़ गया. व्हाट्सऐप ग्रुप से शुरू हुआ संपर्क भरोसे में बदल गया. छोटे टास्क देकर पहले विश्वास जीता गया. फिर बड़े मुनाफे का लालच दिया गया. डिजिटल मार्केटिंग और निवेश का झांसा दिया गया. अलग-अलग किस्तों में पैसे डलवाए गए. जब रकम बढ़ी तो परेशानी शुरू हुई. पैसे निकालने पर नए चार्ज बताए गए. टैक्स और फीस के नाम पर और मांग हुई. धीरे-धीरे संपर्क टूट गया. कुल सात लाख से ज्यादा की ऑनलाइन ठगी हुई. पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

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